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स्वास्थ्य सेवा में बाधा बनी डाक्टरों की कमी
Updated Sun, 25 Jun 2017 05:23 PM IST
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योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा की गति जिले में अब भी ठहरी हुई है। डॉक्टरों की कमी के चलते सरकार के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं। जिम्मेदारों के ऊपर अतिरिक्त बोझ डाल चिकित्सा की गाड़ी खींची जा रही है। बस्ती जिले में 254 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 94 डाक्टरों की तैनाती है, जबकि 160 पद रिक्त हैं। इन पदों पर तैनाती शासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जिला मुख्यालय पर ओपेक चिकित्सालय कैली, जिला व महिला चिकित्सालय स्थापित हैं। इसके अलावा दस सीएचसी व पांच पीएचसी भी हैं। शहर के तीनों अस्पतालों में कैली में 47 डॉक्टरों के बजाय 24 की तैनाती है। जिला अस्पताल में 52 के स्थान पर 25 तो महिला अस्पताल में 15 स्वीकृत पदों के सापेक्ष महज पांच चिकित्सक ही तैनात हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति ग्रामीण इलाकों की है।
अस्पताल स्वीकृत तैनाती रिक्त
ओपके कैली 47 24 23
जिला अस्पताल 52 25 27
महिला अस्पताल 15 05 10
ग्रामीण अस्पताल 140 40 100
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जिला मुख्यालय पर ओपेक चिकित्सालय कैली, जिला व महिला चिकित्सालय स्थापित हैं। इसके अलावा दस सीएचसी व पांच पीएचसी भी हैं। शहर के तीनों अस्पतालों में कैली में 47 डॉक्टरों के बजाय 24 की तैनाती है। जिला अस्पताल में 52 के स्थान पर 25 तो महिला अस्पताल में 15 स्वीकृत पदों के सापेक्ष महज पांच चिकित्सक ही तैनात हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति ग्रामीण इलाकों की है।
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अस्पताल स्वीकृत तैनाती रिक्त
ओपके कैली 47 24 23
जिला अस्पताल 52 25 27
महिला अस्पताल 15 05 10
ग्रामीण अस्पताल 140 40 100