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एजेंसी ने खाद लेने से किया मना

Updated Sat, 28 Jul 2018 11:32 PM IST
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एजेंसी ने खाद लेने से किया मना
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विशाखापत्तनम के बीजेडपी स्टेेशन से तीन नवंबर 2014 को बुक हुई थी डीएपी
खाद की गुणवत्ता पर एजेंसी के प्रोपराइटर ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशाखापत्तनम स्थित इंडियन फर्टिलाइजर लिमिटेड से तीन नवंबर 2014 को बुक कराई गई डीएपी खाद का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है कि खाद विक्रेता मेसर्स रामचंद्र एण्ड संस के प्रोपराइटर दिनेश कुमार ने खाद लेने से मना करते हुए इसकी जांच के लिए कंपनी को पत्र लिखा है। ऐसे में यह खाद अब भी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर डंप है।
शहर के पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित उर्वरक विक्रेता मेसर्स रामचंद्र एण्ड संस ने विशाखापत्तनम स्थित इंडियन फर्टिलाइजर लिमिटेड से डीएपी खाद की आपूर्ति ली। कंपनी ने इसे रेलवे से तीन नवंबर 2014 को बीजेडपी स्टेशन से बुक किया। उक्त स्टेेशन से मालगाड़ी 42 बैगन खाद लेकर चली, मगर रास्ते में तकनीकी कारणों से उक्त मालगाड़ी का एक डिब्बा काट कर वहीं छोड़ दिया गया। इसके बाद यह डिब्बा विभिन्न मालगाड़ियों में जोड़कर यहां से वहां आने-जाने लगा, मगर सही स्थान पर वह नहीं पहुंच सका। इधर, जब तय समय सीमा तक खाद की यह बोगी नहीं पहुंची तो उक्त एजेंसी के विक्रेता दिनेश कुमार ने कंपनी से शिकायत दर्ज कराई। कंपनी ने रेलवे अधिकारियों को तमाम पत्र लिखे, मगर इस बोगी का कहीं पता नहीं चल सका। रेलवे ने इस मामले में जांच शुरू की तो बोगी का पता लगा कि वह उसी स्टेशन पर यहां-वहां जाने के बाद आकर खड़ी है। जांच के बाद मिले अभिलेखों के आधार पर 25 जुलाई की शाम एक मालगाड़ी से यह बोगी बस्ती पहुंच गई। रेलवे ने जब इसकी सूचना विक्रेता को दी तो वह भी मौके पर पहुंचा, मगर बोगी में रखी डीएपी को देखकर उसका माथा ठनक गया। क्योंकि सभी बोरियां खाद के कारण जीर्ण-शीर्ण हो गईं थीं और खाद की गुणवत्ता प्रथमदृष्टया खराब नजर आई। यहां से विक्रेता खाद की रिसीविंग दिए बगैर लौट गए और तत्काल कंपनी को पत्र लिखकर इस उर्वरक की गुणवत्ता की जांच के लिए कहा। हालांकि, कंपनी ने अब तक इसकी जांच नहीं कराई है और यह खाद प्लेटफॉर्म पर रखी हुई है।

विक्रेता दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि खाद की गुणवत्ता चार साल में प्रभावित हो गई है। इसे पहली नजर में ही देखकर बताया जा सकता है। ऐसे में इसे रिसीव करने का सवाल ही नहीं है। कंपनी को पत्र लिखा गया है। क्योंकि गुणवत्ता जांचे बगैर इसकी बिक्री किया जाना अनुचित है। ऐसे में खाद गुड्स प्लेटफॉर्म पर रखवा दी गई है।
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