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24 घंटे में निपट गईं छह माह से लटकीं 250 फाइलें
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24 घंटे में निपट गईं छह माह से लटकीं 250 फाइलें
सीएमओ कार्यालय के निरीक्षण में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों के ढेर देखकर बिफरी थीं डीएम
बोले प्रभारी सीएमओ- लंबित शेष दो सौ फाइलों को भी जल्द निपटा दिया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएमओ के अधीन कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पर तमाम अड़ंगा बाबू व कुछेक अधिकारी लगाकर लटकाए हुए थे। पेंशनरों की बैठक में यह मामला डीएम के सामने उठा तो इसकी जांच शुरू करा दी। अभी जांच शुरू भी नहीं हुई थी कि अचानक डीएम ने सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण कर डाला। यहां करीब साढ़े चार सौ फाइलों को देखकर उनके तेवर सख्त हो गए। इसके बाद 24 घंटे में ही छह माह से लटकीं 250 फाइलों का निपटारा हो गया। अब भी करीब दो से ढाई सौ चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलें अटकी हैं। अपर एसीएमओ व प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह ने कहा कि सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर लंबित फाइलों को जल्द से जल्द निपटा दिया जाएगा।
विभिन्न विभागों के कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति को सीएमओ व जिला अस्पताल से निपटाया जाता है। यहां मानक के अनुसार प्रतिपूर्ति की फाइल पर संस्तुति दी जाती है। इन फाइलों को स्वास्थ्य विभाग में लटका दिया जाता है। पिछले छह माह से जिले के तकरीबन पांच से साढ़े पांच सौ कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल सीएमओ कार्यालय में लटकी थी। इन फाइलों में जहां कैंसर, हृदयरोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों के परिवार व खुद की भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल होती है। इन कर्मियों की मानें तो पहले इन फाइलों पर सप्ताह भर में सहमति मिल जाती थी मगर पिछले छह माह से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों को लंबित कर दिया जा रहा है। इन स्थितियों से परेशान पेंशनरों ने डीएम सौम्या अग्रवाल तक अपनी बात पहुंचाई। पेंशनरों की इस समस्या की जानकारी के बाद डीएम के तेवर सख्त हुए तो उन्होंने डीडीओ अजीत श्रीवास्तव को इसकी जांच सौंप दी। इधर, डीएम के तेवर को भांप जिम्मेदारों ने फाइलों को उलटना शुरू ही किया था कि दो मई को सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण का निरीक्षण कर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले को लेकर जिम्मेदारों पर खूब बरसीं। अपर एसीएमओ व प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह ने बताया कि निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर ढाई सौ फाइलों को निपटा दिया गया है जबकि दो सौ फाइलें अब भी लंबित हैं। तकनीकी खामियां दूर कर उन्हें भी जल्द निपटा दिया जाएगा।
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सीएमओ कार्यालय के निरीक्षण में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों के ढेर देखकर बिफरी थीं डीएम
बोले प्रभारी सीएमओ- लंबित शेष दो सौ फाइलों को भी जल्द निपटा दिया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएमओ के अधीन कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पर तमाम अड़ंगा बाबू व कुछेक अधिकारी लगाकर लटकाए हुए थे। पेंशनरों की बैठक में यह मामला डीएम के सामने उठा तो इसकी जांच शुरू करा दी। अभी जांच शुरू भी नहीं हुई थी कि अचानक डीएम ने सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण कर डाला। यहां करीब साढ़े चार सौ फाइलों को देखकर उनके तेवर सख्त हो गए। इसके बाद 24 घंटे में ही छह माह से लटकीं 250 फाइलों का निपटारा हो गया। अब भी करीब दो से ढाई सौ चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलें अटकी हैं। अपर एसीएमओ व प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह ने कहा कि सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर लंबित फाइलों को जल्द से जल्द निपटा दिया जाएगा।
विभिन्न विभागों के कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति को सीएमओ व जिला अस्पताल से निपटाया जाता है। यहां मानक के अनुसार प्रतिपूर्ति की फाइल पर संस्तुति दी जाती है। इन फाइलों को स्वास्थ्य विभाग में लटका दिया जाता है। पिछले छह माह से जिले के तकरीबन पांच से साढ़े पांच सौ कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल सीएमओ कार्यालय में लटकी थी। इन फाइलों में जहां कैंसर, हृदयरोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों के परिवार व खुद की भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल होती है। इन कर्मियों की मानें तो पहले इन फाइलों पर सप्ताह भर में सहमति मिल जाती थी मगर पिछले छह माह से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों को लंबित कर दिया जा रहा है। इन स्थितियों से परेशान पेंशनरों ने डीएम सौम्या अग्रवाल तक अपनी बात पहुंचाई। पेंशनरों की इस समस्या की जानकारी के बाद डीएम के तेवर सख्त हुए तो उन्होंने डीडीओ अजीत श्रीवास्तव को इसकी जांच सौंप दी। इधर, डीएम के तेवर को भांप जिम्मेदारों ने फाइलों को उलटना शुरू ही किया था कि दो मई को सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण का निरीक्षण कर चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले को लेकर जिम्मेदारों पर खूब बरसीं। अपर एसीएमओ व प्रभारी सीएमओ डॉ. जय सिंह ने बताया कि निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर ढाई सौ फाइलों को निपटा दिया गया है जबकि दो सौ फाइलें अब भी लंबित हैं। तकनीकी खामियां दूर कर उन्हें भी जल्द निपटा दिया जाएगा।
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