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उफान पर घाघरा, खेतों में फैलने लगा पानी
Updated Wed, 02 Aug 2017 04:42 PM IST
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विक्रमजोत (बस्ती)। घाघरा का जलस्तर तीसरे दिन भी लगातार बढ़ रहा है। भीषण बारिश के साथ शारदा व वनबसा बैराजों से छोडे़ गए पानी से घाघरा का जल स्तर बढ़ने लगा है। तटबंधों से ऊपर उठकर बाढ का पानी नदी के इर्द-गिर्द के खड़ी फसल वाले खेतों में फैल रहा है। यही नहीं जहां लोलपुर विक्रमजोत बंधा नहीं बना है, उन स्थानों पर नदी तेजी से कटान कर रही है। कल्याणपुर, भरथापुर सहजौरा पाठक गांव मे 20 से 25 मीटर का पाट बना कर नदी कटान कर रही है। तेजी से पानी बढने के कारण ग्राम सहजौरापाठक चारों ओर से घिर गया है। वहीं बांध के पहले हिस्से के केशवपुर, रानीपुर कठवनिया, भदोई, रामनगर सहित हाइवे किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
केद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को जलस्तर 92.62 पर पहुंच गई है। घाघरा का जल स्तर खतरे के निशान से महज 11 सेमी दूर रह गयी है। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो अभी पानी लगातार बढ़ने के आसार हैं। जो तीन चार दिन तक जारी रहेगा। घाघरा की संवेदनशीलता के बावजूद बाढ़ विभाग के अधिकारी इससे बचाव के कोई उपाय नहीं किए हैं। अधिकारी भी बांध के स्परों पर हो रही कटान के बचाव कार्य तक सीमित हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि नदी का रुख बेहद गंभीर है। यदि नदी का जल स्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो इस वर्ष बाढ़ भीषण तबाही मचाएगी। ग्रामीण इन स्थितियों को लेकर दहशत में हैं।
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केद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को जलस्तर 92.62 पर पहुंच गई है। घाघरा का जल स्तर खतरे के निशान से महज 11 सेमी दूर रह गयी है। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो अभी पानी लगातार बढ़ने के आसार हैं। जो तीन चार दिन तक जारी रहेगा। घाघरा की संवेदनशीलता के बावजूद बाढ़ विभाग के अधिकारी इससे बचाव के कोई उपाय नहीं किए हैं। अधिकारी भी बांध के स्परों पर हो रही कटान के बचाव कार्य तक सीमित हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि नदी का रुख बेहद गंभीर है। यदि नदी का जल स्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो इस वर्ष बाढ़ भीषण तबाही मचाएगी। ग्रामीण इन स्थितियों को लेकर दहशत में हैं।
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