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Basti News: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजी आचार्य शुक्ल की जन्मभूमि अगौना
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कलवारी (बस्ती)। हिंदी साहित्य के महान समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती शनिवार को उनकी जन्मभूमि अगौना स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज में मनाई गई। स्मृति समारोह, काव्य गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं की प्रस्तुतियों तथा कवियों की रचनाओं ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में आचार्य शुक्ल के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल और पूर्व विधायक अंबिका सिंह ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण तथा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. केपी मिश्र ने अतिथियों का माला पहनाकर और बैज लगाकर स्वागत किया। अध्यक्षता डॉ. रामनरेश सिंह मंजुल ने की, जबकि संचालन कवि डॉ. रामकृष्ण लाल जगमग ने किया।
मुख्य अतिथि महेश शुक्ल ने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अगौना की मिट्टी से निकलकर हिंदी साहित्य में देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई। उनका साहित्यिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी रचनाएं और विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। पूर्व विधायक अंबिका सिंह और डॉ. रोली सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। शशि, मधु और रागिनी ने सरस्वती वंदना की, जबकि रिया, गरिमा, सलोनी, आंचल और तन्नू ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सिमरन और गरिमा ने दहेज प्रथा पर आधारित गीत के माध्यम से सामाजिक कुरीति पर प्रहार किया। अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों की सराहना बटोरी। इस दौरान हाईस्कूल की महिमा तथा इंटरमीडिएट की मनिका और महिमा को विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्या नंदिनी मिश्रा, प्रधानाध्यापिका प्रतिमा देवी, विनोद मिश्र, प्रमोद मिश्र, सुरेश सिंह, संतोष सिंह, विवेक पांडेय, श्यामदेव निगम, मोतीलाल गुप्ता, अनिल भारती, राम कोमल सिंह और जगन्नाथ सिंह मौजूद रहे।
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कवियों ने हास्य-व्यंग्य से बांधा समां
काव्य गोष्ठी में डॉ. रामनरेश सिंह ‘मंजुल’, डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’, विनोद उपाध्याय, दीपक सिंह प्रेमी, डॉ. अफजल हुसैन और तेज प्रताप शुक्ल ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हास्य-व्यंग्य सहित विभिन्न भावों की कविताओं पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।
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शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल और पूर्व विधायक अंबिका सिंह ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण तथा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. केपी मिश्र ने अतिथियों का माला पहनाकर और बैज लगाकर स्वागत किया। अध्यक्षता डॉ. रामनरेश सिंह मंजुल ने की, जबकि संचालन कवि डॉ. रामकृष्ण लाल जगमग ने किया।
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मुख्य अतिथि महेश शुक्ल ने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अगौना की मिट्टी से निकलकर हिंदी साहित्य में देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई। उनका साहित्यिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी रचनाएं और विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। पूर्व विधायक अंबिका सिंह और डॉ. रोली सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। शशि, मधु और रागिनी ने सरस्वती वंदना की, जबकि रिया, गरिमा, सलोनी, आंचल और तन्नू ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सिमरन और गरिमा ने दहेज प्रथा पर आधारित गीत के माध्यम से सामाजिक कुरीति पर प्रहार किया। अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों की सराहना बटोरी। इस दौरान हाईस्कूल की महिमा तथा इंटरमीडिएट की मनिका और महिमा को विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्या नंदिनी मिश्रा, प्रधानाध्यापिका प्रतिमा देवी, विनोद मिश्र, प्रमोद मिश्र, सुरेश सिंह, संतोष सिंह, विवेक पांडेय, श्यामदेव निगम, मोतीलाल गुप्ता, अनिल भारती, राम कोमल सिंह और जगन्नाथ सिंह मौजूद रहे।
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कवियों ने हास्य-व्यंग्य से बांधा समां
काव्य गोष्ठी में डॉ. रामनरेश सिंह ‘मंजुल’, डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’, विनोद उपाध्याय, दीपक सिंह प्रेमी, डॉ. अफजल हुसैन और तेज प्रताप शुक्ल ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हास्य-व्यंग्य सहित विभिन्न भावों की कविताओं पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।