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शहर की सड़कों पर गड्ढा मुक्ति अभियान बेअसर
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:09 AM IST
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शहर की सड़कों पर गड्ढामुक्ति अभियान बेअसर
दक्षिण दरवाजा से रोडवेज तक की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे
पचपेड़िया मार्ग की स्थिति बदतर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर यानी खूबसूरत सड़क व चमचमाती रोशनी की परिकल्पना जेहन में उतर जाती है। यह सब कुछ इस शहर में बेमानी है। क्योंकि शहर की अधिकांश सड़कों की हालत खराब है। इस पर तमाम गड्ढे हैं। सरकार की गड्ढा मुक्ति अभियान भी यहां बेअसर बनी हुई है। नगर पालिका क्षेत्र की पचपेड़िया मार्ग के बारे में यह कहा जा सकता है कि यहां सड़क पर नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क है। क्योंकि इस मार्ग की सड़क पर अब केवल गड्ढे दिखाई देते हैं, सड़क व पटरी का कहीं पता नहीं है।
बात शुरू करते हैं दक्षिण दरवाजा से तो चौराहे के निकट डिवाइडर के दोनों ओर सटे हुए गड्ढे साफ नजर आते हैं। इसके आगे गड्ढा पटाने के लिए इतना मैटीरियल डाल दिया गया कि सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है। हर थोड़ी दूरी पर गड्ढे हैं। चइयाबारी में तो और खराब स्थिति है। एक ओर की सड़क पूरी तरह टूट गई है। जिससे वाहनों की गति तो धीमी होती ही है। जरा सी लापरवाही पर गाड़ी पलटने का भी अंदेशा रहता है। यही हाल मालवीय रोड पर भी है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण ने पटरियों को सिकुड़ा दिया है तो सड़क भी टूटने लगी है। जरा सा संतुलन बिगड़ा कि दुर्घटना तय है। इसी मार्ग में शामिल है पचपेड़िया मार्ग। हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग पर अब सड़क गायब हो चुकी है, केवल गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। इसके बाद बारी आती है कंपनी बाग से सिविल लाइन्स की। डिवाइडर के दोनों ओर की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। यहां की सड़क भी गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। यह मार्ग कई स्थानों पर टूटा हुआ है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि शहर को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी गड्ढे वाली सड़कों को चिह्नित किया गया है। अक्तूबर के अंत तक इन्हें गड्ढामुक्त करा दिया जाएगा।
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दक्षिण दरवाजा से रोडवेज तक की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे
पचपेड़िया मार्ग की स्थिति बदतर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर यानी खूबसूरत सड़क व चमचमाती रोशनी की परिकल्पना जेहन में उतर जाती है। यह सब कुछ इस शहर में बेमानी है। क्योंकि शहर की अधिकांश सड़कों की हालत खराब है। इस पर तमाम गड्ढे हैं। सरकार की गड्ढा मुक्ति अभियान भी यहां बेअसर बनी हुई है। नगर पालिका क्षेत्र की पचपेड़िया मार्ग के बारे में यह कहा जा सकता है कि यहां सड़क पर नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क है। क्योंकि इस मार्ग की सड़क पर अब केवल गड्ढे दिखाई देते हैं, सड़क व पटरी का कहीं पता नहीं है।
बात शुरू करते हैं दक्षिण दरवाजा से तो चौराहे के निकट डिवाइडर के दोनों ओर सटे हुए गड्ढे साफ नजर आते हैं। इसके आगे गड्ढा पटाने के लिए इतना मैटीरियल डाल दिया गया कि सड़क ऊबड़-खाबड़ हो गई है। हर थोड़ी दूरी पर गड्ढे हैं। चइयाबारी में तो और खराब स्थिति है। एक ओर की सड़क पूरी तरह टूट गई है। जिससे वाहनों की गति तो धीमी होती ही है। जरा सी लापरवाही पर गाड़ी पलटने का भी अंदेशा रहता है। यही हाल मालवीय रोड पर भी है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण ने पटरियों को सिकुड़ा दिया है तो सड़क भी टूटने लगी है। जरा सा संतुलन बिगड़ा कि दुर्घटना तय है। इसी मार्ग में शामिल है पचपेड़िया मार्ग। हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग पर अब सड़क गायब हो चुकी है, केवल गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। इसके बाद बारी आती है कंपनी बाग से सिविल लाइन्स की। डिवाइडर के दोनों ओर की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। यहां की सड़क भी गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। यह मार्ग कई स्थानों पर टूटा हुआ है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि शहर को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी गड्ढे वाली सड़कों को चिह्नित किया गया है। अक्तूबर के अंत तक इन्हें गड्ढामुक्त करा दिया जाएगा।
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