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जन विकास योजनाएं शहर के वार्डों में धड़ाम
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जन विकास योजनाएं शहर के वार्डों में धड़ाम
शहर के वार्ड चार में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं
लगा है इंडिया मार्क हैंड पंप, दे रहा दूषित पानी
सफाई न होने के चलते चोक हो गई नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार की जनकल्याण योजनाएं पात्रों तक पहुंचे इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन शहर में अब भी कई वार्ड ऐसे हैं। जहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। वे जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। जबकि विकास योजनाओं पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
शहर के वार्ड नंबर चार पांडेय बाजार के चिकसइया टोले की सूरत विकास के लिहाज से नहीं बदली है। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड होने का तमगा भले ही इस मोहल्ले को लगा हो, लेकिन यहां की स्थिति बदहाल है। यहां लोगों को शुद्ध जल भी मयस्सर नहीं है। शहर को पानी की आपूर्ति को पाइप से जोड़े जाने का दावा यहां फेल साबित हो रहा है। यही नहीं कुछ लोग तो यहां ऐसे हैं जिन्होंने शौचालय और आवास के लिए आवेदन किया है, लेकिन इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। इसमें चलते लोगों में काफी नाराजगी भी है। इस संबंध में नगर पालिकाध्यक्ष रूपम मिश्रा ने कहा कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती हैं, वार्ड का सर्वे कर लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
वार्ड के लोगों ने बयां की पीड़ा
झोपड़ी में गुजारा करने वाली वार्ड की सीमा बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास के लिए आवदेन किए हुए कई माह बीत गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहती हैं संबंधित विभाग जाने पर यही आश्वासन मिल रहा है, दो-चार दिन में रकम खाते में भेज दी जाएगी।
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दुर्गावती तो सरकारी व्यवस्था पर ही बरस पड़ीं। कहतीं हैं कि कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी दफ्तर जाने पर बस यही कहा जाता है कि कल आना, परसों आना। कहती हैं कि भैया अब तो थक गई हूूं चक्कर लगाते-लगाते। उम्मीद भी टूट रही है।
देवनारायण ने कहा कि शौचालय के लिए आवेदन किए थे, गड्ढा भी खोदवा दिया। कहते हैं कि खाते में रकम आने की आस में बैठे हैं, लेकिन सरकारी सहायता नहीं मिल रही है। मिलने के आस में जो था सब लगा दिया। अब आर्थिक दिक्कत हो गई है।
रामसुमिर ने अपने यहां लगा हैंडपंप चलाकर दिखाया, जो गंदा पानी दे रहा था। कहा कि यहां यही हाल है। शिकायत के बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। इन्होंने भी शौचालय के लिए आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी इनको भी रकम नहीं मिली है।
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जन विकास योजनाएं शहर के वार्डों में धड़ाम
शहर के वार्ड चार में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं
लगा है इंडिया मार्क हैंड पंप, दे रहा दूषित पानी
सफाई न होने के चलते चोक हो गई नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार की जनकल्याण योजनाएं पात्रों तक पहुंचे इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन शहर में अब भी कई वार्ड ऐसे हैं। जहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। वे जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। जबकि विकास योजनाओं पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
शहर के वार्ड नंबर चार पांडेय बाजार के चिकसइया टोले की सूरत विकास के लिहाज से नहीं बदली है। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड होने का तमगा भले ही इस मोहल्ले को लगा हो, लेकिन यहां की स्थिति बदहाल है। यहां लोगों को शुद्ध जल भी मयस्सर नहीं है। शहर को पानी की आपूर्ति को पाइप से जोड़े जाने का दावा यहां फेल साबित हो रहा है। यही नहीं कुछ लोग तो यहां ऐसे हैं जिन्होंने शौचालय और आवास के लिए आवेदन किया है, लेकिन इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। इसमें चलते लोगों में काफी नाराजगी भी है। इस संबंध में नगर पालिकाध्यक्ष रूपम मिश्रा ने कहा कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती हैं, वार्ड का सर्वे कर लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
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वार्ड के लोगों ने बयां की पीड़ा
झोपड़ी में गुजारा करने वाली वार्ड की सीमा बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास के लिए आवदेन किए हुए कई माह बीत गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहती हैं संबंधित विभाग जाने पर यही आश्वासन मिल रहा है, दो-चार दिन में रकम खाते में भेज दी जाएगी।
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दुर्गावती तो सरकारी व्यवस्था पर ही बरस पड़ीं। कहतीं हैं कि कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी दफ्तर जाने पर बस यही कहा जाता है कि कल आना, परसों आना। कहती हैं कि भैया अब तो थक गई हूूं चक्कर लगाते-लगाते। उम्मीद भी टूट रही है।
देवनारायण ने कहा कि शौचालय के लिए आवेदन किए थे, गड्ढा भी खोदवा दिया। कहते हैं कि खाते में रकम आने की आस में बैठे हैं, लेकिन सरकारी सहायता नहीं मिल रही है। मिलने के आस में जो था सब लगा दिया। अब आर्थिक दिक्कत हो गई है।
रामसुमिर ने अपने यहां लगा हैंडपंप चलाकर दिखाया, जो गंदा पानी दे रहा था। कहा कि यहां यही हाल है। शिकायत के बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। इन्होंने भी शौचालय के लिए आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी इनको भी रकम नहीं मिली है।