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Basti News: स्कूल आने में असमर्थ 215 बच्चों को घर पर दी जा रही शिक्षा

Wed, 27 Aug 2025 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 27 Aug 2025 02:13 AM IST
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215 children who are unable to come to school are being educated at home
बस्ती। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र के 215 छात्र दिव्यांगता के कारण स्कूल आने में असमर्थ हैं। प्रदेश सरकार की होम बेस्ड एजुकेशन के तहत इन बच्चों को घर पर ही औपचारिक शिक्षा दी जा रही है। इन बच्चों को पढ़ाने का काम स्पेशल एजुकेटर कर रहे हैं जो सप्ताह में एक दिन इन बच्चों के घर जाते हैं। बच्चों के साथ इनके अभिभावकों की काउंसिलिंग करते हैं, जिससे इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।
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दिव्यांगता की वजह से स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की संख्या 215 है। विभाग ने इनके लिए विशेष व्यवस्था की है। एक स्पेशल एजुकेटर सप्ताह में एक दिन उनके घर जाता है और उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रदान करता है। इस स्पेशल एजुकेटर का काम केवल यहीं खत्म नहीं होता।
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बच्चे के साथ-साथ वह अभिभावकों की भी काउंसिलिंग करता है ताकि बच्चे की दिव्यांगता को लेकर वे असहज न रहें और बच्चे को मुख्य धारा में लाने का प्रयास करते रहें। साथ ही ये बच्चे अपने रोजमर्रा के काम में दूसरों पर कम से कम आश्रित रहें।
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स्पेशल एजुकेटर सुनील कुमार गुप्ता बताते हैं कि इस योजना में जिन बच्चों के घरों पर जा कर उन्हें औपचारिक शिक्षा दी जाती है उनमें ज्यादातर वंचित वर्ग के ही बच्चे शामिल होते हैं। इन बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ उन्हें इस तरह से तैयार करने की कोशिश की जाती है ताकि वे दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों से भी आसानी से निपट सकें।
उनकी दिव्यांगता के अनुसार उन्हें खेलकूद का सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इनमें ज्यादातर बच्चे चलने फिरने में असमर्थ होते हैं इसलिए उन्हें एक जगह बैठ कर ही खेलने वाला सामान दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को होम वर्क भी दिया जाता है ताकि वे खाली समय में अपनी पढ़ाई करते रहें।

जिला समन्वयक समेकित शिक्षा सुनील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक ब्लाक में होम बेस्ड एजुकेशन के लिए 15-15 बच्चों काे चिह्नित किया गया है। केवल रामनगर एवं गौर ब्लॉक में 10-10 बच्चे चिह्नित किए गए है। इन बच्चों की औपचारिक शिक्षा के लिए जिले में 43 स्पेशल एजुकेटरों की तैनाती की गई है।
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