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बीमार मां को ठेले से पहुंचाया अस्पताल
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:07 AM IST
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बभनान। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की कोशिश कर रही सरकार को कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। बीमार मां को अस्पताल पहुंचाने के लिए बार बार 108 एंबुलेंस सेवा के लिए फोन करते रहने पर भी नहीं पहुंची। अंत में ठेले से ही बेटे ने अस्पताल पहुंचाया।
वाकया गौर सीएचसी क्षेत्र के महुआ डाबर गांव का है। 60 वर्षीय जैतूनिशा पत्नी मोहम्मद हनीफ की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। बेटे साजिद खान ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर लगातार फोन किया। मगर कोई फोन रिसीव नहीं हुआ। बताया कि कोई रिस्पांस नहीं मिला तो आनन-फानन मां को ठेले पर लिटा कर बभनान में निजी अस्पताल पहुंचाया। पूरे दिन इलाज के बाद शाम को स्थिति में कुछ सुधार होने पर डॉक्टरों की सलाह से घर ले आया। बताया कि शाम को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी ठेले का ही सहारा लेना पड़ा। सुबह में एंबुलेंस न मिलने से अपना साधन ही बेहतर समझा। परिवार के अनुसार बुजुर्ग महिला शुगर की पेशेंट है और उसे खून की कमी है। काफी दिनों से बीमार चल रही हैं। इन लोगों का यह भी कहना है कि बभनान पीएचसी पर डॉक्टरों की तैनाती न होने व अच्छी स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से हम लोग निजी अस्पताल का ही सहारा लेते हैं। गरीबी के चलते हम लोग दूर के अच्छे अस्पताल में नहीं जा पाते। इस संबंध में सीएमओ जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि इसकी एंबुलेंस सेवा की कंट्रोलिंग लखनऊ से है। यदि मरीजों को एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल रही है तो शिकायत आने पर जिले में नियुक्त कोऑर्डिनेटर से बात कर शासन स्तर तक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। हम लोगों का प्रयास रहता है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले।
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वाकया गौर सीएचसी क्षेत्र के महुआ डाबर गांव का है। 60 वर्षीय जैतूनिशा पत्नी मोहम्मद हनीफ की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। बेटे साजिद खान ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर लगातार फोन किया। मगर कोई फोन रिसीव नहीं हुआ। बताया कि कोई रिस्पांस नहीं मिला तो आनन-फानन मां को ठेले पर लिटा कर बभनान में निजी अस्पताल पहुंचाया। पूरे दिन इलाज के बाद शाम को स्थिति में कुछ सुधार होने पर डॉक्टरों की सलाह से घर ले आया। बताया कि शाम को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी ठेले का ही सहारा लेना पड़ा। सुबह में एंबुलेंस न मिलने से अपना साधन ही बेहतर समझा। परिवार के अनुसार बुजुर्ग महिला शुगर की पेशेंट है और उसे खून की कमी है। काफी दिनों से बीमार चल रही हैं। इन लोगों का यह भी कहना है कि बभनान पीएचसी पर डॉक्टरों की तैनाती न होने व अच्छी स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से हम लोग निजी अस्पताल का ही सहारा लेते हैं। गरीबी के चलते हम लोग दूर के अच्छे अस्पताल में नहीं जा पाते। इस संबंध में सीएमओ जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि इसकी एंबुलेंस सेवा की कंट्रोलिंग लखनऊ से है। यदि मरीजों को एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल रही है तो शिकायत आने पर जिले में नियुक्त कोऑर्डिनेटर से बात कर शासन स्तर तक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। हम लोगों का प्रयास रहता है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले।
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