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सोशल मीडिया पर महंगी पड़ेगी अनाप-शनाप लिखने की लत

Wed, 03 Feb 2021 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:28 PM IST
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Addiction to write nonsense
सोशल मीडिया पर महंगी पड़ेगी अनाप-शनाप लिखने की लत
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बस्ती। सोशल मीडिया पर अति-उत्साह में अनाप-शनाप लिखने की लत पड़ गई हो तत्काल सुधार कर लेने की जरूरत है। यदि किसी ने फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्स एप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उत्तेजक, भड़काऊ, अश्लील सामग्री परोसा तो भारी पड़ सकती है। किसी पर धार्मिक, राजनैतिक, चारित्रिक टिप्पणी करने से परहेज करना ही बेहतर है। अन्यथा साइबर सेल कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर चुका है।
फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप की गतिविधियों पर साइबर सेल की टीमें पैनी नजर रख रही हैं। एसपी हेमराज मीणा के मुताबिक साइबर व आईटी टीमों को 24 घंटे अलर्ट किया गया है। वर्ष-2020 में आईटी से संबंधित 67 शिकायतों में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें 29 मामले सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के थे। मुख्यमंत्री, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित तमाम मामले में पोस्ट करने वाले सहित 55 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार भी की थी। अब पंचायत चुनाव की सरगर्मी और किसान आंदोलन की संवेदनशीलता के बीच सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी प्रतिक्रिया आ रही है। कई यूजर उत्साह में कुछ भी लिखने से गुरेज नहीं करते। ऐसे में पुलिस अलर्ट है।
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22 अप्रैल-2020 को फेसबुक पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नगर थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन थाना प्रभारी संजय नाथ तिवारी ने इसी थाने के अठदमा निवासी युवक के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत नामजद करते हुए गिरफ्तार किया था। 24 दिसंबर-2019 को कांग्रेस पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को लेकर सोशल मीडिया में एक युवक ने अभद्र टिप्पणी की थी। साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान करके कोतवाली के निरीक्षक देवनंदन उपाध्याय की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था।
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आईटी एक्ट के तहत होने वाली कार्रवाई
अधिवक्ता नरेंद्र पांडेय बताते हैं कि कंप्यूटर का डेटा छेड़ना या हैक करना धारा 66, प्रतिबंधित सूचनाएं भेजना धारा 66 ए, सूचनाएं चुराने पर दंड धारा 66-बी, किसी की पहचान चोरी करने पर धारा 66-सी, पहचान छिपाकर कंप्यूटर से किसी के व्यक्तिगत डेटा से छेड़छाड़ धारा 66-डी, किसी की निजता भंग करने के लिए धारा 66-ई, साइबर आतंकवाद के लिए दंड धारा 66- एफ, आपत्तिजनक सूचनाओं का प्रकाशन धारा 67, फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर में धारा 73 के तहत कार्रवाई करने का विधान है।

सावधानी से ही बचाव संभव
किसी विषय पर आपत्तिजनक कमेंट न करें, भड़काऊ पोस्ट को हाइड या डिलीट कर दें, अपरिचित से निजी जानकारी शेयर न करें, थर्ड पार्टी एप के प्रति सतर्क रहें, प्रोफाइल को ज्यादा हाईफाई न बनाएं, एड पर क्लिक या लाइक में बरतें सावधानी, आईडी हैक होने पर आईटी सेल से शिकायत करें।
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