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फोटो... सात चिकित्साधिकारियों को शो-काज नोटिस

Wed, 29 Aug 2018 10:48 PM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:48 PM IST
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फोटो... सात चिकित्साधिकारियों को शो-काज नोटिस
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सात चिकित्साधिकारियों को शोकॉज नोटिस
पात्र गर्भवती महिलाओं को लंबित भुगतन पर डीएम खफा
जननी सुरक्षा योजना का हश्र बुरा, सीएमओ को नसीहत
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का हश्र बुरा है। प्रसव के दौरान मृत्यु दर कम करने के लिए लागू जननी सुरक्षा योजना का हाल और भी पस्त है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम डॉ. राजशेखर ने सात प्रभारी चिकित्साधिकारियों के खिलाफ शोकॉज नोटिस थमाया।
इनमें जननी सुरक्षा योजना के हजारों लाभार्थियों का भुगतान लंबित रखने के कारण हर्रैया, बहादुरपुर और भानपुर को कारण कारण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी एमओआईसी से सभी लाभार्थियों का खाता खोलकर 15 सितंबर तक जमा करवाने के बाद रिपोर्ट करें। साथ ही प्रसव के दौरान जननी की मृत्यु की लेखा परीक्षा लंबित रखने को गंभीरता से लेते हुए विक्रमजोत, गौर, कुदरहा और परशुरामपुर के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस दौरान डीएम ने प्रसव के दौरान मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सभी एमओआईसी से सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का बिना त्रुटि के शुगर परीक्षण, एचआईवी परीक्षण और अल्ट्रासाउंड परीक्षण कराने को कहा। डीएम ने जिले में लागू आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सर्वेक्षण और डेटा प्रविष्टि का कार्य लगभग 99% हो चुका है। प्रशासन के लिए सबसे सुखद यह है कि यहां के 12 से अधिक अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने को तैयार हैं। बैठक में सीडीओ अरविंद पांडेय, सीएमओ डॉ. जेएल कनौजिया, सीएमएस कैली और सभी एमओआईसी शामिल थे।
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आयुष्मान भारत में 1.54 लाख परिवार
जिले के छह निजी और तीन सरकारी अस्पतालों में होगा इलाज
पं. दीनदयाल जयंती पर 25 सितंबर से शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गरीबों को पांच लाख तक की मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत का खाका पूरी तरह तैयार हो गया है। जिले में इसके कुल 1.54 लाख लाभार्थी हैं, जिसे स्थानीय स्तर पर छह निजी अस्पताल व तीन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। गंभीर रोग होने पर इन मरीजों को योजना से संबद्ध अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा, यदि उनका इलाज संबद्ध अस्पतालों में नहीं होगा तो फिर उन्हें निजी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक के इलाज कराने की व्यवस्था केंद्र सरकार देगी।
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केंद्र सरकार आयुष्मान भारत में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कराएगी। इसके लिए जरूरी है कि उसका नाम वर्ष 2011 की मतदाता सूची में हो। इसका सत्यापन भी कराया जा चुका है। नयी सूची के अनुसार इस योजना में 1.42 लाख परिवारों को शामिल किया गया था। इसके बाद गांवों में हुई खुली बैठक के बाद 14702 नए पात्र इसमें शामिल किए गए हैं। यह सूूची अब 1.52 लाख तक पहुंच चुकी है। आयुष्मान भारत में लाभ देने के लिए सूबे के स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों ने खाका तैयार कर दिया है। इस खाका के मुताबिक दो सितंबर तक स्क्रीनिंग के बाद चयन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। चार और पांच सितंबर तक को-ऑर्डिनेशन टीम को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। 10 से बीस सितंबर तक इसे प्रदेश में ट्रॉयल बेसिस पर लागू कर योजना का परीक्षण होगा।
सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि स्वास्थ्य की दिशा में केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत का खाका तैयार कर लिया गया है। सूबे के मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने सभी जिलों को योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह 25 सितंबर से पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर लागू होगी। योजना में जिले के छह निजी व तीन सरकारी अस्पतालों को संबद्ध किया गया है। इसके अलावा अन्य प्रक्रिया संचालित कराई जा रही है।


थायराइड जांच के लिए बाहर का सहारा
जिला अस्पताल का हाल : केमिकल न होने से दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला अस्पताल में सभी जांच निशुल्क हैं। यह सरकार की मंशा भी है। इस मंशा को अस्पताल प्रशासन ने करारा झटका दिया है। क्योंकि पिछले एक माह से यहां थायराइड को छोड़ अन्य जांच हो रही है। हालांकि, यह सबसे महंगी जांच थी, मगर अब जब केमिकल है ही नहीं तो फिर जांच कैसे संभव हो सकेगी।
जिला अस्पताल में मरीजों का जहां मुफ्त इलाज हो रहा है, वहीं दवाएं, पैथॉलॉजिकल जांच भी फ्री है, मगर यह सब कुछ कहने भर को रह गया है। जांच कराने जाने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ता है। क्योंकि कभी जांच करने वाले हाथ यहां उपलब्ध नहीं होते तो कभी आवश्यक उपकरणों में प्रयोग किए जाने वाले सामान ही नहीं होते। ऐसे में मरीज जांच के लिए बाहर का रास्ता खोजता है। बाहर के जांच सेंटरों पर इस जांच के लिए 600 से आठ सौ रुपये अदा करना होता है। जांच सेंटर मरीज का रक्त नमूना एकत्रित कर बाहर भेजते हैं और उसके चार दिन बाद रिपोर्ट आती है। हालांकि, जिला अस्पताल में सुबह नमूना लेने के बाद दूसरे दिन यानी 24 घंटे के भीतर ही रिपोर्ट मिल जाती थी। यही नहीं गरीब मरीज अनावश्यक व्यय से भी बच जाता था। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि थायराइड की जांच नहीं हो पा रही है क्योंकि जांच के लिए आवश्यक केमिकल उपलब्ध नहीं है। इसकी डिमांड भेजी गई है। जैसे ही केमिकल मिलेगा तत्काल जांच शुरू हो जाएगी।


शिविर में चिह्नित हुए दिव्यांग
52 को प्रमाण पत्र, चार सहायक उपकरण के लिए चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो
कप्तानगंज। सीएचसी पर बुुुधवार को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण एवं शल्य चिकित्सा चिह्नांकन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कुल 52 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र, चार को सहायक उपकरण के लिए पंजीयन किया गया। जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिव्यांग जनों का परीक्षण कर यह प्रमाण पत्र जारी किया। शिविर में ऑर्थो सर्जन डॉ. आलोक कुमार पांडेय, नेत्र सर्जन डॉ. आशीष नारायण त्रिपाठी, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ एसएस कन्नौजिया, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. फकरेयार, जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र के मनोवैज्ञानिक राधेश्याम चौधरी, फिजियोथेरेपिस्ट सुनील कुमार यादव, नारकोटिक्स टेक्नीशियन विजय श्रीवास्तव, मल्टी पर्पस रिहेबिलिटेशन वर्कर संगीता यादव आदि मौजूद रहे।

संचारी रोग के प्रति जागरूक हुए छात्र
टिनिच। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजगैवाजगंल में निशुल्क चिकित्सा कैंप का बुधवार को आयोजन हुआ। कैंप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को संचारी रोग के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान 56 बच्चों का परीक्षण कर उन्हें दवा मुहैया कराई गई।

राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा केंद्र हरदिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शैलेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में कैंप आयोजित हुआ। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि इस मौसम में जलजनित बीमारियों से लोगों को बचना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि वे घर के आस पास गंदा पानी एकत्रित न होने दें, मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। कहा कि इंसेफेलाइटिस के वायरस एक से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों पर ज्यादा असरकारक हैं। क्योंकि इनके प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कक्षा नौ की छात्रा गीता व लाजो ने जापानी बुखार के लक्षणों के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर प्रधानाचार्या इन्द्रा श्रीवास्तव, अध्यापक इन्द्रजीत सिह, राम अचल यादव, जयन्त्री प्रसाद मिश्र, रुचि मिश्र आदि मौजूद रहे।
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