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महान साहित्यकार थे राजेंद्र यादव
Basti
Updated Wed, 30 Oct 2013 05:39 AM IST
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बस्ती। साहित्यकार, पत्रकार, चिंतक, हंस पत्रिका के संपादक राजेंद्र यादव के निधन पर साहित्य जगत शोक में डूबा हुआ है। पूर्व सहायक सूचना निदेशक डॉक्टर दशरथ प्रसाद यादव ने कहा कि राजेन्द्र यादव महिला विमर्श व दलित चिंतन के जाने जाते हैं। उन्होंने साहित्य की तमाम विधाओं को विकसित किया।
इस दौरान रामप्रकाश, परशुराम चौधरी, तिरुपति हरिनाथ आदि लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की। दूसरी ओर कलेक्ट्रेट परिसर में शोकसभा का आयोजन कर राजेंद्र यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रगतिशील लेखक संघ के डॉक्टर रामदल पांडे ने कहा कि साहित्यकार कभी मरता नहीं है। डॉक्टर रघुवंश मणि ने ने कहा कि राजेंद्र यादव नई कहानी के आधार स्तंभ थे। डॉक्टर रामकृष्ण लाल जगमग ने राजेंद्र यादव को महान साहित्यकार बताया। श्याम प्रकाश शर्मा एडवोकेट और अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि राजेंद्र यादव जीतेे-जागते साहित्यकार थे। हरीश दरवेष ने कहा कि हिन्दी साहित्य में कहानी के विकास की जब भी चर्चा होगी राजेंद्र यादव हमेशा याद आएंगे। इस दौरान सत्येंद्र नाथ मतवाला, ओमप्रकाश धर द्विवेदी, विनय कुमार श्रीवास्तव, बाबा कृष्ण दंत, रहमान अली रहमान, रामचंद्र लाल श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार उपाध्याय, लालमणि प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान रामप्रकाश, परशुराम चौधरी, तिरुपति हरिनाथ आदि लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की। दूसरी ओर कलेक्ट्रेट परिसर में शोकसभा का आयोजन कर राजेंद्र यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रगतिशील लेखक संघ के डॉक्टर रामदल पांडे ने कहा कि साहित्यकार कभी मरता नहीं है। डॉक्टर रघुवंश मणि ने ने कहा कि राजेंद्र यादव नई कहानी के आधार स्तंभ थे। डॉक्टर रामकृष्ण लाल जगमग ने राजेंद्र यादव को महान साहित्यकार बताया। श्याम प्रकाश शर्मा एडवोकेट और अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि राजेंद्र यादव जीतेे-जागते साहित्यकार थे। हरीश दरवेष ने कहा कि हिन्दी साहित्य में कहानी के विकास की जब भी चर्चा होगी राजेंद्र यादव हमेशा याद आएंगे। इस दौरान सत्येंद्र नाथ मतवाला, ओमप्रकाश धर द्विवेदी, विनय कुमार श्रीवास्तव, बाबा कृष्ण दंत, रहमान अली रहमान, रामचंद्र लाल श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार उपाध्याय, लालमणि प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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