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दुबई कमाने गया युवक गंभीर हालत में घर लौटा

Thu, 06 Mar 2014 05:30 AM IST
Basti
Basti Updated Thu, 06 Mar 2014 05:30 AM IST
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महराजगंज (बस्ती)। दुबई गए कप्तानगंज थाने के लहिलवारा गांव के युवक को उसके मालिक ने इतना पीटा कि वह मरणासन्न हो गया। वह किसी तरह घर आने के लिए तपड़ता रहा। दस महीने बाद वह घर लौटा तो उसकी हालत देख परिवार वाले परेशान हो गए। उसकी हालत अब भी गंभीर है। परिवार के लोग उसका इलाज शहर के एक निजी चिकित्सक के यहां करा रहे हैं।
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लहिलवारा गांव के अब्बास अली (30) पुत्र रमजान रोजी-रोटी कमाने 14 जून 2013 को अपने रिश्तेदार के माध्यम से दुबई गए। रिश्तेदार ने उन्हें एक कंपनी में रखवा दिया। बाद में उसको बकरी और ऊंट चराने का काम दे दिया गया। दो-तीन महीने तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा। अब्बास का कहना है कि बाद में मालिक उसे जरूरत से ज्यादा काम देता गया। अगर समय से काम पूरा न होता तो मालिक और उसके आदमी डंडे और रॉड से पीटते थे। एक दिन वह काफी थक गया था, जिहाजा दूसरे दिन सुबह नौ बजे तक सो गया। इससे नाराज मालिक ने जबरदस्ती जमीन पर लिटा कर कंबल शरीर पर डाल दिया। फिर बाद में ज्वलनशील पदार्थ डाल कर आग लगा दी। किसी तरह से पानी में कूद कर उसने अपनी जान बचाई। इसमें शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए। इसके बाद वह मालिक से उसे घर भेजने की मनुहार की। मालिक ने कहा कि वीजा की रकम चुकाने के बाद ही वह वापस जा सकता है। इतना ही नहीं, उसे अपने परिवार के सदस्याें के साथ बातचीत तक नहीं करने दी जाती थी।
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टायरों के निशान से कराते थे गाड़ियों की पहचान
अब्बास ने बताया कि बकरी चराने के साथ-साथ सजा के तौर पर उसको टायरों के निशान से गाड़ियों की पहचान करने को कहा जाता था, गलती होने पर लोहे के गर्म रॉड से कान, पैर, पीठ पर दागा जाता था। जब मालिक को यह आभास हो गया कि अब उसकी जान जा सकती है तब जाकर वह उसे वापस भेजने को तैयार हुआ।
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परिवार वालों की आंखों में छलक आए आंसू
अब्बास की आपबीती सुनते ही पिता रमजान, मां सफरून्निशा, पत्नी नसीबुन्निशा की आंखों में आंसू छलक आए। सबने प्रण कर लिया कि भले ही वे दो रोटी कम खाएंगे लेकिन अब्बास को दोबारा विदेश नहीं भेजेंगे। अब्बास के शरीर पर गहरे जख्माें को देखकर गांव वाले भी सकते में आ गए। परिवार वाले उसे लेकर तत्काल कस्बे के डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे बस्ती में दिखाने को कहा। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर बस्ती के निजी डॉक्टर के पास बुधवार को पहुंचे।
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