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बीडीओ ने की 79 कर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई की सिफारिश
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:44 PM IST
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79 कर्मियों पर होगी कार्रवाई
बस्ती।
सल्टौआ ब्लॉक के 79 ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवकों को नियम विरुद्ध बीडीओ के खिलाफ दो दिन तक आंदोलन करना मंहगा पड़ने वाला है। बीडीओ मंजू त्रिवेदी ने सीडीओ, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा और डीपीआरओ से अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ ही आंदोलन अवधि का वेतन निर्गत करने और न करने के बारे दिशा-निर्देश मांगा है।
बीडीओ ने अनुशासनहीनता का आरोप एडीओ पंचायत नवनीत मिश्र पर भी लगाते हुए कहा कि एडीओ पंचायत आंदोलन के पहले दिन धरने पर मौजूद रहे और उसी दिन उन्होंने तहसील दिवस में भी हस्ताक्षर बनाए हैं। बीडीओ ने आंदोलन कर रहे 52 रोजगार सेवकों और 11 तनीकी सहायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उपायुक्त मनरेगा, जिला विकास अधिकारी से नौ ग्राम विकास अधिकारी और डीपीआरओ से सात ग्राम पंचायत अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की है। बीडीओ ने बताया कि इस आंदोलन से विभाग की छवि धूमिल हुई है और शासकीय योजानाएं प्रभावित हुईं हैं। वहीं आंदोलन कर रहे कर्मियों का कहना है कि 31 अगस्त तक अगर बीडीओ का तबादला अन्य जनपद में नहीं हुआ तो यह आंदोलन सल्टौआ से उठकर विकास भवन चला जाएगा। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि नियम विरुद्ध आंदोलन करने वाले कर्मियों की मांग को किसी भी सूरत में नहीं माना जाएगा। इससे एक गलत परंपरा का जन्म जिले में होगा।
पिटाउट, करायन की कोटे की दुकान निलंबित
भानपुर।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पटरी पर लाने के लिए आपूर्ति विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कोटेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए दो के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
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जिला आपूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने पिटाउट और करायन के दुकानदारों के खिलाफ अनियमितता की शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई की है। सोमवार को आपूर्ति निरीक्षक सल्टौआ सत्येन्द्र प्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायत पिटाउट के कोटेदार कृष्णकांत की दुकान निलंबित कर अमरौलीसुमाली के रामनयन के दुकान से अटैच कर दी गई है। जबकि आपूर्ति निरीक्षक रामनगर विवेकानंद दुबे ने बताया कि रामनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत करायन के कोटेदार कृष्ण गोपाल की दुकान निलंबित कर पिरैला गरीब के कोटेदार अब्दुल मोबीन की दुकान से अटैच की गई है। बताया कि करायन के कोटेदार की ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई थी। जांच कर कोटेदार को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन कई बार नोटिस देने के बाद भी कोटेदार की ओर कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके कारण डीएसओ की ओर से दुकान निलंबित कर दी गई।
सोमवार को बेईली ग्राम सभा के तमाम कार्डधारकों ने एसडीएम से मिलकर गांव के कोटेदार अशोक की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। कार्डधारकों ने कहा कि कोटेदार की ओर से निर्धारित मूल्य से अधिक पर राशन दिया जाता है। तौल भी कम की जाती है। शिकायत करने पर राशन भी नहीं दिया जाता है। राशन कार्डों में भी भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे तमाम पात्र लोगों के नाम ही सूची से कट गए हैं। काफी संख्या में आईं महिलाओं ने एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह से अपनी पीड़ा बताई। एसडीएम ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि हर हाल में कोटेदार पर कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत आपूर्ति निरीक्षक रामनगर विवेकानंद दुबे ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान लेकर कोटेदार की जांच की गई है। इसमें तमाम शिकायतें सही मिली हैं। दुकान के निलंबन के लिए डीएसओ को रिपोर्ट की जा चुकी है।
11.77 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी
बस्ती।
तथ्यों को छिपाकर अचल संपत्तियों की खरीद में स्टांप चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हर माह अफसरों की जांच में स्टांप चोरी का मामला सामने आ रहा है। जुलाई में जब 17 अभिलेखों का मौके पर सत्यापन किया गया तो 11 लाख 77 हजार 170 रुपये के स्टांप की चोरी पकड़ी गई। सभी के विरुद्ध एडीएम कोर्ट में स्टांप वाद दायर किया गया।
डीआईजी स्टांप सूर्यपाल सिंह ने बताया कि व्यवस्था के अनुसार अगर कोई जमीन या आवास का बैनामा कराता है तो उसकी जांच होती है। व्यवस्था के मुताबिक हर माह डीएम को पांच बड़े बैनामे, एडीएम और एआईजी स्टांप को 25-25 बैनामों का मौके पर जाकर सत्यापन करना होता है। इसके पीछे सरकार की मंशा तथ्यों को छिपाकर बैनामा करने वाले स्टांप की कमी को उजागर करना और अर्थदंड के साथ कमी पाए स्टांप की वसूली करना। इसी तरह बस्ती में सत्यापन के दौरान नौ बैनामों में पांच लाख 14 हजार 640 रुपये, सिद्धार्थनगर में छह बैनामों में छह लाख पांच हजार 430 रुपये और संतकबीरनगर में दो बैनामों पर 57 हजार 100 रुपये सहित कुल 11 लाख 77 हजार 170 रुपये के स्टांप कमी पाई गई। बताया कि कमी पाए गए बैनामों के मामले में संबधित एडीएम कार्ट में स्टांप वाद दायर किया गया।
मंडल में 75.32 करोड की हुई आमदनी
बस्ती। मंडल में रजिस्ट्री विभाग ने जुलाई तक 75.32 करोड़ रुपये की आमदनी की है। जबकि सालाना टारगेट दो अरब 52 करोड़ का है। बस्ती ने सबसे अधिक 29.78 करोड़, सिद्धार्थनगर ने 27.26 करोड़ और संतकबीरनगर ने 18.27 करोड़ की आमदनी की है।
गायब कर दिया गया घोटाले का अभिलेख
बस्ती।
कप्तानगंज ब्लॉक सरकारी धन की बंदरबांट का केंद्र बनता जा रहा है। दो दिन पहले इसी ब्लॉक के तिलकपुर में घोटाले को छुपाने के लिए अभिलेख नष्ट कर देने का मामला चल रहा था कि मरवटिया तिवारी में भी इसी तरह का प्रकरण सामने आया है। इससे पहले भी पगार सहित अन्य ग्रामों में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कई कार्रवाई हो चुकी है।
ग्राम मरवटिया तिवारी में अभिलेख गायब होने का खुलासा गांव के ही घनश्याम तिवारी की ओर से जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ। आधे से अधिक की जानकारी अधूरी दी गई और कई मामलों में अभिलेख न मिलने का हवाला देकर सूचना नहीं दी गई। ग्राम विकास अधिकारी पुष्पा श्रीवास्तव की ओर से दी गई सूचना में भ्रमित और आधी-अधूरी जानकारी दी गई। 12 बिदुओं पर मांगी गई जानकारी में उन बिंदुओं पर यह कहते हुए जानकारी देने से इन्कार कर दिया कि उन्हें चार्ज में उक्त अभिलेख ही नहीं दिए गए। जबकि कुछ जानकारी नियम का हवाला देते हुए जानकारी नहीं दी गई, जबकि जानकारी लोहिया आवास से संबंधित मांगी गई थी। प्रभारी बीडीओ एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए आरपी सिंह ने इस मामले में बताया कि अभिलेख न देने वाले सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बस्ती।
सल्टौआ ब्लॉक के 79 ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवकों को नियम विरुद्ध बीडीओ के खिलाफ दो दिन तक आंदोलन करना मंहगा पड़ने वाला है। बीडीओ मंजू त्रिवेदी ने सीडीओ, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा और डीपीआरओ से अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई करने की सिफारिश की है। साथ ही आंदोलन अवधि का वेतन निर्गत करने और न करने के बारे दिशा-निर्देश मांगा है।
बीडीओ ने अनुशासनहीनता का आरोप एडीओ पंचायत नवनीत मिश्र पर भी लगाते हुए कहा कि एडीओ पंचायत आंदोलन के पहले दिन धरने पर मौजूद रहे और उसी दिन उन्होंने तहसील दिवस में भी हस्ताक्षर बनाए हैं। बीडीओ ने आंदोलन कर रहे 52 रोजगार सेवकों और 11 तनीकी सहायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उपायुक्त मनरेगा, जिला विकास अधिकारी से नौ ग्राम विकास अधिकारी और डीपीआरओ से सात ग्राम पंचायत अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की है। बीडीओ ने बताया कि इस आंदोलन से विभाग की छवि धूमिल हुई है और शासकीय योजानाएं प्रभावित हुईं हैं। वहीं आंदोलन कर रहे कर्मियों का कहना है कि 31 अगस्त तक अगर बीडीओ का तबादला अन्य जनपद में नहीं हुआ तो यह आंदोलन सल्टौआ से उठकर विकास भवन चला जाएगा। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि नियम विरुद्ध आंदोलन करने वाले कर्मियों की मांग को किसी भी सूरत में नहीं माना जाएगा। इससे एक गलत परंपरा का जन्म जिले में होगा।
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पिटाउट, करायन की कोटे की दुकान निलंबित
भानपुर।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पटरी पर लाने के लिए आपूर्ति विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कोटेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए दो के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
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जिला आपूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने पिटाउट और करायन के दुकानदारों के खिलाफ अनियमितता की शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई की है। सोमवार को आपूर्ति निरीक्षक सल्टौआ सत्येन्द्र प्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायत पिटाउट के कोटेदार कृष्णकांत की दुकान निलंबित कर अमरौलीसुमाली के रामनयन के दुकान से अटैच कर दी गई है। जबकि आपूर्ति निरीक्षक रामनगर विवेकानंद दुबे ने बताया कि रामनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत करायन के कोटेदार कृष्ण गोपाल की दुकान निलंबित कर पिरैला गरीब के कोटेदार अब्दुल मोबीन की दुकान से अटैच की गई है। बताया कि करायन के कोटेदार की ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई थी। जांच कर कोटेदार को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन कई बार नोटिस देने के बाद भी कोटेदार की ओर कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके कारण डीएसओ की ओर से दुकान निलंबित कर दी गई।
सोमवार को बेईली ग्राम सभा के तमाम कार्डधारकों ने एसडीएम से मिलकर गांव के कोटेदार अशोक की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। कार्डधारकों ने कहा कि कोटेदार की ओर से निर्धारित मूल्य से अधिक पर राशन दिया जाता है। तौल भी कम की जाती है। शिकायत करने पर राशन भी नहीं दिया जाता है। राशन कार्डों में भी भारी गड़बड़ी की गई है, जिससे तमाम पात्र लोगों के नाम ही सूची से कट गए हैं। काफी संख्या में आईं महिलाओं ने एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह से अपनी पीड़ा बताई। एसडीएम ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि हर हाल में कोटेदार पर कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत आपूर्ति निरीक्षक रामनगर विवेकानंद दुबे ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान लेकर कोटेदार की जांच की गई है। इसमें तमाम शिकायतें सही मिली हैं। दुकान के निलंबन के लिए डीएसओ को रिपोर्ट की जा चुकी है।
11.77 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी
बस्ती।
तथ्यों को छिपाकर अचल संपत्तियों की खरीद में स्टांप चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हर माह अफसरों की जांच में स्टांप चोरी का मामला सामने आ रहा है। जुलाई में जब 17 अभिलेखों का मौके पर सत्यापन किया गया तो 11 लाख 77 हजार 170 रुपये के स्टांप की चोरी पकड़ी गई। सभी के विरुद्ध एडीएम कोर्ट में स्टांप वाद दायर किया गया।
डीआईजी स्टांप सूर्यपाल सिंह ने बताया कि व्यवस्था के अनुसार अगर कोई जमीन या आवास का बैनामा कराता है तो उसकी जांच होती है। व्यवस्था के मुताबिक हर माह डीएम को पांच बड़े बैनामे, एडीएम और एआईजी स्टांप को 25-25 बैनामों का मौके पर जाकर सत्यापन करना होता है। इसके पीछे सरकार की मंशा तथ्यों को छिपाकर बैनामा करने वाले स्टांप की कमी को उजागर करना और अर्थदंड के साथ कमी पाए स्टांप की वसूली करना। इसी तरह बस्ती में सत्यापन के दौरान नौ बैनामों में पांच लाख 14 हजार 640 रुपये, सिद्धार्थनगर में छह बैनामों में छह लाख पांच हजार 430 रुपये और संतकबीरनगर में दो बैनामों पर 57 हजार 100 रुपये सहित कुल 11 लाख 77 हजार 170 रुपये के स्टांप कमी पाई गई। बताया कि कमी पाए गए बैनामों के मामले में संबधित एडीएम कार्ट में स्टांप वाद दायर किया गया।
मंडल में 75.32 करोड की हुई आमदनी
बस्ती। मंडल में रजिस्ट्री विभाग ने जुलाई तक 75.32 करोड़ रुपये की आमदनी की है। जबकि सालाना टारगेट दो अरब 52 करोड़ का है। बस्ती ने सबसे अधिक 29.78 करोड़, सिद्धार्थनगर ने 27.26 करोड़ और संतकबीरनगर ने 18.27 करोड़ की आमदनी की है।
गायब कर दिया गया घोटाले का अभिलेख
बस्ती।
कप्तानगंज ब्लॉक सरकारी धन की बंदरबांट का केंद्र बनता जा रहा है। दो दिन पहले इसी ब्लॉक के तिलकपुर में घोटाले को छुपाने के लिए अभिलेख नष्ट कर देने का मामला चल रहा था कि मरवटिया तिवारी में भी इसी तरह का प्रकरण सामने आया है। इससे पहले भी पगार सहित अन्य ग्रामों में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कई कार्रवाई हो चुकी है।
ग्राम मरवटिया तिवारी में अभिलेख गायब होने का खुलासा गांव के ही घनश्याम तिवारी की ओर से जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ। आधे से अधिक की जानकारी अधूरी दी गई और कई मामलों में अभिलेख न मिलने का हवाला देकर सूचना नहीं दी गई। ग्राम विकास अधिकारी पुष्पा श्रीवास्तव की ओर से दी गई सूचना में भ्रमित और आधी-अधूरी जानकारी दी गई। 12 बिदुओं पर मांगी गई जानकारी में उन बिंदुओं पर यह कहते हुए जानकारी देने से इन्कार कर दिया कि उन्हें चार्ज में उक्त अभिलेख ही नहीं दिए गए। जबकि कुछ जानकारी नियम का हवाला देते हुए जानकारी नहीं दी गई, जबकि जानकारी लोहिया आवास से संबंधित मांगी गई थी। प्रभारी बीडीओ एवं परियोजना निदेशक डीआरडीए आरपी सिंह ने इस मामले में बताया कि अभिलेख न देने वाले सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।