{"_id":"5c8553c7bdec2213f754e0ab","slug":"31552241607-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वितरण की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वितरण की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे अधिकारी
Sun, 10 Mar 2019 11:43 PM IST
राकेश पांडेय
Basti
Basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 10 Mar 2019 11:43 PM IST
विज्ञापन
ग्राम लक्ष्मनपुर में लखनऊ की टीम ने जांचे हालात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मनपुर ग्राम पंचायत में कोटेदार कार्ड धारकों को यूनिट से कम राशन देने व अधिक रुपये लेने की शिकायत हुई थी। इसकी जांच करने पहुंचे लखनऊ के खाद्य प्रकोष्ठ की टीम ने अनाज वितरण की जमीनी हकीकत जानी।
ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मनपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार के खिलाफ कई बार शिकायत हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर रविवार की दोपहर मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर लखनऊ से खाद्य प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिन्हा गांव में पहुंच कर कार्ड धारकों का लिखित बयान दर्ज किया। यहां गांव की सुगानु ने आरोप लगाया कि कोटेदार 35 किलो के बजाय 25 किलो अनाज देता है कीमत भी सौ रुपये लेता है। कार्ड धारक नीलम ने आरोप लगाया कि कि तीन माह में एक बार ही अनाज मिला है। रेनू, जानकी वर्मा, शिवप्रसाद, सुखई, रामलली, राम अवतार, मोनी, जियालाल, रामनोहर, चतुरा सहित चार दर्जन से अधिक कार्ड धारकों का लिखित बयान टीम ने लिया। जांच में यह उजागर हुआ कि कोटेदार पीडीएस अनाज के वितरण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रहे हैैं। जांच अधिकारी सतीश सिंह ने बताया कि सीएम कार्यालय के गोपनीय प्रकोष्ठ में कोटेदार के खिलाफ शिकायत हुई है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर शासन को इसकी रिपोर्ट की जाएगी।
विज्ञापन
ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मनपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार के खिलाफ कई बार शिकायत हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर रविवार की दोपहर मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर लखनऊ से खाद्य प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिन्हा गांव में पहुंच कर कार्ड धारकों का लिखित बयान दर्ज किया। यहां गांव की सुगानु ने आरोप लगाया कि कोटेदार 35 किलो के बजाय 25 किलो अनाज देता है कीमत भी सौ रुपये लेता है। कार्ड धारक नीलम ने आरोप लगाया कि कि तीन माह में एक बार ही अनाज मिला है। रेनू, जानकी वर्मा, शिवप्रसाद, सुखई, रामलली, राम अवतार, मोनी, जियालाल, रामनोहर, चतुरा सहित चार दर्जन से अधिक कार्ड धारकों का लिखित बयान टीम ने लिया। जांच में यह उजागर हुआ कि कोटेदार पीडीएस अनाज के वितरण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रहे हैैं। जांच अधिकारी सतीश सिंह ने बताया कि सीएम कार्यालय के गोपनीय प्रकोष्ठ में कोटेदार के खिलाफ शिकायत हुई है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर शासन को इसकी रिपोर्ट की जाएगी।
विज्ञापन