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बाल सुधार गृह में क्षमता से दो गुना बच्चे
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:29 AM IST
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बाल सुधार गृह में क्षमता से दोगुने बच्चे
किराए के भवन में बाल बंदियों का सुधार
नए भवन के लिए शासन को प्रस्ताव: डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। किराए के भवन में चल रहे बाल सुधार एवं संप्रेषण गृह में दोगुने बच्चे रखे गए हैं। 30 बंदियों की क्षमता वाले इस बाल सुधार गृह के अभिलेखों व उपस्थिति पंजिका के क्रॉस मिलान के दौरान 10 से 18 आयुवर्ग के कुल 68 (लड़के) मौजूद पाए गए।
अनुमोदन एवं वित्तीय मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया प्रस्ताव अभी अनुमोदन और वित्तीय मंजूरी की बाट जोह रहा है। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि पिछले महीने ही निर्धारित मानदंड के अनुसार एक नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके लिए दो एकड़ नजूल की भूमि रामपुर गांव (आगामी मेडिकल कॉलेज) के पास चिह्नित कर रखा है।
डीएम ने बताया कि इस बाल गृह में एक पर्यवेक्षक, दो सुरक्षा कर्मी और एक रसोइया आठ घंटे की पाली में तैनात हैं। बीएसए कार्यालय से दो शिक्षक इस बाल गृह में प्रतिदिन जाते हैं और बच्चों की कक्षाएं लगाकर पढ़ाते हैं। एक विशेष सुरक्षा व्यवस्था के रूप में बाल गृह में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अच्छा तो यह है कि इंटरनेट से जुड़े होने के कारण इसकी रिकॉर्डिंग लखनऊ मुख्यालय में भी बैठकर देखी जा सकती है। डीएम ने आश्वस्त किया कि वे बाल बंदियों को स्वरोजगार के प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजने का इंतजाम करेंगे। ताकि बाल गृह से आजासद होने पर वे अपना रोजगार कर सकें। डॉ. राज शेखर के अलावा औचक निरीक्षण विजिट के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी, पर्यवेक्षक और संबंधित अन्य अधिकारी साथ थे।
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किराए के भवन में बाल बंदियों का सुधार
नए भवन के लिए शासन को प्रस्ताव: डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। किराए के भवन में चल रहे बाल सुधार एवं संप्रेषण गृह में दोगुने बच्चे रखे गए हैं। 30 बंदियों की क्षमता वाले इस बाल सुधार गृह के अभिलेखों व उपस्थिति पंजिका के क्रॉस मिलान के दौरान 10 से 18 आयुवर्ग के कुल 68 (लड़के) मौजूद पाए गए।
अनुमोदन एवं वित्तीय मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया प्रस्ताव अभी अनुमोदन और वित्तीय मंजूरी की बाट जोह रहा है। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि पिछले महीने ही निर्धारित मानदंड के अनुसार एक नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके लिए दो एकड़ नजूल की भूमि रामपुर गांव (आगामी मेडिकल कॉलेज) के पास चिह्नित कर रखा है।
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डीएम ने बताया कि इस बाल गृह में एक पर्यवेक्षक, दो सुरक्षा कर्मी और एक रसोइया आठ घंटे की पाली में तैनात हैं। बीएसए कार्यालय से दो शिक्षक इस बाल गृह में प्रतिदिन जाते हैं और बच्चों की कक्षाएं लगाकर पढ़ाते हैं। एक विशेष सुरक्षा व्यवस्था के रूप में बाल गृह में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अच्छा तो यह है कि इंटरनेट से जुड़े होने के कारण इसकी रिकॉर्डिंग लखनऊ मुख्यालय में भी बैठकर देखी जा सकती है। डीएम ने आश्वस्त किया कि वे बाल बंदियों को स्वरोजगार के प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजने का इंतजाम करेंगे। ताकि बाल गृह से आजासद होने पर वे अपना रोजगार कर सकें। डॉ. राज शेखर के अलावा औचक निरीक्षण विजिट के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी, पर्यवेक्षक और संबंधित अन्य अधिकारी साथ थे।
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