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पंचायत चुनाव में हार गए थे राजकुमार
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:52 PM IST
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पंचायत चुनाव में हार गए थे राजकुमार
वर्ष 2015 में 1374 मतों से राजकुमार को मिली थी शिकस्त
उप चुनाव में 85 मतों से राजकुमार के माथे बंधा जीत का सेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। जिला पंचायत के उपचुनाव की मतगणना के बाद जीत का सेहरा भले ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी राजकुमार चौधरी के सिर पर बंधा हो, लेकिन उनको यह जीत इतनी आसानी से हासिल नहीं हुई। कांटे की टक्कर में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी नजरुन्निशा को सिर्फ 85 मतों से शिकस्त दी है। दिलचस्प बात यह है कि इसी सीट पर वर्ष 2015 में हुए पंचायत के चुनाव में राजकुमार चौधरी बसपा की सीट पर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि नजरुन्निशा की सास हाजरुन्निशा ने सपा की सीट से चुनाव लड़कर राजकुमार को पराजित किया था। उस समय जीत का अंतर 1374 मतों का था।
उप चुनाव पर नजर डाली जाए तो कुल मतों के सापेक्ष हुए 42 प्रतिशत के अल्प मतदान के बावजूद राजकुमार चौधरी ने राजनीति के मैदान में शानदार वापसी की है। राजकुमार को मिली इस जीत में सत्ता दल का प्रत्याशी होना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 के पंचायत मुख्य चुनाव में इस सीट सपा की ओर से क्षेत्र के दिग्गज सपा नेता मोहम्मद शकील ने अपनी मां हाजरुन्निशा को चुनाव लड़ाया था। इसमें सपा प्रत्याशी को कुल 32,062 मतों के सापेक्ष 3,645 (11 फीसदी) मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं बसपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को 2,271(7.08 प्रतिशत) मतों से ही संतोष करना पड़ा था। मुख्य चुनाव में मैदान में उतरे कुल 32 में से 31 प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए हाजरुन्निशा ने जिला पंचायत की सीट पर कब्जा जमाया था। इस चुनाव में कुल 18,812 (58.6 प्रतिशत) मत पड़े थे।
उपचुनाव के बाद मतगणना से मिले आंकड़े बताते हैं इस चुनाव में विजयी प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए हैं। कुल 54 बूथों (मतदान के दिन रद्द हुए बूथ को छोड़कर) पर कुल 33,805 मतदाताओं के सापेक्ष 13,997 (41.40 प्रतिशत) मत पड़े। इसमें भाजपा समर्थित प्रत्याशी को 6,448 ( 19.07 फीसदी) मत प्राप्त हुए, जबकि दूसरे स्थान पर रहे सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को 6,363 (18.82 प्रतिशत) मत, तीसरे स्थान पर रहे निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र को 952 (2.81 प्रतिशत), चौथे स्थान पर रहे सूर्यकांत को 55 (0.16 प्रतिशत) एवं पांचवें स्थान पर रहे अशोक कुमार को 31 (0.09 प्रतिशत) मत प्राप्त हुए। इसके अलावा इस उपचुनाव में कुल 148 मतों को अवैध घोषित किया गया। बूथवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कांटे की टक्कर में कुल 54 में से 28 बूथों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को बढ़त मिली, जबकि शेष 26 बूथों पर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी का दबदबा कायम रहा।
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वर्ष 2015 में 1374 मतों से राजकुमार को मिली थी शिकस्त
उप चुनाव में 85 मतों से राजकुमार के माथे बंधा जीत का सेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। जिला पंचायत के उपचुनाव की मतगणना के बाद जीत का सेहरा भले ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी राजकुमार चौधरी के सिर पर बंधा हो, लेकिन उनको यह जीत इतनी आसानी से हासिल नहीं हुई। कांटे की टक्कर में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी नजरुन्निशा को सिर्फ 85 मतों से शिकस्त दी है। दिलचस्प बात यह है कि इसी सीट पर वर्ष 2015 में हुए पंचायत के चुनाव में राजकुमार चौधरी बसपा की सीट पर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि नजरुन्निशा की सास हाजरुन्निशा ने सपा की सीट से चुनाव लड़कर राजकुमार को पराजित किया था। उस समय जीत का अंतर 1374 मतों का था।
उप चुनाव पर नजर डाली जाए तो कुल मतों के सापेक्ष हुए 42 प्रतिशत के अल्प मतदान के बावजूद राजकुमार चौधरी ने राजनीति के मैदान में शानदार वापसी की है। राजकुमार को मिली इस जीत में सत्ता दल का प्रत्याशी होना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 के पंचायत मुख्य चुनाव में इस सीट सपा की ओर से क्षेत्र के दिग्गज सपा नेता मोहम्मद शकील ने अपनी मां हाजरुन्निशा को चुनाव लड़ाया था। इसमें सपा प्रत्याशी को कुल 32,062 मतों के सापेक्ष 3,645 (11 फीसदी) मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं बसपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को 2,271(7.08 प्रतिशत) मतों से ही संतोष करना पड़ा था। मुख्य चुनाव में मैदान में उतरे कुल 32 में से 31 प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए हाजरुन्निशा ने जिला पंचायत की सीट पर कब्जा जमाया था। इस चुनाव में कुल 18,812 (58.6 प्रतिशत) मत पड़े थे।
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उपचुनाव के बाद मतगणना से मिले आंकड़े बताते हैं इस चुनाव में विजयी प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए हैं। कुल 54 बूथों (मतदान के दिन रद्द हुए बूथ को छोड़कर) पर कुल 33,805 मतदाताओं के सापेक्ष 13,997 (41.40 प्रतिशत) मत पड़े। इसमें भाजपा समर्थित प्रत्याशी को 6,448 ( 19.07 फीसदी) मत प्राप्त हुए, जबकि दूसरे स्थान पर रहे सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को 6,363 (18.82 प्रतिशत) मत, तीसरे स्थान पर रहे निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र को 952 (2.81 प्रतिशत), चौथे स्थान पर रहे सूर्यकांत को 55 (0.16 प्रतिशत) एवं पांचवें स्थान पर रहे अशोक कुमार को 31 (0.09 प्रतिशत) मत प्राप्त हुए। इसके अलावा इस उपचुनाव में कुल 148 मतों को अवैध घोषित किया गया। बूथवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो कांटे की टक्कर में कुल 54 में से 28 बूथों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को बढ़त मिली, जबकि शेष 26 बूथों पर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी का दबदबा कायम रहा।
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