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बीएसए दफ्तर में 17 में सात गैरहाजिर मिले
basti
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:57 PM IST
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बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करते डीएम।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को हाजिरी का हाल जानने डीएम जा धमके। परिसर में चौतरफा अराजकता पाई गई। अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका में कुल 17 में से सात कर्मचारी नदारद पाए गए। बीएसए को सबको अनुपस्थित दर्ज करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करके तीन दिन के भीतर उनके जवाब मांगा है।
बीएसए कार्यालय में कुल 17 कर्मचारी हैं। दोपहर 12 बजे डीएम डॉ. राजशेखर ने चेक किया तो सात कर्मचारी अनुपस्थित थे। उपस्थिति रजिस्टर में किसी के हस्ताक्षर नहीं मिले। पंजिका में आकस्मिक अवकाश के चार आवेदन पाए गए, लेकिन उन्हें किसी सक्षम/स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था। डीएम ने सभी को अनुपस्थित करते हुए वेतन आहरण पर रोक लगा दी। बीएसए को निर्देश दिया कि शोकाज नोटिस जारी करके तीन दिन से अंदर उनका जवाब लेकर अवगत कराएं। कार्यालय की सामान्य सफाई और रख-रखाव काफी खराब स्थिति में पाई गई। कार्यालय काफी पुरानी और निष्प्रयोज्य स्कूल भवन में चल रहा है। इसकी छत और दीवारों के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं। बीएसए का कहना है कि कार्यालय की नई बिल्डिंग बनी है लेकिन पिछले आठ वर्ष से अधिग्रहण के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हुई। वर्ष 2010 में गोंडा के सी एंड डीएस यूनिट ने नए भवन का निर्माण किया लेकिन कुछ तकनीकी और गुणवत्ता को लेकर भवन का हस्तांतरण नहीं कराया जा सका। बीएसए को इसके पूरे ब्योरे की फाइल डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा, ताकि इसके निराकरण के लिए सभी संबंधित की जल्द से जल्द एक बैठक को बुलाई जा सके। 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बीएस को निर्देशित किया।
ये कर्मचारी रहे अनुपस्थित
अजय कुमार शुक्ला, अब्दुल्लाह, संतोष गुप्ता, राम भवन, रमेश चंद्र, श्याम नारायण और मोहम्मद यासीन।
डीडीओ के निरीक्षण में मिलीं खामियां
सल्टौआ। ब्लॉक कार्यालय में सोमवार को डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव अचानक पहुंच गए। यहां कार्यालय का निरीक्षण कर विकास कार्यों की हालत जानी। जांच में तमाम खामियां पाईं गईं, जिस पर डीडीओ ने बीडीओ व एडीओ को हिदायत दी।
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दिन में 12 बजे ब्लॉक परिसर में डीडीओ के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने सबसे पहले ओडीएफ वार रूम का निरीक्षण किया। यहां ओडीएफ गांवों के दैनिक रिपोर्ट का रजिस्टर काफी दिनों से अधूरा पाए जाने पर एडीओ पंचायत नवनीत मिश्र को हिदायत दी। उन्होंने एडीओ आईएसबी रामराज तथा एडीओ आईएमआई को प्रतिदिन चार-चार गांवों के शौचालय निर्माण का भौतिक सत्यापन करके रिपोर्ट देने को निर्देशित किया। वहीं, ब्लॉक परिसर में बने पुराने जर्जर आवासों में कर्मियों के निवास की जानकारी होने पर डीडीओ भड़क गए। बीडीओ मंजू त्रिवेदी को कड़ी हिदायत दी। निर्देश दिए कि जर्जर घोषित आवासों में किसी को भी निवास न करने दें। यदि कोई जबरन रहने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। परिसर में बने शौचालयों में गंदगी देख वे कर्मियों को निर्देश दिए कि इसे स्वच्छ रखें। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, ग्रांट रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर आदि अभिलेखों को पर नजर डाली। उन्होंने परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए निर्देशित किया। इस मौके मनरेगा बाबू अजय श्रीवास्तव, बड़े बाबू गुलाब सोनकर, मोहन आदि मौजूद रहे।
वसडीएम ने किया धान क्रय केंद्र का निरीक्षण
बभनान। एसडीएम हर्रैया ने सोमवार को खाद्य-विभाग के धान क्रय केंद्र बभनान कठौतिया सावडीह का औचक निरीक्षण किया। लक्ष्य के मुताबिक काफी कम खरीद पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। एसडीएम हर्रैया शिवप्रताप शुक्ला दोपहर में अचानक धान क्रय केंद्र जा पहुंचे। यहां मौके पर किसानों की उपज की तौल हो रही थी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने लक्ष्य खरीद भुगतान आदि की जानकारी ली। केंद्र प्रभारी से तौल कराने आए किसानों के लिए बैठने व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खरीद के अभिलेखों की जांच की। एसडीएम ने बताया कि इस क्रय केंद्र का कुल लक्ष्य 15 हजार क्विंटल है, जिसके सापेक्ष अभी महज 15 किसानों से 1097 क्विंटल ही खरीद हुई है। कृषकों को कुल 19.42 लाख का भुगतान कर दिया गया था। यहां खरीदे गये धान की कुटाई के लिए राइस मिल अटैच कर लिया गया है।
अगले साल अक्तूबर तक बन जाएगा महिला पॉलिटेक्निक
बस्ती। पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम बनाने की प्रदेश सरकार की मुहिम में एक और परियोजना जल्द जुड़ जाएगी। मंडल मुख्यालय पर महिला पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की छह करोड़ 45 लाख की परियोजना अक्तूबर 2019 तक पूरी हो जाएगी।
सोमवार को डीएम ने पॉलिटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया तो यह जानकारी उन्हें दी गई। परिसर में हो रहे अन्य निर्माण के प्लास्टर और शटरिंग कार्य अधोमानक पाए जाने पर डीएम ने ठेकेदार के भुगतान से कुल बिल्डिंग लागत का एक प्रतिशत (लगभग 3.5 लाख) कटौती करने के साथ ही लिखित चेतावनी दी है। मई 2018 में काम किया गया लेकिन पानी एकत्रित होने व अन्य समस्याओं के कारण सितंबर में ही निर्माण कार्य शुरुआत हो सकी। अभी तक10 प्रतिशत भौतिक प्रगति पाई गई। केवल नींव के कार्य पूरे हो पाए हैं। जबकि परियोजना अक्तूबर 2019 तक पूरी की जानी है। डीएम की जांच में इस्तेमाल की जा रही ईंटों के गुणवत्ता अच्छी पाई गई। यूपीपीसीएल के अपर परियोजना प्रबंधक ने डीएम को बताया कि उन्हें कुछ ईंटें अधोमानक की मिलीं लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए उन्हें आपूर्तिकर्ता को वापस कर दिया। डीएम ने नियमानुसार समय-समय पर थर्ड पार्टी क्वालिटी चेक करते हुए समय पर काम पूरा करने के लिए परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया। निरीक्षण में पॉलिटेक्निक कॉलेज में बाउंड्री, प्राचार्य आवास और प्रसाधन केंद्र के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। छह महीने देर से शुरू हुई परियोजना का 75 फीसदी कार्य शुरू हुआ लेकिन मुख्य निवास अभी नींव तक ही बन सकी है।
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बीएसए कार्यालय में कुल 17 कर्मचारी हैं। दोपहर 12 बजे डीएम डॉ. राजशेखर ने चेक किया तो सात कर्मचारी अनुपस्थित थे। उपस्थिति रजिस्टर में किसी के हस्ताक्षर नहीं मिले। पंजिका में आकस्मिक अवकाश के चार आवेदन पाए गए, लेकिन उन्हें किसी सक्षम/स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था। डीएम ने सभी को अनुपस्थित करते हुए वेतन आहरण पर रोक लगा दी। बीएसए को निर्देश दिया कि शोकाज नोटिस जारी करके तीन दिन से अंदर उनका जवाब लेकर अवगत कराएं। कार्यालय की सामान्य सफाई और रख-रखाव काफी खराब स्थिति में पाई गई। कार्यालय काफी पुरानी और निष्प्रयोज्य स्कूल भवन में चल रहा है। इसकी छत और दीवारों के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं। बीएसए का कहना है कि कार्यालय की नई बिल्डिंग बनी है लेकिन पिछले आठ वर्ष से अधिग्रहण के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हुई। वर्ष 2010 में गोंडा के सी एंड डीएस यूनिट ने नए भवन का निर्माण किया लेकिन कुछ तकनीकी और गुणवत्ता को लेकर भवन का हस्तांतरण नहीं कराया जा सका। बीएसए को इसके पूरे ब्योरे की फाइल डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा, ताकि इसके निराकरण के लिए सभी संबंधित की जल्द से जल्द एक बैठक को बुलाई जा सके। 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बीएस को निर्देशित किया।
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ये कर्मचारी रहे अनुपस्थित
अजय कुमार शुक्ला, अब्दुल्लाह, संतोष गुप्ता, राम भवन, रमेश चंद्र, श्याम नारायण और मोहम्मद यासीन।
डीडीओ के निरीक्षण में मिलीं खामियां
सल्टौआ। ब्लॉक कार्यालय में सोमवार को डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव अचानक पहुंच गए। यहां कार्यालय का निरीक्षण कर विकास कार्यों की हालत जानी। जांच में तमाम खामियां पाईं गईं, जिस पर डीडीओ ने बीडीओ व एडीओ को हिदायत दी।
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दिन में 12 बजे ब्लॉक परिसर में डीडीओ के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने सबसे पहले ओडीएफ वार रूम का निरीक्षण किया। यहां ओडीएफ गांवों के दैनिक रिपोर्ट का रजिस्टर काफी दिनों से अधूरा पाए जाने पर एडीओ पंचायत नवनीत मिश्र को हिदायत दी। उन्होंने एडीओ आईएसबी रामराज तथा एडीओ आईएमआई को प्रतिदिन चार-चार गांवों के शौचालय निर्माण का भौतिक सत्यापन करके रिपोर्ट देने को निर्देशित किया। वहीं, ब्लॉक परिसर में बने पुराने जर्जर आवासों में कर्मियों के निवास की जानकारी होने पर डीडीओ भड़क गए। बीडीओ मंजू त्रिवेदी को कड़ी हिदायत दी। निर्देश दिए कि जर्जर घोषित आवासों में किसी को भी निवास न करने दें। यदि कोई जबरन रहने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। परिसर में बने शौचालयों में गंदगी देख वे कर्मियों को निर्देश दिए कि इसे स्वच्छ रखें। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, ग्रांट रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर आदि अभिलेखों को पर नजर डाली। उन्होंने परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए निर्देशित किया। इस मौके मनरेगा बाबू अजय श्रीवास्तव, बड़े बाबू गुलाब सोनकर, मोहन आदि मौजूद रहे।
वसडीएम ने किया धान क्रय केंद्र का निरीक्षण
बभनान। एसडीएम हर्रैया ने सोमवार को खाद्य-विभाग के धान क्रय केंद्र बभनान कठौतिया सावडीह का औचक निरीक्षण किया। लक्ष्य के मुताबिक काफी कम खरीद पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। एसडीएम हर्रैया शिवप्रताप शुक्ला दोपहर में अचानक धान क्रय केंद्र जा पहुंचे। यहां मौके पर किसानों की उपज की तौल हो रही थी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने लक्ष्य खरीद भुगतान आदि की जानकारी ली। केंद्र प्रभारी से तौल कराने आए किसानों के लिए बैठने व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खरीद के अभिलेखों की जांच की। एसडीएम ने बताया कि इस क्रय केंद्र का कुल लक्ष्य 15 हजार क्विंटल है, जिसके सापेक्ष अभी महज 15 किसानों से 1097 क्विंटल ही खरीद हुई है। कृषकों को कुल 19.42 लाख का भुगतान कर दिया गया था। यहां खरीदे गये धान की कुटाई के लिए राइस मिल अटैच कर लिया गया है।
अगले साल अक्तूबर तक बन जाएगा महिला पॉलिटेक्निक
बस्ती। पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम बनाने की प्रदेश सरकार की मुहिम में एक और परियोजना जल्द जुड़ जाएगी। मंडल मुख्यालय पर महिला पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की छह करोड़ 45 लाख की परियोजना अक्तूबर 2019 तक पूरी हो जाएगी।
सोमवार को डीएम ने पॉलिटेक्निक परिसर में निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया तो यह जानकारी उन्हें दी गई। परिसर में हो रहे अन्य निर्माण के प्लास्टर और शटरिंग कार्य अधोमानक पाए जाने पर डीएम ने ठेकेदार के भुगतान से कुल बिल्डिंग लागत का एक प्रतिशत (लगभग 3.5 लाख) कटौती करने के साथ ही लिखित चेतावनी दी है। मई 2018 में काम किया गया लेकिन पानी एकत्रित होने व अन्य समस्याओं के कारण सितंबर में ही निर्माण कार्य शुरुआत हो सकी। अभी तक10 प्रतिशत भौतिक प्रगति पाई गई। केवल नींव के कार्य पूरे हो पाए हैं। जबकि परियोजना अक्तूबर 2019 तक पूरी की जानी है। डीएम की जांच में इस्तेमाल की जा रही ईंटों के गुणवत्ता अच्छी पाई गई। यूपीपीसीएल के अपर परियोजना प्रबंधक ने डीएम को बताया कि उन्हें कुछ ईंटें अधोमानक की मिलीं लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए उन्हें आपूर्तिकर्ता को वापस कर दिया। डीएम ने नियमानुसार समय-समय पर थर्ड पार्टी क्वालिटी चेक करते हुए समय पर काम पूरा करने के लिए परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया। निरीक्षण में पॉलिटेक्निक कॉलेज में बाउंड्री, प्राचार्य आवास और प्रसाधन केंद्र के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। छह महीने देर से शुरू हुई परियोजना का 75 फीसदी कार्य शुरू हुआ लेकिन मुख्य निवास अभी नींव तक ही बन सकी है।