{"_id":"5b9aaa7a867a557fee02600a","slug":"a-boy-died-by-stomache","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट में तेज दर्द के बाद बालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट में तेज दर्द के बाद बालक की मौत
basti
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:50 PM IST
विज्ञापन
बालक की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : amar ujala
गौर। क्षेत्र के तरैनी गांव में बुधवार रात पेट में अचानक दर्द के चलते 10 वर्षीय बालक की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। गांव के लोग संक्रामक बीमारी को वजह मान रहे हैं। परिवार वाले हतप्रभ हैं। घर में मातम छा गया है।
तरैनी गांव के सत्यनारायन का 10 वर्षीय बेटा सचिन कुमार रोज की तरह भोजन करने के बाद सो गया। कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। परिवारवालों को जानकारी दी तो आनन फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर लेकर जाने लगे। अभी सचिन को लेकर लोग बेलवाराजा गांव के पास पहुंचे थे कि रास्ते में ही मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सचिन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। माता उषा देवी ने बताया कि बरसात के मौसम में क्या बीमारी पकड़ ली पता नहीं चला। सब कुछ अचानक घट गया। इस समय गांव में बुखार और पेट दर्द की समस्या ज्यादा लोगों को है। इतना सब कुछ जानने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कर्मचारी अभी तक गांव में झांकने तक नहीं आया। प्रधान ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सफाई कर्मियों के न आने से चारों तरफ गंदगी व्याप्त है। यह गांव कुआनो नदी के तट पर स्थित है। इससे यहां बीमारियों के फैलने का भय बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव भी नहीं कराया गया। इस संबंध में गौर सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि गांव में किसी अन्य लोगों के बीमार होने की कोई सूचना नहीं है। फिर भी किशोर की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेज दी गई है।
विज्ञापन
तरैनी गांव के सत्यनारायन का 10 वर्षीय बेटा सचिन कुमार रोज की तरह भोजन करने के बाद सो गया। कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। परिवारवालों को जानकारी दी तो आनन फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर लेकर जाने लगे। अभी सचिन को लेकर लोग बेलवाराजा गांव के पास पहुंचे थे कि रास्ते में ही मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सचिन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। माता उषा देवी ने बताया कि बरसात के मौसम में क्या बीमारी पकड़ ली पता नहीं चला। सब कुछ अचानक घट गया। इस समय गांव में बुखार और पेट दर्द की समस्या ज्यादा लोगों को है। इतना सब कुछ जानने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कर्मचारी अभी तक गांव में झांकने तक नहीं आया। प्रधान ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सफाई कर्मियों के न आने से चारों तरफ गंदगी व्याप्त है। यह गांव कुआनो नदी के तट पर स्थित है। इससे यहां बीमारियों के फैलने का भय बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का छिड़काव भी नहीं कराया गया। इस संबंध में गौर सीएचसी के अधीक्षक डॉक्टर आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि गांव में किसी अन्य लोगों के बीमार होने की कोई सूचना नहीं है। फिर भी किशोर की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेज दी गई है।
विज्ञापन