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सदर तहसील के लेखपाल नहीं मनाएंगे दिवाली
Basti
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। बोनस न मिलने से नाराज सदर तहसील के लेखपालों ने दिवाली न मनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एसडीएम और तहसीलदार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। जबकि भानपुर, रुधौली और हर्रैया के लेखपालों को बोनस मिल चुका है। एसडीएम ने लंबित कार्यों को पूरा न करने को कारण बताया।
जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि सरकार की घोषणा के बाद भी सदर तहसील प्रशासन ने लेखपालों को बोनस नहीं दिया। इसको लेकर संगठन के पदाधिकारियों की एसडीएम व तहसीलदार से कहासुनी भी हुई। इसके बाद लेखपालों ने तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें तहसील के 109 लेखपालों ने दिवाली न मनाने का निर्णय लिया। साथ ही दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन पर भी सहमति बनी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि तहसील प्रशासन की तानाशाही रवैये के चलते लेखपालों को बोनस नहीं मिला। जिला मंत्री ने बताया कि हर्रैया, भानपुर और रुधौली तहसील प्रशासन की ओर से बोनस दिया जा चुका है। इस मौके पर विजय बहादुर श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, गंगा प्रसाद, शंकर, अतुल राज वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, जुगुल किशोर वर्मा, रमेश चंद्र, अजय कुमार वर्मा, सुरेश चंद्र पटवा, शिवमूरत, रामसिंगार, रवींद्र प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, राघवराम यादव, दयाराम, उमेशचंद्र, राहुल, रामजी, रामसागर, रामउदार, हरिओम, सुनील तिवारी, ईश्वरचंद्र, रामनरेश व रमेश मणि आदि मौजूद रहे।
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जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि सरकार की घोषणा के बाद भी सदर तहसील प्रशासन ने लेखपालों को बोनस नहीं दिया। इसको लेकर संगठन के पदाधिकारियों की एसडीएम व तहसीलदार से कहासुनी भी हुई। इसके बाद लेखपालों ने तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें तहसील के 109 लेखपालों ने दिवाली न मनाने का निर्णय लिया। साथ ही दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन पर भी सहमति बनी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि तहसील प्रशासन की तानाशाही रवैये के चलते लेखपालों को बोनस नहीं मिला। जिला मंत्री ने बताया कि हर्रैया, भानपुर और रुधौली तहसील प्रशासन की ओर से बोनस दिया जा चुका है। इस मौके पर विजय बहादुर श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, गंगा प्रसाद, शंकर, अतुल राज वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, जुगुल किशोर वर्मा, रमेश चंद्र, अजय कुमार वर्मा, सुरेश चंद्र पटवा, शिवमूरत, रामसिंगार, रवींद्र प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, राघवराम यादव, दयाराम, उमेशचंद्र, राहुल, रामजी, रामसागर, रामउदार, हरिओम, सुनील तिवारी, ईश्वरचंद्र, रामनरेश व रमेश मणि आदि मौजूद रहे।
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