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मुठभेड़ के बाद इनामी बदमाश गिरफ्तार
Basti
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। क्राइम ब्रांच की टीम ने कोतवाली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में इनामी बदमाश हुकुम सिंह उर्फ देवमणि को गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे सुपारी किलर भी बता रही है। पुलिस ने उसके पास से रिवाल्वर, चरस, बाइक और लूट के रुपये बरामद करने का दावा किया है। गैंगेस्टर एक्ट सहित कई मामलों में वांछित और ढाई हजार रुपये के इनामी बदमाश हुकुम सिंह उर्फ देवमणि निवासी जमुआर पांडेय थाना दुबौलिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस काफी दिनों से प्रयास कर रही थी। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी राजेश भारती के पर्यवेक्षण पुलिस टीम गठित की थी।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शुक्रवार की रात को जरिये मुखबिर पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नेपाल से अवैध सामान लेकर लखनऊ की ओर जा रहा है। कोतवाल रवींद्र कुमार गौतम और क्राइम ब्रांच प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ हाइवे पर पटेल चौराहे के निकट चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक बाइक सवार आता दिखाई दिया। उसे टार्च की रोशनी से पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम हुकुम सिंह उर्फ देवमणि सिंह बताया। उसके पास से 32 बोर का एक रिवाल्वर, चार कारतूस, लूट के 4100 रुपये, एक मोबाइल सेट और एक बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। पुलिस कप्तान वीपी श्रीवास्तव ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार की घोषणा की है।
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गलत संगत से पकड़ी अपराध की राह
बस्ती। हुकुम सिंह ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले डीसीएम चालक था। गलत संगत के कारण उसकी आदतें खराब हो गई। खर्चा पूरा न होने के कारण वह अपराध की राह पर चल पड़ा। पहले वह ट्रैक्टर चुराकर बेचता था। उसके बाद उसने लूट और चेन स्नेचिंग शुरू कर दी। बाद में रुपया लेकर हत्या जैसे वारदात भी करने लगा। पुलिस के अनुसार पिछले दिनों जिले के कलवारी थाना क्षेत्र में पांऊ व चरकैला के बीच एक पिकप वाहन को रोककर सेल्समैन से 36 हजार की लूट की थी। इस घटना में इसका साथी रमेश चंद्र चौधरी भी शामिल था। इसी लूट के 4100 रुपये इसके पास बचे थे। शेष उसने खर्च कर दिए, जबकि 20 हजार रुपये इसके साथी रमेश के पास हैं। पुलिस को उसके साथी की तलाश है। एसपी वीपी श्रीवास्तव के मुताबिक, जो रिवाल्वर इसके पास से बरामद हुआ है, वह बिहार के मुंगेर का बना हुआ है। इसने कई अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है। अन्य जनपदों से भी इसके बारे में सूचनाएं मंगाई जा रही हैं। वहीं हुकुम सिंह के पकड़े जाने की सूचना लखनऊ पुलिस को भी दे दी गई है, जिससे वह बस्ती आकर उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले सके।
हुकुम सिंह का आपराधिक इतिहास
हुकुम सिंह पर बस्ती और लखनऊ जनपद में कुल 18 मुकदमे पंजीकृत हैं। वर्ष 1999 में उसके खिलाफ पहला मुकदमा दुबौलिया थाने में मारपीट का दर्ज हुआ था। 2010 में उस पर चोरी और चोरी के माल की बरामदगी का मुकदमा इसी थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया। 2013 में छावनी थाने में इस पर आर्म्स एक्ट औरी चोरी और चोरी के माल की बरामदगी का मुकदमा दर्ज हुआ। इसी साल इस पर दुबौलिया थाने में गैंगेस्टर एक्ट लगा। इसके बाद इस पर लगातार आपराधिक मुकदमे छावनी, कोतवाली, कलवारी थाने में दर्ज होते गए। इसी साल लखनऊ के सरोजनी नगर में इसके खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ। सरोजनी नगर थाने में इसके पूर्व इसके खिलाफ दो अन्य मुकदमे पंजीकृत हैं।
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एसपी वीपी श्रीवास्तव ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शुक्रवार की रात को जरिये मुखबिर पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नेपाल से अवैध सामान लेकर लखनऊ की ओर जा रहा है। कोतवाल रवींद्र कुमार गौतम और क्राइम ब्रांच प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ हाइवे पर पटेल चौराहे के निकट चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक बाइक सवार आता दिखाई दिया। उसे टार्च की रोशनी से पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
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पूछताछ में उसने अपना नाम हुकुम सिंह उर्फ देवमणि सिंह बताया। उसके पास से 32 बोर का एक रिवाल्वर, चार कारतूस, लूट के 4100 रुपये, एक मोबाइल सेट और एक बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। पुलिस कप्तान वीपी श्रीवास्तव ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार की घोषणा की है।
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गलत संगत से पकड़ी अपराध की राह
बस्ती। हुकुम सिंह ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह पहले डीसीएम चालक था। गलत संगत के कारण उसकी आदतें खराब हो गई। खर्चा पूरा न होने के कारण वह अपराध की राह पर चल पड़ा। पहले वह ट्रैक्टर चुराकर बेचता था। उसके बाद उसने लूट और चेन स्नेचिंग शुरू कर दी। बाद में रुपया लेकर हत्या जैसे वारदात भी करने लगा। पुलिस के अनुसार पिछले दिनों जिले के कलवारी थाना क्षेत्र में पांऊ व चरकैला के बीच एक पिकप वाहन को रोककर सेल्समैन से 36 हजार की लूट की थी। इस घटना में इसका साथी रमेश चंद्र चौधरी भी शामिल था। इसी लूट के 4100 रुपये इसके पास बचे थे। शेष उसने खर्च कर दिए, जबकि 20 हजार रुपये इसके साथी रमेश के पास हैं। पुलिस को उसके साथी की तलाश है। एसपी वीपी श्रीवास्तव के मुताबिक, जो रिवाल्वर इसके पास से बरामद हुआ है, वह बिहार के मुंगेर का बना हुआ है। इसने कई अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है। अन्य जनपदों से भी इसके बारे में सूचनाएं मंगाई जा रही हैं। वहीं हुकुम सिंह के पकड़े जाने की सूचना लखनऊ पुलिस को भी दे दी गई है, जिससे वह बस्ती आकर उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले सके।
हुकुम सिंह का आपराधिक इतिहास
हुकुम सिंह पर बस्ती और लखनऊ जनपद में कुल 18 मुकदमे पंजीकृत हैं। वर्ष 1999 में उसके खिलाफ पहला मुकदमा दुबौलिया थाने में मारपीट का दर्ज हुआ था। 2010 में उस पर चोरी और चोरी के माल की बरामदगी का मुकदमा इसी थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया। 2013 में छावनी थाने में इस पर आर्म्स एक्ट औरी चोरी और चोरी के माल की बरामदगी का मुकदमा दर्ज हुआ। इसी साल इस पर दुबौलिया थाने में गैंगेस्टर एक्ट लगा। इसके बाद इस पर लगातार आपराधिक मुकदमे छावनी, कोतवाली, कलवारी थाने में दर्ज होते गए। इसी साल लखनऊ के सरोजनी नगर में इसके खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ। सरोजनी नगर थाने में इसके पूर्व इसके खिलाफ दो अन्य मुकदमे पंजीकृत हैं।