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दोषी पति को छह वर्ष की सजा
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:48 AM IST
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बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार शाही ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोप में पति को दोषी करार दिया है। इस मामले में पति को छह वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 12 हजार रुपये अर्थदंड भी न्यायालय ने आरोपी पति पर लगाया है। इसे अदा न करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने घटना का विवरण रखते हुए न्यायालय को बताया कि गौर थाना क्षेत्र के बभनगांवा कला निवासी राधेश्याम यादव ने अपनी पुत्री माया की शादी 22 जून 2008 को उसी थाना क्षेत्र के बाघाकरण मंदिर का पुरवा गांव निवासी जय प्रकाश यादव के साथ की थी। इनके एक पुत्री भी हुई। दहेज को लेकर विवाहिता को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था। आरोप लगाया कि 19 फरवरी 2013 को पति ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने पति जय प्रकाश व ओमप्रकाश के विरुद्ध दहेज व आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। कोर्ट ने माना कि जय प्रकाश ने अपने ससुर से एक लाख रुपया व्यापार के लिए मांगा था। न देने पर पत्नी को प्रताड़ित करते हुए आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित किया, जिससे विवश होकर माया ने जान दे दी। कोर्ट ने जेठ ओम प्रकाश को इस प्रकरण में भूमिका से इंकार करते हुए दोष मुक्त कर दिया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने घटना का विवरण रखते हुए न्यायालय को बताया कि गौर थाना क्षेत्र के बभनगांवा कला निवासी राधेश्याम यादव ने अपनी पुत्री माया की शादी 22 जून 2008 को उसी थाना क्षेत्र के बाघाकरण मंदिर का पुरवा गांव निवासी जय प्रकाश यादव के साथ की थी। इनके एक पुत्री भी हुई। दहेज को लेकर विवाहिता को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था। आरोप लगाया कि 19 फरवरी 2013 को पति ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने पति जय प्रकाश व ओमप्रकाश के विरुद्ध दहेज व आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। कोर्ट ने माना कि जय प्रकाश ने अपने ससुर से एक लाख रुपया व्यापार के लिए मांगा था। न देने पर पत्नी को प्रताड़ित करते हुए आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित किया, जिससे विवश होकर माया ने जान दे दी। कोर्ट ने जेठ ओम प्रकाश को इस प्रकरण में भूमिका से इंकार करते हुए दोष मुक्त कर दिया।
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