{"_id":"5c911bbbbdec2214031bbd1c","slug":"31553013691-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुपोषित जननी, विकसित धरणी की समीक्षा हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुपोषित जननी, विकसित धरणी की समीक्षा हुई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुपोषित जननी, विकसित धरणी की समीक्षा हुई
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चल रहा पखवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सुपोषित जननी, विकसित धरणी के तहत एनएचएम निदेशक के निर्देशानुसार समीक्षा बैठक हुई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर विशिष्ट अतिथि प्रभारी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना गिरीश मणि त्रिपाठी बैठक को संबोधित किया।
त्रिपाठी ने आशा, संगिनी, एएनएम को बताया कि योजना के तहत प्रथम बार मां बनने वाली महिलाओं को 5000 की आर्थिक सहायता, जच्चा और बच्चा के कुपोषण से मुक्ति के तीन किस्तों में दी जाती है। प्रथम किस्त एक हजार संबंधित लाभार्थी को कुछ शर्तों के अधीन है, दिया जाना है। लाभार्थी गर्भावस्था से डेढ़ सौ दिनों के भीतर किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकृत होना चाहिए। इसके लिए संबंधित के पहचान पत्र, कार्ड समेत अकाउंट का डिटेल जमा करनी होगी। लाभार्थी को डीबीटी के माध्यम से भुगतान होगा। विशेष पखवाड़ा आठ से 22 मार्च 2019 तक सभी सीएचसी/पीएचसी पर मनाया जा रहा। बैठक में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बहादुरपुर पवन कुमार वर्मा, जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सुधीर कुमार यादव ,जिला कार्यक्रम सहायक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जितेंद्र कुमार पांडे मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चल रहा पखवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सुपोषित जननी, विकसित धरणी के तहत एनएचएम निदेशक के निर्देशानुसार समीक्षा बैठक हुई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर विशिष्ट अतिथि प्रभारी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना गिरीश मणि त्रिपाठी बैठक को संबोधित किया।
त्रिपाठी ने आशा, संगिनी, एएनएम को बताया कि योजना के तहत प्रथम बार मां बनने वाली महिलाओं को 5000 की आर्थिक सहायता, जच्चा और बच्चा के कुपोषण से मुक्ति के तीन किस्तों में दी जाती है। प्रथम किस्त एक हजार संबंधित लाभार्थी को कुछ शर्तों के अधीन है, दिया जाना है। लाभार्थी गर्भावस्था से डेढ़ सौ दिनों के भीतर किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकृत होना चाहिए। इसके लिए संबंधित के पहचान पत्र, कार्ड समेत अकाउंट का डिटेल जमा करनी होगी। लाभार्थी को डीबीटी के माध्यम से भुगतान होगा। विशेष पखवाड़ा आठ से 22 मार्च 2019 तक सभी सीएचसी/पीएचसी पर मनाया जा रहा। बैठक में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बहादुरपुर पवन कुमार वर्मा, जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सुधीर कुमार यादव ,जिला कार्यक्रम सहायक प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जितेंद्र कुमार पांडे मौजूद रहे।
विज्ञापन