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विकास कार्यों में गोलमाल की शिकायत, नहीं हुई जांच
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:51 PM IST
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विकास कार्यों में गोलमाल की शिकायत
बभनान।
गौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेलवरिया जंगल के ग्रामीणों ने 23 सितंबर को विकास कार्यों में गोलमाल का आरोप लगाया था। सीएम को शपथ पत्र के साथ शिकायती पत्र भेज प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों की जांच की मांग उठाई। 15 दिन बाद भी गांव में कोई जांच टीम नहीं पहुंची। इससे नाराज शिकायतकर्ताओं ने दोबारा शपथ पत्र देकर डीएम से जांच की गुहार लगाई है।
बेलवरिया जंगल निवासी रामअवतार उफ़ॱर गब्बर यादव के नेतृत्व में गांव के बलभद्र प्रसाद, राम नारायन, अयोध्या प्रसाद पांडेय, राम नाथ पांडेय, राजकुमार आदि ने सीएम के अलावा डीएम और सीडीओ को भी शपथ पत्र देकर विकास कार्य में गोलमाल का आरोप लगाया था। कहा गया कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान लिया गया है, जिसकी जांच कराई जाए। शिकायत के 15 दिन बाद भी गांव में कोई जांच अधिकारी झांकने तक नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बाद जांच से बचने के लिए प्रधान इस समय कार्य शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक कार्यों की जांच न हो जाए तब तक कोई कार्य न कराया जाए। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय पर धरना देंगे। खंड विकास अधिकारी गौर प्रभा शंकर चौबे ने बताया कि यह जांच जिले स्तर से हो रही है। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
क्या कहते हैं सीडीओ
सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच डीडीओ स्तर से हो रही है। इसमें टेक्निकल टीम भी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई संभव होगी।
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बभनान।
गौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेलवरिया जंगल के ग्रामीणों ने 23 सितंबर को विकास कार्यों में गोलमाल का आरोप लगाया था। सीएम को शपथ पत्र के साथ शिकायती पत्र भेज प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों की जांच की मांग उठाई। 15 दिन बाद भी गांव में कोई जांच टीम नहीं पहुंची। इससे नाराज शिकायतकर्ताओं ने दोबारा शपथ पत्र देकर डीएम से जांच की गुहार लगाई है।
बेलवरिया जंगल निवासी रामअवतार उफ़ॱर गब्बर यादव के नेतृत्व में गांव के बलभद्र प्रसाद, राम नारायन, अयोध्या प्रसाद पांडेय, राम नाथ पांडेय, राजकुमार आदि ने सीएम के अलावा डीएम और सीडीओ को भी शपथ पत्र देकर विकास कार्य में गोलमाल का आरोप लगाया था। कहा गया कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान लिया गया है, जिसकी जांच कराई जाए। शिकायत के 15 दिन बाद भी गांव में कोई जांच अधिकारी झांकने तक नहीं आया। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बाद जांच से बचने के लिए प्रधान इस समय कार्य शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक कार्यों की जांच न हो जाए तब तक कोई कार्य न कराया जाए। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय पर धरना देंगे। खंड विकास अधिकारी गौर प्रभा शंकर चौबे ने बताया कि यह जांच जिले स्तर से हो रही है। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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क्या कहते हैं सीडीओ
सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच डीडीओ स्तर से हो रही है। इसमें टेक्निकल टीम भी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई संभव होगी।
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