{"_id":"65-75603","slug":"Basti-75603-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोशनी से नहाया शहर, आतिशबाजी की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोशनी से नहाया शहर, आतिशबाजी की धूम
Basti
Updated Mon, 04 Nov 2013 05:39 AM IST
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बस्ती। शाम ढलते ही लगा मानो पूरा शहर रोशनी में नहा उठा हो। घराें पर दीपों की लड़ी और चाइनीज झालराें से हुए प्रकाश में दीपावली का पर्व पूरे उमंग व उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने परंपरागत परिधान धारण कर विधि विधान से शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा कर पूरे घर परिवार के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। पटाखाें की आतिशबाजी जब शुरू हुई तो देर रात तक उसका शोर थमने का नाम नहीं ले रहा था।
दिन में बाजार में लोगाें ने खरीददारी की। सबसे अधिक भीड़ मिष्ठान व कपड़ें की दुकानाें पर रही। महिलाएं तो घर के कामकाज में व्यस्त रहीं, मगर बच्चाें ने अभिभावक संग जाकर पटाखाें की दुकानों पर अपने मनपसंद आतिशबाजी के आइटम की खरीददारी की। लइया, गट्टा, चीनी से बने मिष्ठान की जमकर खरीददारी हुई। दीपावली के दिन भी लोगों ने इलेक्ट्रानिक्स के दुकानाें पर जाकर जरुरत के सामानों की खरीददारी त्योहार को देखते हुए की।
शाम ढलते ही घराें में महिलाओं ने पूजा की तैयारी शुरू कर दी। दरवाजे, आंगन व पूजा की जगह पर विभिन्न रंगों से चौक बनाया गया। विद्वानाें के बताए शुभ मुहूर्त में नए परिधान और आभूषणों से सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना शुरू की। मां लक्ष्मी व विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता भगवान गणेश को अगरबत्ती, नैवेद्य से पूजा कर आरती उतारी गई। बच्चों ने मिट्टी के घंटे बजाकर भगवान को याद किया। इसके बाद मिठाइयों का भोग लगाया गया। परिवार के सभी सदस्यों ने भगवान की आरती लेकर पूजा को सम्पन्न कराया। इसके बाद परिवार के सदस्यों में मिष्ठान व प्रसाद का वितरण कर एक दूसरे को त्योहार की बधाई और शुभकामना दी गई।
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चाइनीज झालराें से रोशन हुए घर-प्रतिष्ठान
दीपावली के मौके पर लगभग सभी घरों पर चाइनीज झालरों से कई रंगों की रोशनी कर लोगाें ने रंगारंग दृश्य उपस्थित कर दिया। झिलमिल सितारों की रोशनी में पूरा शहर नहा उठा। लगा मानो आकाश गंगा खुद धरती पर उतर आई हो।
मोमबत्ती व मिट्टी के दीए से सजा घर
भले ही चाइनीज झालर ने अपनी पहुंच हर घर में बना ली हो, मगर आज भी घराें में मिट्टी के दीपक का अपना महत्व बरकरार है। पूजा के स्थान पर देशी दीए ही जलाकर लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद थाली में रखकर घर के बाहर व विभिन्न कोनों में प्रकाश किया गया। इसके साथ ही रंगीन मोमबत्ती से घरों व दीवारों को रोशन किया गया।
पटाखे की दुकानाें पर जुटी भीड़
दोपहर से लेकर देर शाम तक शहर के आईटीआई परिसर, गोविंदराम सक्सेरिया इंटर कालेज परिसर व स्टेशन रोड पर पंकज टाकीज के पास पटाखे की दुकान पर बच्चों व बडा़े की भीड़ खरीददारी करती नजर आई। इन पटाखों में टाइगर, मुर्गा, उजाला, बुलेट, फुलझड़ी, राकेट, चटाई बम की खूब बिक्री हुई। इसके अलावा फुलझड़ी, अनार, चटाई बम, मिर्ची बम, लहसुन, रस्सी बम, डबल आवाज वाले पटाखे भी लोगाें की पसंद बने।
पूरी रात होती रही आतिशबाजी
शाम को जैसे ही घरों में मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा हुई, बच्चों ने पटाखाें की धूम मचानी शुरु कर दी। फुलझड़ी व देशी पटाखों की आतिशबाजी ने माहौल को और उल्लास से भर दिया। लड़ी वाले पटाखे, लहसुन बम, फायर क्रेकर्स, राकेट, अनार का शोर पूरी रात होता रहा। अभिभावकों ने बच्चाें के साथ रहकर पूरी सजगता बरती।
बच्चों ने पटाखे की बंदूक से मचाया धमाल
कम उम्र बच्चों ने पटाखे वाली बमों से दूरी बनाकर अपनी दीवाली पटाखे वाली बंदूक से मनाई। छह इंच की पिस्टल, रिवाल्वर, दो नाली बंदूक, राइफल की शक्ल वाली बंदूक से बच्चों ने देर रात तक आतिशबाजी कर खूब धमाल मचाया। कुछ बच्चाें ने एके 47 मॉडल वाली बंदूक से पटाखे छोड़े।
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दिन में बाजार में लोगाें ने खरीददारी की। सबसे अधिक भीड़ मिष्ठान व कपड़ें की दुकानाें पर रही। महिलाएं तो घर के कामकाज में व्यस्त रहीं, मगर बच्चाें ने अभिभावक संग जाकर पटाखाें की दुकानों पर अपने मनपसंद आतिशबाजी के आइटम की खरीददारी की। लइया, गट्टा, चीनी से बने मिष्ठान की जमकर खरीददारी हुई। दीपावली के दिन भी लोगों ने इलेक्ट्रानिक्स के दुकानाें पर जाकर जरुरत के सामानों की खरीददारी त्योहार को देखते हुए की।
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शाम ढलते ही घराें में महिलाओं ने पूजा की तैयारी शुरू कर दी। दरवाजे, आंगन व पूजा की जगह पर विभिन्न रंगों से चौक बनाया गया। विद्वानाें के बताए शुभ मुहूर्त में नए परिधान और आभूषणों से सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना शुरू की। मां लक्ष्मी व विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता भगवान गणेश को अगरबत्ती, नैवेद्य से पूजा कर आरती उतारी गई। बच्चों ने मिट्टी के घंटे बजाकर भगवान को याद किया। इसके बाद मिठाइयों का भोग लगाया गया। परिवार के सभी सदस्यों ने भगवान की आरती लेकर पूजा को सम्पन्न कराया। इसके बाद परिवार के सदस्यों में मिष्ठान व प्रसाद का वितरण कर एक दूसरे को त्योहार की बधाई और शुभकामना दी गई।
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चाइनीज झालराें से रोशन हुए घर-प्रतिष्ठान
दीपावली के मौके पर लगभग सभी घरों पर चाइनीज झालरों से कई रंगों की रोशनी कर लोगाें ने रंगारंग दृश्य उपस्थित कर दिया। झिलमिल सितारों की रोशनी में पूरा शहर नहा उठा। लगा मानो आकाश गंगा खुद धरती पर उतर आई हो।
मोमबत्ती व मिट्टी के दीए से सजा घर
भले ही चाइनीज झालर ने अपनी पहुंच हर घर में बना ली हो, मगर आज भी घराें में मिट्टी के दीपक का अपना महत्व बरकरार है। पूजा के स्थान पर देशी दीए ही जलाकर लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद थाली में रखकर घर के बाहर व विभिन्न कोनों में प्रकाश किया गया। इसके साथ ही रंगीन मोमबत्ती से घरों व दीवारों को रोशन किया गया।
पटाखे की दुकानाें पर जुटी भीड़
दोपहर से लेकर देर शाम तक शहर के आईटीआई परिसर, गोविंदराम सक्सेरिया इंटर कालेज परिसर व स्टेशन रोड पर पंकज टाकीज के पास पटाखे की दुकान पर बच्चों व बडा़े की भीड़ खरीददारी करती नजर आई। इन पटाखों में टाइगर, मुर्गा, उजाला, बुलेट, फुलझड़ी, राकेट, चटाई बम की खूब बिक्री हुई। इसके अलावा फुलझड़ी, अनार, चटाई बम, मिर्ची बम, लहसुन, रस्सी बम, डबल आवाज वाले पटाखे भी लोगाें की पसंद बने।
पूरी रात होती रही आतिशबाजी
शाम को जैसे ही घरों में मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा हुई, बच्चों ने पटाखाें की धूम मचानी शुरु कर दी। फुलझड़ी व देशी पटाखों की आतिशबाजी ने माहौल को और उल्लास से भर दिया। लड़ी वाले पटाखे, लहसुन बम, फायर क्रेकर्स, राकेट, अनार का शोर पूरी रात होता रहा। अभिभावकों ने बच्चाें के साथ रहकर पूरी सजगता बरती।
बच्चों ने पटाखे की बंदूक से मचाया धमाल
कम उम्र बच्चों ने पटाखे वाली बमों से दूरी बनाकर अपनी दीवाली पटाखे वाली बंदूक से मनाई। छह इंच की पिस्टल, रिवाल्वर, दो नाली बंदूक, राइफल की शक्ल वाली बंदूक से बच्चों ने देर रात तक आतिशबाजी कर खूब धमाल मचाया। कुछ बच्चाें ने एके 47 मॉडल वाली बंदूक से पटाखे छोड़े।