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रसोई गैस की किल्लत, आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई
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रसोई गैस की किल्लत, आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई
50 ट्रक की जगह सिर्फ 30-32 ट्रक गैस की हो रही आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अगर जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो होली के पकवान बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की समस्या किल्लत हो सकती है। बस्ती मंडल में इंडियन आयल के करीब 50 ट्रक घरेलू सिलेंडरों (एक ट्रक में तीन सौ सिलेंडर होते हैं) की प्रतिदिन जरूरत होती है, जबकि वर्तमान में 30-32 ट्रक सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं। हालांकि जिला पूर्ति अधिकारी अमन मिश्र जल्द सप्लाई सामान्य करने की कोशिश करने का दावा भी कर रहे हैं।
शहर के गांधीनगर की रेणूका गुप्ता, बहादुरपुर ब्लॉक पर रेस्टोरेंट चलाने वाले रघुवर पांडेय, मुंडेरवा के मनोहर चौधरी आदि का कहना है कि बुकिंग के 15-20 दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है। लगन और त्योहार के मौसम में सिलेंडरों की कमी से उपभोक्ता अधिक कीमत देकर सिलेंडर खरीदने को विवश हो गए हैं।
दिसंबर महीने के आखिर में शुरू हुई यह समस्या बढ़ती जा रही है। इंडियन ऑयल सहित बाकी कंपनियों की आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। प्लांट से ही आपूर्ति कम होने से एजेंसियों के लोग भी परेशान हैं। काफी कम मात्रा में सिलेंडर की आपूर्ति मिलने से बैकलाग (सिलेंडर की बुकिंग और मिलने वाले दिन के बीच का समय) बढ़ता जा रहा है। एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए मारामारी बढ़ने लगी हैं।
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उधर, भारत पेट्रोलियम और हिदुस्तान पेट्रोलियम में पर्याप्त आपूर्ति मिलने के कारण कोई दिक्कत नहीं है। इसकी वजह दोनों कंपनियों का बाटलिंग प्लांट गोरखपुर क्षेत्र में होना बताया जा रहा है। इंडियन आयल का बाटलिंग प्लांट शुरू न हो पाने के कारण दिक्कत सिर्फ इसी कंपनी के उपभोक्ताओं को है। उधर, इंडियल ऑयल की प्रयागराज से होने वाली सप्लाई कुछ दिनों से बंद है। लखनऊ प्लांट पर सारा बोझ आ गया है। इसमें मार्च के इंडेंट से संबंधित कुछ वजह भी बताई जा रही है।
उधर, जिले में सर्वाधिक उपभोक्कता हिंदुस्तान पेट्रोलियम के हैं। इस कंपनी के जिले में एक लाख 46 हजार 558 उपभोक्ता हैं। भारत पेट्रोलियम के एक लाख 32 हाजर 939 और इंडियन आयल के एक लाख 11 हजार 886 उपभोक्ता हैं। इनके अलावा मंडल के संतकबीरनगर जिले में इंडियन आयल के एक लाख 15 हजार 107, भारत पेट्रोलियम के सात हजार 104 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक लाख 09 हजार 761 उपभोक्ता हैं। इसी तरह से सिद्धार्थनगर जिले में इंडियन आयल के एक लाख 71 हजार 110, भारत पेट्रोलियम के 41 हजार 462 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक लाख 84 हजार 699 उपभोक्ता हैं।
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50 ट्रक की जगह सिर्फ 30-32 ट्रक गैस की हो रही आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अगर जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो होली के पकवान बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की समस्या किल्लत हो सकती है। बस्ती मंडल में इंडियन आयल के करीब 50 ट्रक घरेलू सिलेंडरों (एक ट्रक में तीन सौ सिलेंडर होते हैं) की प्रतिदिन जरूरत होती है, जबकि वर्तमान में 30-32 ट्रक सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं। हालांकि जिला पूर्ति अधिकारी अमन मिश्र जल्द सप्लाई सामान्य करने की कोशिश करने का दावा भी कर रहे हैं।
शहर के गांधीनगर की रेणूका गुप्ता, बहादुरपुर ब्लॉक पर रेस्टोरेंट चलाने वाले रघुवर पांडेय, मुंडेरवा के मनोहर चौधरी आदि का कहना है कि बुकिंग के 15-20 दिनों बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है। लगन और त्योहार के मौसम में सिलेंडरों की कमी से उपभोक्ता अधिक कीमत देकर सिलेंडर खरीदने को विवश हो गए हैं।
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दिसंबर महीने के आखिर में शुरू हुई यह समस्या बढ़ती जा रही है। इंडियन ऑयल सहित बाकी कंपनियों की आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। प्लांट से ही आपूर्ति कम होने से एजेंसियों के लोग भी परेशान हैं। काफी कम मात्रा में सिलेंडर की आपूर्ति मिलने से बैकलाग (सिलेंडर की बुकिंग और मिलने वाले दिन के बीच का समय) बढ़ता जा रहा है। एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए मारामारी बढ़ने लगी हैं।
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उधर, भारत पेट्रोलियम और हिदुस्तान पेट्रोलियम में पर्याप्त आपूर्ति मिलने के कारण कोई दिक्कत नहीं है। इसकी वजह दोनों कंपनियों का बाटलिंग प्लांट गोरखपुर क्षेत्र में होना बताया जा रहा है। इंडियन आयल का बाटलिंग प्लांट शुरू न हो पाने के कारण दिक्कत सिर्फ इसी कंपनी के उपभोक्ताओं को है। उधर, इंडियल ऑयल की प्रयागराज से होने वाली सप्लाई कुछ दिनों से बंद है। लखनऊ प्लांट पर सारा बोझ आ गया है। इसमें मार्च के इंडेंट से संबंधित कुछ वजह भी बताई जा रही है।
उधर, जिले में सर्वाधिक उपभोक्कता हिंदुस्तान पेट्रोलियम के हैं। इस कंपनी के जिले में एक लाख 46 हजार 558 उपभोक्ता हैं। भारत पेट्रोलियम के एक लाख 32 हाजर 939 और इंडियन आयल के एक लाख 11 हजार 886 उपभोक्ता हैं। इनके अलावा मंडल के संतकबीरनगर जिले में इंडियन आयल के एक लाख 15 हजार 107, भारत पेट्रोलियम के सात हजार 104 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक लाख 09 हजार 761 उपभोक्ता हैं। इसी तरह से सिद्धार्थनगर जिले में इंडियन आयल के एक लाख 71 हजार 110, भारत पेट्रोलियम के 41 हजार 462 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एक लाख 84 हजार 699 उपभोक्ता हैं।