{"_id":"653c0ceebc11311af700cf74","slug":"action-on-paper-laxity-on-ground-raw-liquor-dominates-majha-basti-news-c-207-1-sgkp1006-6253-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: कागजों में कार्रवाई, धरातल पर ढिलाई, माझा में कच्ची शराब ने धाक जमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: कागजों में कार्रवाई, धरातल पर ढिलाई, माझा में कच्ची शराब ने धाक जमाई
विज्ञापन
- आबकारी विभाग पर भारी पड़ रहे कच्ची शराब के धंधेबाज
- तमाम कार्रवाई का दावा, फिर भी ठंडी नहीं हो रही कच्ची शराब की भट्ठियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आबकारी विभाग की कागजी कार्रवाई से माझा में कच्ची शराब ने धाक जमा ली है। इसी सप्ताह 3000 लीटर लहन व भारी मात्रा में कच्ची शराब की बरामदगी इस बात की ओर संकेत दे रहे हैं कि सरयू की दियारा में कच्ची शराब की भट्ठियां फिर से धधकने लगी हैं। कच्ची शराब के धंधेबाज आबकारी विभाग पर भारी पड़ गए हैं। सेटिंग का लाभ लेकर इन्हें संरक्षण भी दिया जा रहा है।
कच्ची शराब को लेकर तंत्र से लगायत पूरा अमला कार्रवाई का दावा करते से नहीं अघाता है, मगर इस कार्रवाई का नतीजा अब तक शून्य ही रहा है। जिले में सरयू के दियारा से लगायत माझा के करीब दर्जन भर गांव में कच्ची शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि माझा में कच्ची शराब निकालने व उसकी बिक्री की जानकारी भी आबकारी विभाग के अधिकारियों को है। क्योंकि आबकारी अधिकारी राजेश त्रिपाठी स्वयं इसे मनाते हैं। कहते हैं कि माझा में कच्ची शराब का धंधा हो रहा है, मगर कार्रवाई भी की जा रही है।
-- -- -- -
कच्ची शराब के लिए बदनाम है यह गांव
घाघरा और कुआनों नदी के किनारे 36 गांव ऐसे हैं, जहां कच्ची शराब कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में कच्ची शराब का धंधा जड़ जमा चुका है। क्षेत्र के करिगहना, ककरा, बरहपुर काजी, बरहपुर पांडेय, हरनहवा, सिकंदरपुर, जटौलिया, सोनबरसा, सेरवापट्टी, जमौलिया पांडेय, नेवादा आदि गांव कच्ची शराब के धंधे के लिए बदनाम है। यहां दर्जनों भट्ठियां शाम होते ही धधकने लगती हैं। इसी प्रकार कप्तानगंज थाना क्षेत्र के थूहा, खोभा, दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाईं, अखंडपुर, माझा किताअव्वल, पंडूल घाट, रमवापुर, सिसौनी, खदरा तो छावनी के माझा क्षेत्र में संदलपुर, खतौना, सीतारामपुर, छुनहटा, भौटिया, हर्रैया थाने के बेलाड़े खटिकहिया, मुरादीपुर, मलकनिया, गंगापुर आदि गांव में कच्ची शराब का धंधा चल रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
कच्ची शराब के लिए बदनाम गांवों पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। इसी सप्ताह अच्छी रिकवरी हुई है। लगातार नजर रखी जा रही है। सूचना मिलने पर कार्रवाई होगी। कहा कि सरयू के किनारे तथा माझा क्षेत्र में कच्ची शराब का धंधा होता है। इस पर नजर है।
-राजेश त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
- तमाम कार्रवाई का दावा, फिर भी ठंडी नहीं हो रही कच्ची शराब की भट्ठियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आबकारी विभाग की कागजी कार्रवाई से माझा में कच्ची शराब ने धाक जमा ली है। इसी सप्ताह 3000 लीटर लहन व भारी मात्रा में कच्ची शराब की बरामदगी इस बात की ओर संकेत दे रहे हैं कि सरयू की दियारा में कच्ची शराब की भट्ठियां फिर से धधकने लगी हैं। कच्ची शराब के धंधेबाज आबकारी विभाग पर भारी पड़ गए हैं। सेटिंग का लाभ लेकर इन्हें संरक्षण भी दिया जा रहा है।
कच्ची शराब को लेकर तंत्र से लगायत पूरा अमला कार्रवाई का दावा करते से नहीं अघाता है, मगर इस कार्रवाई का नतीजा अब तक शून्य ही रहा है। जिले में सरयू के दियारा से लगायत माझा के करीब दर्जन भर गांव में कच्ची शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि माझा में कच्ची शराब निकालने व उसकी बिक्री की जानकारी भी आबकारी विभाग के अधिकारियों को है। क्योंकि आबकारी अधिकारी राजेश त्रिपाठी स्वयं इसे मनाते हैं। कहते हैं कि माझा में कच्ची शराब का धंधा हो रहा है, मगर कार्रवाई भी की जा रही है।
विज्ञापन
कच्ची शराब के लिए बदनाम है यह गांव
घाघरा और कुआनों नदी के किनारे 36 गांव ऐसे हैं, जहां कच्ची शराब कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में कच्ची शराब का धंधा जड़ जमा चुका है। क्षेत्र के करिगहना, ककरा, बरहपुर काजी, बरहपुर पांडेय, हरनहवा, सिकंदरपुर, जटौलिया, सोनबरसा, सेरवापट्टी, जमौलिया पांडेय, नेवादा आदि गांव कच्ची शराब के धंधे के लिए बदनाम है। यहां दर्जनों भट्ठियां शाम होते ही धधकने लगती हैं। इसी प्रकार कप्तानगंज थाना क्षेत्र के थूहा, खोभा, दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाईं, अखंडपुर, माझा किताअव्वल, पंडूल घाट, रमवापुर, सिसौनी, खदरा तो छावनी के माझा क्षेत्र में संदलपुर, खतौना, सीतारामपुर, छुनहटा, भौटिया, हर्रैया थाने के बेलाड़े खटिकहिया, मुरादीपुर, मलकनिया, गंगापुर आदि गांव में कच्ची शराब का धंधा चल रहा है।
विज्ञापन
कच्ची शराब के लिए बदनाम गांवों पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। इसी सप्ताह अच्छी रिकवरी हुई है। लगातार नजर रखी जा रही है। सूचना मिलने पर कार्रवाई होगी। कहा कि सरयू के किनारे तथा माझा क्षेत्र में कच्ची शराब का धंधा होता है। इस पर नजर है।
-राजेश त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी