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21 घंटे का विद्युत आपूर्ति का दावा भी फेल
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21 घंटे का विद्युत आपूर्ति का दावा भी फेल
बभनान (बस्ती)। नगर पंचायत स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से करीब 350 गांवों के 17 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। जर्जर लाइनें और खंभे निर्बाध आपूर्ति में व्यवधान पैदा कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार 21 घंटे की बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। पीक ऑवर (शाम छह से 11 बजे तक) हर घंटे करीब दो महीने से अघोषित कटौती हो रही है।
उमस भरी गर्मी में उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उपकेंद्र से गौर, बेदियापुर, पैकोलिया व बभनान टाउन नाम से चार फीडर हैं। इनकी लाइनें हर घंटे खराब हो जाती हैं। लाइनें पुरानी होने के कारण लोड बढ़ने पर खुद ही टूटकर गिर जाती हैं। खराब मौसम में उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
कभी इंसुलेटर पंक्चर हो जाता है तो कभी जंफर पिघल जाता है। शाम छह से 11 बजे तक प्रतिदिन करीब चार से पांच बार कटौती होती है। यह कटौती आधे घंटे से अधिक समय की हो रही है। उपखंड अधिकारी लालबहादुर यादव ने बताया कि कई गांव में जर्जर तारों को बदलने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। जल्द ही जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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रोशनी देने वाला उपकेंद्र बदहाल
उपकेंद्र यार्ड के अंदर पावर ट्रांसफॉर्मर रखे हैं। चारों ओर से की गई घेराबंदी जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गई है। झांड़ियों से ढंके यार्ड में जाने में बिजली कर्मी भी डरते हैं। परिसर में महीने भर से बारिश का पानी जमा है। सीलन के कारण फीडरों में आए दिन फाल्ट रहता है। परिसर में बिल जमा काउंटर और उपखंड अधिकारी का कार्यालय भी है। बारिश के मौसम में बिल जमा और संशोधन कराने के लिए उपभोक्ताओं का आना-जाना कम हो जाता है।
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बभनान (बस्ती)। नगर पंचायत स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से करीब 350 गांवों के 17 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। जर्जर लाइनें और खंभे निर्बाध आपूर्ति में व्यवधान पैदा कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार 21 घंटे की बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। पीक ऑवर (शाम छह से 11 बजे तक) हर घंटे करीब दो महीने से अघोषित कटौती हो रही है।
उमस भरी गर्मी में उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उपकेंद्र से गौर, बेदियापुर, पैकोलिया व बभनान टाउन नाम से चार फीडर हैं। इनकी लाइनें हर घंटे खराब हो जाती हैं। लाइनें पुरानी होने के कारण लोड बढ़ने पर खुद ही टूटकर गिर जाती हैं। खराब मौसम में उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
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कभी इंसुलेटर पंक्चर हो जाता है तो कभी जंफर पिघल जाता है। शाम छह से 11 बजे तक प्रतिदिन करीब चार से पांच बार कटौती होती है। यह कटौती आधे घंटे से अधिक समय की हो रही है। उपखंड अधिकारी लालबहादुर यादव ने बताया कि कई गांव में जर्जर तारों को बदलने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। जल्द ही जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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रोशनी देने वाला उपकेंद्र बदहाल
उपकेंद्र यार्ड के अंदर पावर ट्रांसफॉर्मर रखे हैं। चारों ओर से की गई घेराबंदी जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गई है। झांड़ियों से ढंके यार्ड में जाने में बिजली कर्मी भी डरते हैं। परिसर में महीने भर से बारिश का पानी जमा है। सीलन के कारण फीडरों में आए दिन फाल्ट रहता है। परिसर में बिल जमा काउंटर और उपखंड अधिकारी का कार्यालय भी है। बारिश के मौसम में बिल जमा और संशोधन कराने के लिए उपभोक्ताओं का आना-जाना कम हो जाता है।