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Basti News: समझौते के आधार पर 68,014 वादों निस्तारण

Sun, 15 Mar 2026 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:03 AM IST
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68,014 cases settled through compromise.
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी का जायजा लेते जिला जज। स्रोत सूचना
बस्ती। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसीलों, राजस्व न्यायालय, कलक्ट्रेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 68,014 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया।
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जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने किया। इस दौरान नोडल अधिकारी/अपर जिला जज जेबा मजीद, डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना, एसपी डॉ. यशवीर सिंह एवं अन्य विभाग का सराहनीय योगदान रहा।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68,014 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से संबंधित प्री-लिटिगेशन स्तर पर 65,782 मामलों एवं न्यायालयों के 2232 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की ओर से कुल 86 मामले निस्तारित किए गए। 3.32 करोड़ की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में वसूल की गई। आपराधिक वादों के निस्तारण के फलस्वरूप 2.62 लाख की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूल की गई। इसके अलावा प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण के 1174 मामलों को निस्तारित कराकर बैंकों द्वारा 7.64 करोड़ की धनराशि पर समझौता किया गया।
परिवार न्यायालय से कुल 57 मामले निस्तारित हुए। बरसों से मुकदमा लड़ रहे कई दंपती राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहा-समझौता कर साथ रहने को सहमत हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की ओर से निर्मित हस्तशिल्प कला तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से एक जिला एक उत्पाद के तहत उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई।

लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मो. रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम शिव चंद्र माैजूद रहे।
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