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फोटो... धान खरीद: एफसीआई ठेकेदारों पर शिकंजा
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:29 AM IST
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धान खरीद: एफसीआई ठेकेदारों पर शिकंजा
उंगली टेढ़ी करेगा प्रशासन, एडीएम को जिम्मा
साऊंघाट राइस मिल पहुंचे डीएम, समझी दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मान-मनौव्वल की सिफारिश जैैैसी तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में धान खरीद की दशा खराब होती जा रही है। गति न पकड़ने के लिए शासन-प्रशासन ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद अब तक सिर्फ तीन हजार क्ंिवटल चावल ही अब तक एफसीआई के गोदाम तक पहुंच पाया। हालात हाथ से निकलते देखकर डीएम डॉ. राजशेखर ने सख्ती करनी शुरू कर दी है।
डीएम बृहस्पतिवार को साऊंघाट स्थित अमर राइस मिल पर अचानक जा धमके। डिप्टी आरएमओ और राइस मिल के प्रबंधक के साथ राइस मिल की क्षमता और कामकाज की स्थिति का जायजा लिया। मिल के प्रबंधक ने एफसीआई गोदाम पर अनलोड करने के लिए लंबे इंतजार करने को लेकर सारी समस्याएं बताईं। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि आठ हजार क्विंटल धान उतारने की क्षमता प्रतिदिन है। जबकि अनुबंधित कुल 17 चावल मिलों से एफसीआई को सिर्फ तीन हजार क्विंटल से भी कम चावल भेजा गया है। एफसीआई के ठेकेदारों के हैंडलिंग और अनलोडिंग में समस्याएं पैदा करने से राइस मिलर्स को अनावश्यक देर और उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
डीएम ने एडीएम से एक-दो दिन के भीतर डिप्टी आरएमओ, एफसीआई अधिकारियों के एफसीआई के गोदाम का दौरा करके राइस मिलर्स की छोटी-मोटी समस्याओं पर बातचीत करके समाधान कराने को निर्देशित किया। पारदर्शिता, उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने और राइस मिलर्स की किसी भी प्रकार की अनियमितताओं से बचने के लिए, डीएम ने संयुक्त रूप से सभी एसडीएम/तहसीलदार और डिप्टी आरएमओ को सभी चावल मिलों का पाक्षिक निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। निरीक्षण में पाया कि वर्ष 2014 में स्थापित मिल की 12 सौ क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता अब सिर्फ नौ सौ क्विंटल तक ही सीमित रह गई।
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धान खरीद: एफसीआई ठेकेदारों पर शिकंजा
उंगली टेढ़ी करेगा प्रशासन, एडीएम को जिम्मा
साऊंघाट राइस मिल पहुंचे डीएम, समझी दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मान-मनौव्वल की सिफारिश जैैैसी तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में धान खरीद की दशा खराब होती जा रही है। गति न पकड़ने के लिए शासन-प्रशासन ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद अब तक सिर्फ तीन हजार क्ंिवटल चावल ही अब तक एफसीआई के गोदाम तक पहुंच पाया। हालात हाथ से निकलते देखकर डीएम डॉ. राजशेखर ने सख्ती करनी शुरू कर दी है।
डीएम बृहस्पतिवार को साऊंघाट स्थित अमर राइस मिल पर अचानक जा धमके। डिप्टी आरएमओ और राइस मिल के प्रबंधक के साथ राइस मिल की क्षमता और कामकाज की स्थिति का जायजा लिया। मिल के प्रबंधक ने एफसीआई गोदाम पर अनलोड करने के लिए लंबे इंतजार करने को लेकर सारी समस्याएं बताईं। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि आठ हजार क्विंटल धान उतारने की क्षमता प्रतिदिन है। जबकि अनुबंधित कुल 17 चावल मिलों से एफसीआई को सिर्फ तीन हजार क्विंटल से भी कम चावल भेजा गया है। एफसीआई के ठेकेदारों के हैंडलिंग और अनलोडिंग में समस्याएं पैदा करने से राइस मिलर्स को अनावश्यक देर और उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
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डीएम ने एडीएम से एक-दो दिन के भीतर डिप्टी आरएमओ, एफसीआई अधिकारियों के एफसीआई के गोदाम का दौरा करके राइस मिलर्स की छोटी-मोटी समस्याओं पर बातचीत करके समाधान कराने को निर्देशित किया। पारदर्शिता, उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने और राइस मिलर्स की किसी भी प्रकार की अनियमितताओं से बचने के लिए, डीएम ने संयुक्त रूप से सभी एसडीएम/तहसीलदार और डिप्टी आरएमओ को सभी चावल मिलों का पाक्षिक निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। निरीक्षण में पाया कि वर्ष 2014 में स्थापित मिल की 12 सौ क्विंटल प्रतिदिन की क्षमता अब सिर्फ नौ सौ क्विंटल तक ही सीमित रह गई।
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