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बकायेदार 27 राइस मिलों पर शिकंजा

Sun, 25 Mar 2018 11:51 PM IST
basti
basti Updated Sun, 25 Mar 2018 11:51 PM IST
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action on rice mills
rice
बस्ती। 
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खाद्य एवं रसद विभाग के सरकारी चावल बकाया में 27 राइस मिलों पर शासन के निर्देश पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत उन सभी राइस मिल जिनके खिलाफ आरसी जारी है को समीक्षा के बाद कार्रवाई के लिए डीएम ने सहमति दी है। दस करोड़ बकाया की वसूली के लिए विभाग सख्ती करने की तैयारी कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से लेकर 2013 तक धान खरीद के बाद राइस मिलों से एफसीआई ने सरकारी चावल नहीं लिया। इसके पीछे तमाम तकनीकी कारण एफसीआई ने गिनाए, मगर राइस मिलरों का कहना है कि एफसीआई ने समय से चावल नहीं लिए, चूंकि मिलों के पास तकनीकी गोदाम नहीं थे, ऐसे में चावल खराब हो गया। हालांकि, इस तर्क को शासन ने नकार दिया और करीब 39 करोड़ के बकाया की राशि में अधिकतर की वसूली कर ली है। फिर भी अभी 27 राइस मिलों पर करीब दस करोड़ से अधिक का सरकारी चावल बाकी है। राइस मिलर कोर्ट की शरण में भी गए, मगर वहां से उन्हें किस्तों में बकाया देने का आदेश सुना दिया गया। अब कोर्ट के निर्णय के बाद खाद्य एवं रसद विभाग वसूली के लिए कमर कस रहा है। इसके लिए विभाग ऐसे राइस मिलों के खिलाफ सम्पत्ति जब्ती व नीलामी की तैैयारी कर रहा है। जिला विपणन अधिकारी जीएन त्रिपाठी ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि डीएम ने बकाया रुपयों की वसूली के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। डीएम ने सरकारी चावल के गबन में पूर्व के अधिकारी को भी जिम्मेदार करार दिया है। डीएम ने कहा है कि जिन राइस मिलों ने 2011-12 में कुटाई के बाद चावल वापस नहीं किया तो फिर उन्हें अगले वर्ष धान क्यों दिया गया। डिप्टी आरएमओ ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से एक पाई की वसूली नहीं की गई थी, मगर इधर दस लाख रुपये बकाया वसूला गया है। शेष के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अब वसूली के लिए विभाग सख्ती करेगा।
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