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कोमा में गए कम्प्यूटर की हालत गंभीर
Updated Thu, 22 Jun 2017 06:27 PM IST
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बस्ती। बीएसए कार्यालय में संविदा पर तैनात कंप्यूटर आपरेटर सुनील कुमार मौर्य की हालत नाजुक बनी हुई है। बृहस्पतिवार को डॉ. मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों ने आईसीयू से निकालकर वेंटिलेटर पर रख दिया है। भाई का कहना है कि बेहोशी हालत में भी उसका भाई बीएसए का नाम ले रहा है। हालत की जानकारी होने पर डीएम अरविंद सिंह ने बीएसए को निर्देश दिया कि इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। वहीं बीएसए एमपी वर्मा ने बताया कि इलाज के लिए कर्मियों और अन्य से करवाई जा रही है। बताया कि उन्होंने खुद पहले लोहिया अस्पताल और उसके बाद सहारा में भर्ती कराने में सहायता की।
दस दिन पहले अचानक कंप्यूटर आपरेटर सुनील मौर्य अवसाद में चले गए। आरोप लगा कि बीएसए की वजह से उसकी यह हालत हुई। इसके लिए सबसे पहले सभी खंड शिक्षक अधिकारियों ने बीएसए को जिम्मेदार बताया, उसके बाद कंप्यूटर आपरेटर संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया, जिसमें सुनील के हालत के लिए बीएसए को जिम्मेदार माना गया। वहीं सुनील के भाई सुधीर मौर्य ने अस्पताल से बताया कि बृहस्पतिवार को भाई की तबियत अधिक खराब होने के कारण वेंटिलेटर पर रख दिया गया और हालत को बेहत नाजुक बताया गया। बताया कि मेरा भाई बेहोशी की हालत में बीएसए का नाम ले रहा था। उधर विभाग का हर कर्मी इलाज में अस्पताल जाकर आर्थिक सहायता दे रहा है। बीएसए खुद बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे चुके हैं।
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दस दिन पहले अचानक कंप्यूटर आपरेटर सुनील मौर्य अवसाद में चले गए। आरोप लगा कि बीएसए की वजह से उसकी यह हालत हुई। इसके लिए सबसे पहले सभी खंड शिक्षक अधिकारियों ने बीएसए को जिम्मेदार बताया, उसके बाद कंप्यूटर आपरेटर संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया, जिसमें सुनील के हालत के लिए बीएसए को जिम्मेदार माना गया। वहीं सुनील के भाई सुधीर मौर्य ने अस्पताल से बताया कि बृहस्पतिवार को भाई की तबियत अधिक खराब होने के कारण वेंटिलेटर पर रख दिया गया और हालत को बेहत नाजुक बताया गया। बताया कि मेरा भाई बेहोशी की हालत में बीएसए का नाम ले रहा था। उधर विभाग का हर कर्मी इलाज में अस्पताल जाकर आर्थिक सहायता दे रहा है। बीएसए खुद बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे चुके हैं।
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