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ओझा हत्याकांड में पांच को उम्रकैद की सजा
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:13 AM IST
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ओझा हत्याकांड में पांच को उम्रकैद की सजा
सुपारी किलर समेत छह दोष सिद्ध, पांच को सजा
25 जुलाई 2011 को गोली मारकर की गई थी हत्या
हत्या की वजह बनी शहर के तुरकहिया-पांडेय पोखरा स्थित जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश संयोजक रहे विष्णु दत्त ओझा की गोलियों से भूनकर हत्या के बहुचर्चित मामले में सोमवार को निर्णय सुनाया गया। एडीजे/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट पृथ्वीपाल यादव की अदालत ने सभी छह अभियुक्तों का दोष सिद्ध पाते हुए पांच को उम्रकैद की सजा सुनाई। छठे अभियुक्त सोनू उर्फ धोनी तिवारी के कतिपय कारणों से अदालत में मौजूद न होने की दशा में दंड सुनाने के लिए 16 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। साथ ही लुक आउट वारंट भी जारी किया है।
25 जुलाई 2011 की शाम करीब साढ़े छह बजे बाइक सवार बदमाशों ने कोतवाली थाना क्षेत्र के तुरकहिया निवासी विष्णु दत्त ओझा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद हियुवा कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने शहर में काफी हंगामा बरपाया था। तत्कालीन कोतवाल एसएन सिंह को भी गुस्से का शिकार होना पड़ा था। इस मामले में मृतक के भाई नंदीश्वर दत्त ओझा ने तहरीर देकर घनश्याम उर्फ मुकुट मिश्र, अंगद मिश्र, विष्णु स्वरूप उर्फ गोती मिश्र पुत्रगण वेदव्यास मिश्र के अलावा दो अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की विवेचना में सुपारी लेकर हत्या करने वाले अंकित उर्फ रामू पांडेय निवासी नरायनपुर थाना नगर और उसी थाने के पाल्हा निवासी सोनू उर्फ धोनी तिवारी का नाम प्रकाश में आया। अदालत में पुलिस की तरफ से चार्जशीट दाखिल हुई। अंकित और विष्णु स्वरूप पर आर्म्स एक्ट के तहत भी चार्जशीट दाखिल की गई।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने अदालत में वादी के अलावा पांच गवाहों का बयान दर्ज कराया। बचाव पक्ष की तरफ से दी गई सारी दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने सभी छह अभियुक्तों पर आरोप सिद्ध पाया। इनमें मुख्य अभियुक्त घनश्याम उर्फ मुकुट मिश्र के अलावा उसके भाई अंगद मिश्र, विष्णु प्रसाद उर्फ गोती और इनके पिता वेदव्यास मिश्र, अंकित पांडेय को उम्रकैद की सजा सुनाई लेकिन शूटर धोनी तिवारी के अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ सजा सुनाने के लिए 16 अगस्त की तिथि तय किया। सभी पांच पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें घनश्याम, अंगद व वेदव्यास पर 30-30 हजार और अन्य को 31-31 हजार अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है।
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सुपारी किलर समेत छह दोष सिद्ध, पांच को सजा
25 जुलाई 2011 को गोली मारकर की गई थी हत्या
हत्या की वजह बनी शहर के तुरकहिया-पांडेय पोखरा स्थित जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश संयोजक रहे विष्णु दत्त ओझा की गोलियों से भूनकर हत्या के बहुचर्चित मामले में सोमवार को निर्णय सुनाया गया। एडीजे/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट पृथ्वीपाल यादव की अदालत ने सभी छह अभियुक्तों का दोष सिद्ध पाते हुए पांच को उम्रकैद की सजा सुनाई। छठे अभियुक्त सोनू उर्फ धोनी तिवारी के कतिपय कारणों से अदालत में मौजूद न होने की दशा में दंड सुनाने के लिए 16 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। साथ ही लुक आउट वारंट भी जारी किया है।
25 जुलाई 2011 की शाम करीब साढ़े छह बजे बाइक सवार बदमाशों ने कोतवाली थाना क्षेत्र के तुरकहिया निवासी विष्णु दत्त ओझा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद हियुवा कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने शहर में काफी हंगामा बरपाया था। तत्कालीन कोतवाल एसएन सिंह को भी गुस्से का शिकार होना पड़ा था। इस मामले में मृतक के भाई नंदीश्वर दत्त ओझा ने तहरीर देकर घनश्याम उर्फ मुकुट मिश्र, अंगद मिश्र, विष्णु स्वरूप उर्फ गोती मिश्र पुत्रगण वेदव्यास मिश्र के अलावा दो अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की विवेचना में सुपारी लेकर हत्या करने वाले अंकित उर्फ रामू पांडेय निवासी नरायनपुर थाना नगर और उसी थाने के पाल्हा निवासी सोनू उर्फ धोनी तिवारी का नाम प्रकाश में आया। अदालत में पुलिस की तरफ से चार्जशीट दाखिल हुई। अंकित और विष्णु स्वरूप पर आर्म्स एक्ट के तहत भी चार्जशीट दाखिल की गई।
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने अदालत में वादी के अलावा पांच गवाहों का बयान दर्ज कराया। बचाव पक्ष की तरफ से दी गई सारी दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने सभी छह अभियुक्तों पर आरोप सिद्ध पाया। इनमें मुख्य अभियुक्त घनश्याम उर्फ मुकुट मिश्र के अलावा उसके भाई अंगद मिश्र, विष्णु प्रसाद उर्फ गोती और इनके पिता वेदव्यास मिश्र, अंकित पांडेय को उम्रकैद की सजा सुनाई लेकिन शूटर धोनी तिवारी के अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ सजा सुनाने के लिए 16 अगस्त की तिथि तय किया। सभी पांच पर अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें घनश्याम, अंगद व वेदव्यास पर 30-30 हजार और अन्य को 31-31 हजार अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है।
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