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सुयश पेपर मिल को प्रदूषण बोर्ड का नोटिस

Wed, 27 Nov 2013 05:41 AM IST
Basti
Basti Updated Wed, 27 Nov 2013 05:41 AM IST
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बस्ती। गनेशपुर स्थित सुयश पेपर मिल से प्रदूषण के मामले को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ ने मिल को नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर एक हफ्ते के भीतर कमियों को दूर नहीं किया गया तो नियमानुसार कार्रवाई होगी और बैंक गारंटी को जब्त कर ली जाएगी। यह कार्रवाई प्रभारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण की रिपोर्ट पर की गई।
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सुयश पेपर मिल से निकलने वाले राख को लेकर क्षेत्र के लोगाें और केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कमिश्नर से मिलकर यह शिकायत की थी कि मिल की राख से बच्चों और शिक्षकों सहित अन्य लोगों की आंखें खराब हो रही हैं। आंख संबंधी अनेक बीमारियां हो रही हैं। स्कूल और मकान बदरंग हो रहे हैं। लोगों के कपड़े खराब हो रहे हैं। इस पर कमिश्नर सुशील कुमार के निर्देश पर डीएम अनिल कुमार दमेले ने जांच के लिए एसडीएम सदर के. बालाजी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रंजन चतुर्वेदी और प्रभारी क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड ई. एके श्रीवास्तव की टीम गठित की। टीम ने 7 अक्टूबर 2013 को निरीक्षण किया। टीम ने रिपोर्ट दी थी कि मिल में वायु प्रदूषण के नियंत्रण की उचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते मिल से निकलने वाली राख आसपास फैल रही है। प्रभारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रक ने कार्रवाई करने की संस्तुति के साथ बोर्ड मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई थी। जिस पर बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिल को नोटिस जारी किया है। इंजीनियर एके श्रीवास्तव ने बताया कि नोटिस तामील करा दी गई है।
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मिल पर लगाए 10 आरोप
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सुयश पेपर मिल को जो नोटिस जारी किया गया, उसमें एक हफ्ते के भीतर 10 कमियों को सुधारने की बात कही गई है।
: उत्प्रवाह के मापन वी-नाप स्थापित न होना।
: वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के मल्टी साइक्लोन, डस्ट कलेक्टर और बैग फिल्टर का सीरीज में नहीं होना।
: चिमनी की ऊंचाई 45 मीटर के स्थान पर 35 मीटर होना।
: परिसर में पौधरोपण न होना।
: मिल में हाउस कीपिगं न होना।
: मूल्यांकन रिपोर्ट न जमा करना।
: वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वेट स्क्रबर की स्थापना न होना।
: वन विभाग से एनओसी प्राप्त न करना।
: राख का निस्तारण खेत में करना और उसके ऊपर मिट्टी न डालना।
: उत्प्रवाह स्लाइड टर्बिड का पाया जाना।
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