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कजाकिस्तान में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं हैंडबाल खिलाड़ी आराधना
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दुनिया में बस्ती जिले का नाम रोशन करना चाहती हैं आराधना
बस्ती। छह बार राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताएं खेल चुकीं आराधना त्रिपाठी (17) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। कजाकिस्तान में मार्च 2022 में आयोजित नौवीं एशियन वूमेन यूथ हैंडबॉल चैंपियनशिप में वे भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं।
वर्तमान में वे अयोध्या स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल ढाबा सीमर छात्रावास में हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं। शहर के मूड़घाट निवासी स्व. सुनील कुमार त्रिपाठी और सूर्यमति की बेटी आराधना जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज करा चुकी हैं। अयोध्या स्थित मिशन इंटर कॉलेज से 2021 में 12वीं पास करने के बाद भी वे छात्रावास में रहकर प्रशिक्षण ले रही हैं। लॉकडाउन के बाद जब खेल गतिविधियां ठप हो गईं तब आराधना अयोध्या से घर लौट आईं। यहीं अमर शहीद सत्यवान सिंह क्षेत्रीय क्रीड़ा स्टेडियम में हैंडबाल का अभ्यास करने लगीं।
आराधना बताती हैं कि कजाकिस्तान में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। स्वयं को सौभाग्यशाली समझती हूं कि मुझे अंतरराष्ट्रीय पटल अपने देश की ओर से खेलने का मौका मिला। बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें देश के लिए खेलने का मौका मिल पाता है। उनकी मां सूर्यमति बताती हैं कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद उसने अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का लोहा मनवाया। मुझे यकीन है कि हैंडबॉल में वह एक दिन बड़ा मुकाम हासिल करेगी।
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हैंडबाल की अच्छी समझ रखती हैं आराधना
- जिला हैंडबॉल संघ के सचिव अजय कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि आराधना हैंडबॉल को लेकर गंभीर रहती हैं। वह एक सधे हुए खिलाड़ी की भांति मैदान पर अभ्यास करती हैं। उन्हें हैंडबॉल की अच्छी समझ है। एक दिन वह हैंडबॉल की दुनिया में बड़ा नाम करेंगी।
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बस्ती। छह बार राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताएं खेल चुकीं आराधना त्रिपाठी (17) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। कजाकिस्तान में मार्च 2022 में आयोजित नौवीं एशियन वूमेन यूथ हैंडबॉल चैंपियनशिप में वे भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं।
वर्तमान में वे अयोध्या स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल ढाबा सीमर छात्रावास में हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं। शहर के मूड़घाट निवासी स्व. सुनील कुमार त्रिपाठी और सूर्यमति की बेटी आराधना जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज करा चुकी हैं। अयोध्या स्थित मिशन इंटर कॉलेज से 2021 में 12वीं पास करने के बाद भी वे छात्रावास में रहकर प्रशिक्षण ले रही हैं। लॉकडाउन के बाद जब खेल गतिविधियां ठप हो गईं तब आराधना अयोध्या से घर लौट आईं। यहीं अमर शहीद सत्यवान सिंह क्षेत्रीय क्रीड़ा स्टेडियम में हैंडबाल का अभ्यास करने लगीं।
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आराधना बताती हैं कि कजाकिस्तान में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। स्वयं को सौभाग्यशाली समझती हूं कि मुझे अंतरराष्ट्रीय पटल अपने देश की ओर से खेलने का मौका मिला। बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें देश के लिए खेलने का मौका मिल पाता है। उनकी मां सूर्यमति बताती हैं कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। तमाम कठिनाइयों के बावजूद उसने अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का लोहा मनवाया। मुझे यकीन है कि हैंडबॉल में वह एक दिन बड़ा मुकाम हासिल करेगी।
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हैंडबाल की अच्छी समझ रखती हैं आराधना
- जिला हैंडबॉल संघ के सचिव अजय कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि आराधना हैंडबॉल को लेकर गंभीर रहती हैं। वह एक सधे हुए खिलाड़ी की भांति मैदान पर अभ्यास करती हैं। उन्हें हैंडबॉल की अच्छी समझ है। एक दिन वह हैंडबॉल की दुनिया में बड़ा नाम करेंगी।