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Basti News: तेज हुई 84 कोसी परिक्रमा मार्ग की कवायद... 50 गांवों का अवार्ड पूरा

Fri, 16 Feb 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 16 Feb 2024 01:26 AM IST
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84 Kosi Parikrama Marg exercise intensifies
बस्ती जिले के मखौड़ा धाम से होगी इस परियोजनों की शुरुआत
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प्रथम फेज में 56 गांवों से गुजरेगी 36 किमी लंबी टू-लेन सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अयोध्या को देख बस्ती भी भव्यता की ओर उन्मुख है। अयोध्या में राम मंदिर में श्रीराम के विराजने के बाद अयोध्या से जुड़ी परियोजनाएं यहां गति पकड़ने लगी है। सबसे पहले 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के बनने का रास्ता साफ हुआ है। इसके लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर कवायद तेज हो गई है। 56 में 50 गांवों के जमीनों का मूल्यांकन कार्य (अवार्ड) लगभग पूरा हो चुका है। इसके तहत 6500 काश्तकारों के मुआवजा की धनराशि घोषित करने की तैयारी चल रही है। टेंडर और डिजाइनिंग का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है। मार्च में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दो साल पहले हुई थी। प्रथम फेज की 36 किमी लंबाई में यह सड़क बस्ती जिले में बनेगी। मखौड़ा धाम से शुरू होकर हनुमानबाग चकोही होते हुए सरयू नदी पार करके इसे आंबेडकरनगर जनपद में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 56 में 50 गांव की जमीनों के चिह्नांकन का कार्य वर्ष 2023 में कर लिया गया था। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी एनएच की ओर से थ्री-डी की कार्रवाई पूरी करने के बाद जमीनों के मूल्यांकन का कार्य विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय को सौंपा गया।
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इधर अयोध्या के पुनर्निर्माण के साथ इस परियोजना को जल्द शुरू करने का शासन स्तर से दबाव पड़ा। इसके बाद मूल्यांकन कार्य में तेजी लाई गई। विभागीय अधिकारी, कर्मचारी राजस्व विभाग की मदद से प्रस्तावित 50 गांवों के 6500 काश्तकारों की जमीनों का मूल्यांकन कार्य लगभग पूरा कर लिया है। अगले सप्ताह में इन काश्तकारों के मुआवजा भुगतान के लिए डिमांड भेजने की तैयारी चल रही है। अनुमानित 100 करोड़ से अधिक की धनराशि मुआवजे के रूप खर्च होगी।
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विशेष भूमि आधिपत्य विभाग जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे की धनराशि का किस्तों में डिमांड भेजेगा। वहीं सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है। इसके अलावा डिजाइनिंग आदि का कार्य भी पूरा है।
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छह पैकेजों में बनेगा परिक्रमा मार्ग
84 कोसी परिक्रमा मार्ग छह पैकेज में पांच जिलों में बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 231.858 किमी है। निर्माण की कुल लागत 2533 करोड़ रुपये है। प्रथम फेज की सड़क बस्ती जिले में 36 किमी लंबाई में बननी है। इसमें दुबौलिया विकास क्षेत्र में सरयू नदी पर एक पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रथम फेज के इस सड़क की लागत 900 करोड़ रुपये है। आंबेडकरनगर में पांच, अयोध्या में 102.94, बाराबंकी में 16.94 व गोंडा में 66.14 किमी लंबाई में इस सड़क का निर्माण किया जाना है।
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दस मीटर चौड़ी होगी यह टू-लेन सड़क
पीडब्ल्यूडी एनएच खंड बस्ती के अनुसार यह सड़क टू- लेन विद पेप्ड सोल्डर आकार में बनाई जाएगी। दस मीटर चौड़ी हॉट मिक्स प्लांट की सड़क और दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ी पटरी बनाई जाएगी। यह टू-लेन सड़क मखौड़ा धाम से शुरू होकर छावनी, महूघाट, हुनमानबाग चकोही, रामबाग व सांड़पुर से सरयू नदी पार कर आंबेडकरनगर के शृंगी ऋषि के आश्रम तक बनाई जाएगी। यहां से दूसरा फेज शुरू हो जाएगा।
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पहले ही जमा हो चुके हैं भूमि स्वामियों के कागजात
थ्री-डी की कार्यवाही के बाद जमीन के सर्वे का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान 50 गांवों के 6500 काश्तकारों के आधार, जमीन संबंधी प्रपत्र और बैंक पासबुक पहले ही विभाग ने जमा करा लिए थे। इसी प्रपत्रों के आधार पर प्रत्येक काश्तकार का मूल प्रतिकर का चार गुना मुआवजा तय किया गया है। यह धनराशि सीधे काश्तकारों के खाते में भेजी जाएगी। इस सड़क के लिए कुल 180 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
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पर्यटक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
परिक्रमा मार्ग बनने से सिर्फ साधु-संतों को 84 कोसी परिक्रमा का रास्ता सुलभ ही नहीं होगा अलबत्ता इससे जुड़े जिले के ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों का भी महत्व बढ़ जाएगा। मखौड़ा धाम, रामरेखा, स्वतंत्रता संग्राम के नायक राजा जालिम सिंह के अमोढ़ा दुर्ग नामक स्थल और हनुमानबाग चकोही पर्यटन स्थल का रूप ले लेंगे। इसके अलावा हर्रैया तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए आंबेडकरनगर की राह आसान हो जाएगी।
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खत्म होगा माझा किता अव्वल का अभिशाप
परिक्रमा मार्ग बनने से जिले के माझा किता अव्वल समेत आधा दर्जन गांव अभिशाप मुक्त हो जाएंगे। भौगोलिक दृष्टि से बस्ती जिले के हर्रैया तहसील के यह गांव सरयू नदी के उस पार आंबेडकरनगर जनपद सीमा से सट गए हैं। बाढ़ के समय चार महीने तक यहां के नागरिक अपने जनपद से कटे रहते हैं। उन्हें अपने ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए आंबेडकरनगर और अयोध्या समेत दो जनपदों से होकर आना पड़ता है। परिक्रमा मार्ग के लिए सरयू नदी पर पुल बन जाने से यह गांव अपने जिले से सीधे जुड़ जाएंगे। यहां भी विकास की चहलकदमी तेज हो जाएगी।

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कोट

परिक्रमा मार्ग के लिए 50 गांवों की अवार्ड प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिसकी री-चेकिंग चल रही है। अगले सप्ताह तक उम्मीद है कि निर्माण एजेंसी को डिमांड भेजना शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद मुआवजे का वितरण होगा। शेष 6 गांवों में जमीनों के चिह्नांकन का कार्य नहीं हुआ है। इसलिए यहां मूल्यांकन का कार्य नहीं हो सका है।
-रमेश यादव, विशेष भूमि आधिपत्य अधिकारी, बस्ती
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