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फोटो.... 12 दिन में हो गई जुलाई भर की बारिश
Updated Thu, 13 Jul 2017 04:58 PM IST
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बस्ती। पिछले कई वर्षों से किसानों को रुला रहा मानसून इस बार ज्यादा मेहरबान है। 15 जुलाई तक 150 मिलीमीटर की जगह 205 एमएम बारिश हो चुकी है। यानी 12 दिन में ही औसत से 56 एमएम अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बारिश का बेहतरीन सिस्टम बना हुआ है। अगले 18 दिन में भी 150 एमएम के ऊपर बारिश होने का अनुमान है। इससे धान के किसानों की बल्ले-बल्ले है लेकिन अतिवृष्टि से उनकी दलहनी खेती चौपट होने के कगार पर है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार पूरे जुलाई महीने में 298 एमएम बारिश का आंकलन किया गया है। इसके सापेक्ष दो जुलाई से 12 के बीच अब तब 206 एमएम बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा 40 एमएम बारिश पांच जुलाई को हुई थी। इसके बाद 11 जुलाई को भी 33 मिलीमीटर पानी बरसा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमार गंज फैजाबाद के मौसम विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार जनपद में 150 मिली मीटर बारिश का 15 जुलाई तक का औसत है। जबकि यह आंकड़ा पहले सप्ताह में ही पार कर गया। औसत से अधिक बरसात होने से अभी नुकसान नहीं है लेकिन यदि चार सौ एमएम से ज्यादा बरसात हुई तो निचली जमीन की खेती नुकसान हो सकती है।
1200 मिली मीटर बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले मानसून सीजन में 1200 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी। इस बार 18 सौ एमएम या इससे अधिक बरसात का अनुमान है। इसके सापेक्ष जिसमें जुलाई में 150 मिलीमीटर हुई थी। लेकिन इस बार यह आंकड़ा अभी से रिकार्ड तोड़ रहा है। अगस्त और सितंबर का भी पूर्वानुमान इसी तरह का है। अगस्त में 300 और सितंबर में 250 एमएम बारिश का आकलन है।
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बर्बाद होंगी दलहनी फसलें
जिले में औसत से ज्यादा बारिश से धान के किसान तो खुश हैं लेकिन दलहनी फसलें बर्बाद होने से उन पर उल्टी मार पड़ रही है। बहादुरपुर ब्लाक के किसान राम हरीश चौधरी बताते हैं कि बारिश ज्यादा होने से अरहर की फसल बर्बाद हो चुकी है। खेत में पानी भर गया है। प्रतापपुर के प्रगतिशील किसान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि धान की रोपाई अभी जारी है, इसलिए उसमें नुकसान होने का अनुमान कम है। अब अगर बारिश नहीं खुली तो धान की खेती भी असर पड़ सकता है।
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आंकड़ों की नजर में
02 जुलाई- 16.4 एमएम
03 जुलाई- 14.0 एमएम
04 जुलाई- 00.00 एमएम
05 जुलाई- 40.0 एमएम
06 जुलाई- 12.0 एमएम
07 जुलाई- 04.6 एमएम
08 जुलाई- 30.2 एमएम
09 जुलाई- 24.0 एमएम
10 जुलाई- 28.0 एमएम
11 जुलाई- 33.8 एमएम
12 जुलाई- 02.6 एमएम(जुलाई में कुल- 205.6 एमएम)
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमार गंज फैजाबाद के मौसम विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार जनपद में 150 मिली मीटर बारिश का 15 जुलाई तक का औसत है। जबकि यह आंकड़ा पहले सप्ताह में ही पार कर गया। औसत से अधिक बरसात होने से अभी नुकसान नहीं है लेकिन यदि चार सौ एमएम से ज्यादा बरसात हुई तो निचली जमीन की खेती नुकसान हो सकती है।
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1200 मिली मीटर बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले मानसून सीजन में 1200 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी। इस बार 18 सौ एमएम या इससे अधिक बरसात का अनुमान है। इसके सापेक्ष जिसमें जुलाई में 150 मिलीमीटर हुई थी। लेकिन इस बार यह आंकड़ा अभी से रिकार्ड तोड़ रहा है। अगस्त और सितंबर का भी पूर्वानुमान इसी तरह का है। अगस्त में 300 और सितंबर में 250 एमएम बारिश का आकलन है।
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बर्बाद होंगी दलहनी फसलें
जिले में औसत से ज्यादा बारिश से धान के किसान तो खुश हैं लेकिन दलहनी फसलें बर्बाद होने से उन पर उल्टी मार पड़ रही है। बहादुरपुर ब्लाक के किसान राम हरीश चौधरी बताते हैं कि बारिश ज्यादा होने से अरहर की फसल बर्बाद हो चुकी है। खेत में पानी भर गया है। प्रतापपुर के प्रगतिशील किसान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि धान की रोपाई अभी जारी है, इसलिए उसमें नुकसान होने का अनुमान कम है। अब अगर बारिश नहीं खुली तो धान की खेती भी असर पड़ सकता है।
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आंकड़ों की नजर में
02 जुलाई- 16.4 एमएम
03 जुलाई- 14.0 एमएम
04 जुलाई- 00.00 एमएम
05 जुलाई- 40.0 एमएम
06 जुलाई- 12.0 एमएम
07 जुलाई- 04.6 एमएम
08 जुलाई- 30.2 एमएम
09 जुलाई- 24.0 एमएम
10 जुलाई- 28.0 एमएम
11 जुलाई- 33.8 एमएम
12 जुलाई- 02.6 एमएम(जुलाई में कुल- 205.6 एमएम)