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जांच टीम ने डीएम एसडीएम को सौंपी रिपोर्ट
Basti
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। बहादुरपुर विकास खंड के चंदो ग्राम पंचायत के ग्रामीणों की ओर से रविवार की देर रात पकड़ा गये राशन की जांच के लिए गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम और एसडीएम को सौंप दी। जांच के दौरान पाया गया कि बोरियों की सिलाई हाथ से की गई थी और उनमें 60 से 65 किलोग्राम तक राशन भरे थे। राशन किसका था यह पता नहीं चल सका।
रविवार की देर रात पिकप पर लदा 74 बोरी राशन पकड़ा चंदो गांव के ग्रामीणों ने पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप था कि राशन सरकारी है जिसे कोटेदार खुले मार्केट में बेचने के लिये भेज रहा था। राशन को मय पिकप वाहन पुलिस नगर थाने पर ले आयी थी। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम सदर राम प्रसाद और डीएसओ पूरन सिंह चौहान ने सोमवार को सप्लाई इंसपेक्टर दीपक सेठी और दिनेश कुमार को मौके पर मामले की जांच के लिये भेजा था। जांच के दौरान जो बोरियां तो सरकारी मिली, मगर उनकी सिलाई मशीन से न होकर हाथ से की गई थी। इतना ही नहीं इन बोरियों में राशन की मात्रा 60 से 65 किलोग्राम के करीब पाई गई। जबकि सरकारी राशन की बोरियों का वजन 50 किलोग्राम होता है। वहीं राशन को अपना बताने वाले राजेंद्र गुप्ता से जांच टीम ने मौके पर जब राशन की खरीद फरोख्त करने का लाइसेंस मांगा गया तो वह नहीं दिखा सके। उनसे आढ़ती का लाइसेंस मांगा गया है। इसे न देने पर पकड़ा गया राशन जब्त कर लिया जाएगा। उस वाहन को सीज किया जा सकता है जिस पर यह लदा था।
जांच टीम के सदस्य दीपक सेठी ने कहा कि उन्होंने अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम और एसडीएम को दे दी है।
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रविवार की देर रात पिकप पर लदा 74 बोरी राशन पकड़ा चंदो गांव के ग्रामीणों ने पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप था कि राशन सरकारी है जिसे कोटेदार खुले मार्केट में बेचने के लिये भेज रहा था। राशन को मय पिकप वाहन पुलिस नगर थाने पर ले आयी थी। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम सदर राम प्रसाद और डीएसओ पूरन सिंह चौहान ने सोमवार को सप्लाई इंसपेक्टर दीपक सेठी और दिनेश कुमार को मौके पर मामले की जांच के लिये भेजा था। जांच के दौरान जो बोरियां तो सरकारी मिली, मगर उनकी सिलाई मशीन से न होकर हाथ से की गई थी। इतना ही नहीं इन बोरियों में राशन की मात्रा 60 से 65 किलोग्राम के करीब पाई गई। जबकि सरकारी राशन की बोरियों का वजन 50 किलोग्राम होता है। वहीं राशन को अपना बताने वाले राजेंद्र गुप्ता से जांच टीम ने मौके पर जब राशन की खरीद फरोख्त करने का लाइसेंस मांगा गया तो वह नहीं दिखा सके। उनसे आढ़ती का लाइसेंस मांगा गया है। इसे न देने पर पकड़ा गया राशन जब्त कर लिया जाएगा। उस वाहन को सीज किया जा सकता है जिस पर यह लदा था।
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जांच टीम के सदस्य दीपक सेठी ने कहा कि उन्होंने अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट डीएम और एसडीएम को दे दी है।