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फोटो... सड़क पर किसान,दो घंटे फोरलेन पर चक्का जाम
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सड़क पर किसान, फोरलेन पर दो घंटे जाम
प्रबंधन पीछे हटा तो रिसीवर बैठाकर प्रशासन चलवाएगा मिल
चार बार जोर आजमाइश के बावजूद रोकने में नाकाम रहा प्रशासन
वाल्टरगंज मिल गेट से पैदल मार्च करते पहुंचा था भारी हुजूम
वादे के बावजूद मिल चालू न होने को लेकर गुस्से में हैं किसान
अमर उजाला ब्यूरो
वाल्टरगंज/बस्ती। गन्ना किसानों, व्यापारियों एवं श्रमिकों के सवाल पर किसानों ने बृहस्पतिवार को संपर्क मार्ग से लेकर फोरलेन तक तेवर दिखाए। वाल्टरगंज मिल गेट से पटेल चौक (हाईवे) तक मार्च करते हुजूम आगे बढ़ा तो प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे। रोकने के लिए चार बार कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। 11:20 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक फोरलेन जाम रहा।
हालात देखकर डीएम ने नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य राम प्रकाश चौधरी, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम मनोहर चौधरी को बुलाकर आश्वासन दिया कि मिल नहीं चलाते तो रिसीवर बैठाकर गन्ने की पेराई कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद फोरलेन से 1:30 बजे आंदोलनकारी हटे। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य होने में दो घंटे लग गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे गन्ना किसान, व्यापारी एवं श्रमिकों की समस्या को लेकर गोविंद शुगर मिल के गेट पर सैकड़ों लोग जुटे। करीब 10 बजे सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पैदल मार्च करते हाईवे जाने के लिए निकल पड़े। पक्षी चौराहे से होते हुए घोड़ाखाल पहुंचे कि एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल एवं सीओ सिटी आलोक सिंह पहुंचे। आगे बढ़ने से रोकने लगे लेकिन हुजूम का गुस्सा देखकर उन्हें किनारा कसना पड़ा। आंदोलन पर उतारू हुजूम हरदिया पहुंचा तो प्रशासन ने एक बार फिर रोकने की जोर आजमाइश की। लेकिन धक्का-मुक्की की नौबत आने पर पुलिस बैकफुट हो गई। लोग बढ़ते हुए फोरलेन के पटेल चौराहे पर पहुंचे, जहां चक्का जाम करके बैठ गए।
11:20 बजे से करीब डेढ़ बजे तक एसडीएम व सीओ वार्ता कर हल निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन डीएम के पहुंचने की मांग को लेकर आंदोलित भीड़ टस से मस नहीं हुई। एडीएम रमेश चन्द्र एवं एएसपी पंकज के भारी फोर्स लेकर पहुंचने पर माहौल फिर गरमाने लगा। लेकिन दोनों अधिकारियों की सूझबूझ से वार्ता कर उन्हें डीएम के पास लेकर चले गए। इस बीच पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाकर आवागमन शुरू करा दिया। इस दौरान भी दो बार लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने खदेड़ती रही। डेढ़ बजे के आसपास जाम खुल सका। इस मौके पर विकास ठाकुर, कमलेश पटेल, अंगद वर्मा, गनीराम चौधरी, वीरेंद्र, बृजेश मिश्र सहित अन्य श्रमिक व किसान मौजूद रहे।
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रिसीवर बैठाकर चलवाएंगे मिल: डीएम
डीएम डॉ. राजशेखर से मिलकर लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि मंगल या बुधवार को मिल मालिकों को बुलाया गया है। मिल चलाने अथवा बेचने के बारे में विस्तारपूर्वक वार्ता की जाएगी। उन्हें भी बैठक में बुलाया जाएगा। यदि मिल चलाने में असमर्थता सामने आती है तो रिसीवर बैठाकर मिल को चलवाई जाएगी। बिकने की स्थिति में गन्ना किसानों तथा मिल श्रमिकों के बकाया भुगतान भी कराए जाएंगे।
क्यों भड़के किसान
प्रशासन की तरफ से बार-बार आश्वस्त कराया गया कि जनवरी के पहले सप्ताह तक वाल्टरगंज मिल चालू हो जाएगी। भूमि एवं डोंगा पूजन भी संपन्न कराया गया। दो-चार दिन की चहल-पहल के बाद फिर से सारे लोग ताला लटकाकर गायब हो गए। लंबे इंतजार के बाद जब कोई पहल नहीं दिखी तो किसानों का धैर्य जवाब देने लगा।
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सड़क पर किसान, फोरलेन पर दो घंटे जाम
प्रबंधन पीछे हटा तो रिसीवर बैठाकर प्रशासन चलवाएगा मिल
चार बार जोर आजमाइश के बावजूद रोकने में नाकाम रहा प्रशासन
वाल्टरगंज मिल गेट से पैदल मार्च करते पहुंचा था भारी हुजूम
वादे के बावजूद मिल चालू न होने को लेकर गुस्से में हैं किसान
अमर उजाला ब्यूरो
वाल्टरगंज/बस्ती। गन्ना किसानों, व्यापारियों एवं श्रमिकों के सवाल पर किसानों ने बृहस्पतिवार को संपर्क मार्ग से लेकर फोरलेन तक तेवर दिखाए। वाल्टरगंज मिल गेट से पटेल चौक (हाईवे) तक मार्च करते हुजूम आगे बढ़ा तो प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे। रोकने के लिए चार बार कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। 11:20 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक फोरलेन जाम रहा।
हालात देखकर डीएम ने नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य राम प्रकाश चौधरी, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम मनोहर चौधरी को बुलाकर आश्वासन दिया कि मिल नहीं चलाते तो रिसीवर बैठाकर गन्ने की पेराई कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद फोरलेन से 1:30 बजे आंदोलनकारी हटे। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य होने में दो घंटे लग गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे गन्ना किसान, व्यापारी एवं श्रमिकों की समस्या को लेकर गोविंद शुगर मिल के गेट पर सैकड़ों लोग जुटे। करीब 10 बजे सरकार विरोधी नारे लगाते हुए पैदल मार्च करते हाईवे जाने के लिए निकल पड़े। पक्षी चौराहे से होते हुए घोड़ाखाल पहुंचे कि एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल एवं सीओ सिटी आलोक सिंह पहुंचे। आगे बढ़ने से रोकने लगे लेकिन हुजूम का गुस्सा देखकर उन्हें किनारा कसना पड़ा। आंदोलन पर उतारू हुजूम हरदिया पहुंचा तो प्रशासन ने एक बार फिर रोकने की जोर आजमाइश की। लेकिन धक्का-मुक्की की नौबत आने पर पुलिस बैकफुट हो गई। लोग बढ़ते हुए फोरलेन के पटेल चौराहे पर पहुंचे, जहां चक्का जाम करके बैठ गए।
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11:20 बजे से करीब डेढ़ बजे तक एसडीएम व सीओ वार्ता कर हल निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन डीएम के पहुंचने की मांग को लेकर आंदोलित भीड़ टस से मस नहीं हुई। एडीएम रमेश चन्द्र एवं एएसपी पंकज के भारी फोर्स लेकर पहुंचने पर माहौल फिर गरमाने लगा। लेकिन दोनों अधिकारियों की सूझबूझ से वार्ता कर उन्हें डीएम के पास लेकर चले गए। इस बीच पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाकर आवागमन शुरू करा दिया। इस दौरान भी दो बार लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने खदेड़ती रही। डेढ़ बजे के आसपास जाम खुल सका। इस मौके पर विकास ठाकुर, कमलेश पटेल, अंगद वर्मा, गनीराम चौधरी, वीरेंद्र, बृजेश मिश्र सहित अन्य श्रमिक व किसान मौजूद रहे।
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रिसीवर बैठाकर चलवाएंगे मिल: डीएम
डीएम डॉ. राजशेखर से मिलकर लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि मंगल या बुधवार को मिल मालिकों को बुलाया गया है। मिल चलाने अथवा बेचने के बारे में विस्तारपूर्वक वार्ता की जाएगी। उन्हें भी बैठक में बुलाया जाएगा। यदि मिल चलाने में असमर्थता सामने आती है तो रिसीवर बैठाकर मिल को चलवाई जाएगी। बिकने की स्थिति में गन्ना किसानों तथा मिल श्रमिकों के बकाया भुगतान भी कराए जाएंगे।
क्यों भड़के किसान
प्रशासन की तरफ से बार-बार आश्वस्त कराया गया कि जनवरी के पहले सप्ताह तक वाल्टरगंज मिल चालू हो जाएगी। भूमि एवं डोंगा पूजन भी संपन्न कराया गया। दो-चार दिन की चहल-पहल के बाद फिर से सारे लोग ताला लटकाकर गायब हो गए। लंबे इंतजार के बाद जब कोई पहल नहीं दिखी तो किसानों का धैर्य जवाब देने लगा।