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आधी रात में तटबंध का बेस धराशायी
basti
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:06 AM IST
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तटबंध का जायजा लेते अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया। वीडी बांध (विक्रमजोत-धुसवा) की हालत अतिसंवेदनशील बन गई है। कटरिया-चांदपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाया गया बेस मंगलवार रात करीब 20 मीटर फिर बैठ गया है। तटबंध के पास नदी ने धारा बना ली है।
सरयू नदी का जलस्तर 92.750 मीटर पर है। जो दो सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है। दुबौलिया क्षेत्र में स्थित यह तटबंध पहले से ही करीब दो किलोमीटर में जर्जर था। बोल्डर की कमी के चलते ईंट रोड़े और मिट्टी भरी बोरियों को कैरट में रखकर बेस बनाया गया है। नदी का सबसे ज्यादा प्रकोप इसी तटबंध के खलवा और खजांचीपुरा गांव के पास है जहां खेती योग्य जमीनें सरयू नदी अपनी धारा से काटकर नदी में समाहित कर रही है। पिछले तीन दिन में नदी के उतराव और चढ़ाव के चलते दो बार तटबंध की सुुरक्षा में बनाए गए बेस को काट चुकी है। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार रात से लगभग स्थिर है। लेकिन धारा तेज होने से कटान का दायरा बढ़ा है। तटबंध की हालत देखकर कर तटवर्ती गांव के लोग गृहस्थी समेटने लगे हैं। पशुओं को भी दूर ले जा कर बांधते हैं। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि तटबंध पर मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है स्थित नियंत्रण में है पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।
तटवर्ती गांव खलवा, दुबौलिया, धर्मूपुर के लोग सहमे हैं। बेस बैठने से नदी की धारा तटबंध को छूकर बहने लगी है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने मजदूरों को लगा कर ईंट से भरी बोरियों के सहारे स्थिति पर काबू की कोशिश की है। दिलासपुरा और पहड़वापुर गांव के निकट कृषि योग्य जमीन को नदी की धारा काट रही है। पारा गांव के निकट ठोकर और कटर पर दबाव बढ़ रहा है। किशुनपुर, मोजपुर, रिंगबाध के निकट नाऊपुरवा के पास भी खेती की जमीन धारा में समाहित हो रही है।
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बंधे का चार मीटर टोप कटा
दुबौलिया। खलवा गांव के पास बंधे का चार मीटर टोप बुधवार भोर में कट गया। बेस बहने और टोप कटने की जानकारी पर बाढ़ खंड के अधिकारी पहुंच गए। प्रभावित स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू हुआ। खलवा गांव के पास नवनिर्मित ठोकर का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी में बैठ गया। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि जलस्तर घटने के कारण दबाव बढ़ा है। यहां पानी का बहाव तेज भी है। मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है खतरे की कोई बात नहीं।
तटबंध पर पहुंचे एडीएम
प्रभारी एडीएम आरडी पांडेय बुधवार को कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पहुंचे। दो किलोमीटर अति संवेदनशील तटबंध का जायजा लिया। नवनिर्मित बैठे ठोकर के हिस्से को जल्द से जल्द बोल्डर भरने को कहा। तटबंध के किनारे बोल्डर पिचिंग कराने का निर्देश भी दिया। तटबंध के किनारे कृषि योग्य कट रही जमीन का मौके पर मौजूद राजस्वकर्मियों ने आकलन का निर्देश दिया। अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी ने एसडीएम से तटबंध पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। अभियंता ने बताया कि कटान लगने के समय कुछ लोग हमारे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। जिस पर एडीएम ने थानाध्यक्ष से बात कर तुरंत पुलिस तैनाती करने को कहा। इस मौके पर जेई संजय यादव, विजय प्रकाश, सुरेश सिंह, गणेश पाठक, अनिल सिंह, इमरान अली, संदीप आदि मौजूद रहे।
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सरयू नदी का जलस्तर 92.750 मीटर पर है। जो दो सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है। दुबौलिया क्षेत्र में स्थित यह तटबंध पहले से ही करीब दो किलोमीटर में जर्जर था। बोल्डर की कमी के चलते ईंट रोड़े और मिट्टी भरी बोरियों को कैरट में रखकर बेस बनाया गया है। नदी का सबसे ज्यादा प्रकोप इसी तटबंध के खलवा और खजांचीपुरा गांव के पास है जहां खेती योग्य जमीनें सरयू नदी अपनी धारा से काटकर नदी में समाहित कर रही है। पिछले तीन दिन में नदी के उतराव और चढ़ाव के चलते दो बार तटबंध की सुुरक्षा में बनाए गए बेस को काट चुकी है। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार रात से लगभग स्थिर है। लेकिन धारा तेज होने से कटान का दायरा बढ़ा है। तटबंध की हालत देखकर कर तटवर्ती गांव के लोग गृहस्थी समेटने लगे हैं। पशुओं को भी दूर ले जा कर बांधते हैं। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि तटबंध पर मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है स्थित नियंत्रण में है पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।
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तटवर्ती गांव खलवा, दुबौलिया, धर्मूपुर के लोग सहमे हैं। बेस बैठने से नदी की धारा तटबंध को छूकर बहने लगी है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने मजदूरों को लगा कर ईंट से भरी बोरियों के सहारे स्थिति पर काबू की कोशिश की है। दिलासपुरा और पहड़वापुर गांव के निकट कृषि योग्य जमीन को नदी की धारा काट रही है। पारा गांव के निकट ठोकर और कटर पर दबाव बढ़ रहा है। किशुनपुर, मोजपुर, रिंगबाध के निकट नाऊपुरवा के पास भी खेती की जमीन धारा में समाहित हो रही है।
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बंधे का चार मीटर टोप कटा
दुबौलिया। खलवा गांव के पास बंधे का चार मीटर टोप बुधवार भोर में कट गया। बेस बहने और टोप कटने की जानकारी पर बाढ़ खंड के अधिकारी पहुंच गए। प्रभावित स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू हुआ। खलवा गांव के पास नवनिर्मित ठोकर का करीब पांच मीटर हिस्सा नदी में बैठ गया। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि जलस्तर घटने के कारण दबाव बढ़ा है। यहां पानी का बहाव तेज भी है। मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है खतरे की कोई बात नहीं।
तटबंध पर पहुंचे एडीएम
प्रभारी एडीएम आरडी पांडेय बुधवार को कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पहुंचे। दो किलोमीटर अति संवेदनशील तटबंध का जायजा लिया। नवनिर्मित बैठे ठोकर के हिस्से को जल्द से जल्द बोल्डर भरने को कहा। तटबंध के किनारे बोल्डर पिचिंग कराने का निर्देश भी दिया। तटबंध के किनारे कृषि योग्य कट रही जमीन का मौके पर मौजूद राजस्वकर्मियों ने आकलन का निर्देश दिया। अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी ने एसडीएम से तटबंध पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। अभियंता ने बताया कि कटान लगने के समय कुछ लोग हमारे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। जिस पर एडीएम ने थानाध्यक्ष से बात कर तुरंत पुलिस तैनाती करने को कहा। इस मौके पर जेई संजय यादव, विजय प्रकाश, सुरेश सिंह, गणेश पाठक, अनिल सिंह, इमरान अली, संदीप आदि मौजूद रहे।