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21 महीने बाद भी नहीं सुलझी आंचल हत्याकांड की गुत्थी

Mon, 19 Sep 2022 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 11:42 PM IST
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Aanchal murder case not solved even after 21 months
21 महीने बाद भी नहीं सुलझी आंचल हत्याकांड की गुत्थी
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बस्ती। 21 महीने पहले परशुरामपुर थाने के रोहदा गांव की छह वर्षीय मासूम आंचल की हत्या का केस अब भी अनसुलझा रह गया। पुलिस का सारा तानाबाना इस केस में अब तक फेल साबित हो चुका है। नाई का काम करने वाले पिता की इकलौती बेटी आंचल का कत्ल इतनी सफाई से किया गया कि पुलिस के कई सूरमा गुत्थी सुलझाने में नाकाम रहे। मौजूदा समय में इस हत्याकांड की तफ्तीश कर रहे एसएचओ अरविंद कुमार शाही भी किसी नतीजे पर अब तक नहीं पहुंच सकें। हालांकि एसएचओ का दावा है कि जल्द वह किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे, लेकिन मृतका के परिवार के लोगों को उनकी बात पर भरोसा नहीं रह गया है। आंचल के पिता रामयश का कहना है कि कई एसओ आए और चले गए, मगर उसकी बेटी के हत्यारों तक कोई नहीं पहुंच पाया।
14 दिसंबर 2020 को दोपहर रोहदा गांव की छह वर्षीय आंचल पुत्री रामयश गांव की दुकान पर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। काफी देर तक आंचल का कहीं पता नहीं चला तो उसके पिता ने पुलिस को सूचना दी। परशुरामपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने तीन टीम बनाकर गांव और आसपास तलाश करने लगी। गोंडा और अयोध्या के संभावित स्थानों पर तीन दिन तक खोजबीन की गई। इसी बीच 20 दिसंबर 2020 को गन्ने की कटाई करने गए ग्रामीणों ने बालिका का शव देखा। परिवार के लोग पहुंचे और उसकी पहचान की। सूचना पाकर तत्कालीन एसपी हेमराज मीणा और सीओ हर्रैया भी पहुंचे। परिवार व गांव के लोगों से पूछताछ की, मगर घटना के संबंध में कोई सुराग नहीं मिला।
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शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 24 घंटे पहले यानी 19 दिसंबर को कत्ल होने की बात लिखी है।
19 को ही आंचल का मुंडन होना तय था। शव मिलने के बाद पुलिस ने आंचल के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आंचल गांव की एक ऐसी दुकान से अचानक लापता हुई, जहां देर रात तक लोग मौजूद रहते हैं। घर में उसके मुंडन की तैयारी चल रही थी। परिवार के लोग कार्ड बांट रहे थे। शुरू में पुलिस का शक बालिका के साथ किसी और अनहोनी की तरफ गया लेकिन पोस्टमार्टम में पाया गया कि उसके शरीर में एक खरोंच भी नहीं लगी थी। उसके कपड़े बिल्कुल ठीक हालत में पाए गए थे। यहां तक कि उसके बाल भी करीने से थे। देखने से ऐसा लग रहा था मानो कुछ ही देर पहले किसी ने कंघी किया हो। सिर्फ बांह में एक जगह सूई चुभोने जैसा महीन निशान मिला था। जिसके बारे में पुलिस ने काफी पता किया लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
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तंत्र-मंत्र की दिशा में भी हो चुकी है छानबीन
घास में घोड़ा ढूंढने वाली कहावत इस केस में पुलिस के लिए चरितार्थ होती है। बेहद उलझे इस केस में पुलिस ने तंत्र-मंत्र के कोण से भी छानबीन करने की कोशिश की। चूंकि जिस दिन उसकी हत्या की गई, उसी दिन आंचल का जन्मदिन था। संदेह था कि कहीं किसी ने टोटका या तंत्र-मंत्र के लिए उसे मौत के घाट न उतार दिया हो। उस पूरे इलाके के सभी झाड़-फूंक करने वालों से पूछताछ की जा चुकी है। मगर कुछ हासिल नहीं हुआ।
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