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घटती घाघरा कर रही कटान
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:44 PM IST
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घटती घाघरा कर रही कटान
मरम्मत कार्य में भी दिखी शिथिलता
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ मरम्मत कार्य में भी शिथिलता शुरू हो गई है। जबकि नदी कटान करते हुए कटरिया-चांदपुर तटबंध की ओर बढ़ रही है।
दो दिन से घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी खलवा व खजांचीपुर गांव के मध्य कटान करती हुई तटबंध की तरफ बढ़ रही। वहीं बाढ़ खंड विभाग फिर से लापरवाह बन गया है। जहां पहले दिन रात तीन चार सौ मजदूर काम करते थे, वहीं अब सौ की संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं। जबकि इसी समय तटबंध के बैठे हिस्से को मजबूत किया जा सकता है।
इस बाबत एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि बेस बनाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। परियोजना का काम नहीं है। न्यूनतम लागत से ही बंधे को सुरक्षित करना है। बोल्डर और ईंट-रोडे़ लगातार आ रहे हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए रखा भी जा रहा। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
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घटती घाघरा कर रही कटान
मरम्मत कार्य में भी दिखी शिथिलता
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ मरम्मत कार्य में भी शिथिलता शुरू हो गई है। जबकि नदी कटान करते हुए कटरिया-चांदपुर तटबंध की ओर बढ़ रही है।
दो दिन से घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी खलवा व खजांचीपुर गांव के मध्य कटान करती हुई तटबंध की तरफ बढ़ रही। वहीं बाढ़ खंड विभाग फिर से लापरवाह बन गया है। जहां पहले दिन रात तीन चार सौ मजदूर काम करते थे, वहीं अब सौ की संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं। जबकि इसी समय तटबंध के बैठे हिस्से को मजबूत किया जा सकता है।
इस बाबत एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि बेस बनाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। परियोजना का काम नहीं है। न्यूनतम लागत से ही बंधे को सुरक्षित करना है। बोल्डर और ईंट-रोडे़ लगातार आ रहे हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए रखा भी जा रहा। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
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