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नहर कटी, आबादी की ओर बढ़ रहा पानी

Sun, 22 Jul 2018 11:45 PM IST
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:45 PM IST
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नहर कटी, आबादी की ओर बढ़ रहा पानी
नहर कटी, आबादी की ओर बढ़ रहा पानी
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अधूरी तैयारी, सप्ताह में तीन बार कटी नहर
किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। ब्लॉक क्षेत्र के भौसिया गांव में स्थित चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल आधी-अधूरी तैयारी के बीच रन तो कर गई, लेकिन इसका फायदा मिलने के बजाय किसान नुकसान में हैं। सप्ताह भर में तीन बार नहर अलग-अलग स्थानों पर डैमेज हो गई, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। विभाग कटे नहर को बांध पाने में बेबस नजर आ रहा है। इसके चलते पानी आबादी ओर रुख कर रहा है।
बीते 16 जुलाई को विक्रमजोत के हनुमान गंज के पास रिसाव के चलते नहर कटने से ग्रामीणों की फसल जलमग्न हो गयी। इसके बाद 20 जुलाई की शाम को प्राथमिक विद्यालय बस्थनवां के पास नहर के कटने से सैकड़ों बीघे फसल डूब गयी। किसानों को अब फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। 21 जुलाई को को शंकरपुर के पास बनी माइनर तीन जगह कट गयी, जिसमें दो स्थानों पर ग्रामीणों ने किसी तरह माइनर को बांधा। फिर भी नहरों के कटने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। पानी तेजी से खेत से होते हुए आबादी में पहुंचने के लिए बढ़ रहा है। हनुमानगंज में डैमेज नहर को विभाग ने बंधवाया, लेकिन बस्थनवां में अभी नहर के पानी को रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया जा सका है।
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सफाई और मरम्मत न होने से स्थिति बिगड़ी
यह नहर पांच ब्लॉक विक्रमजोत, परशुरामपुर, दुबौलिया, कप्तानगंज और कुदरहा के बीच 225 किमी लंबी नहर लगभग पन्द्रह हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करती है। पिछले दो वर्षों से नहर के मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जिसके चलते रेन कट व रैट होल के चलते नहर की दीवार कमजोर हो गयी है। दबाव बढ़ने पर रिसाव होता है और फिर नहर कट जाती है। सफाई के अभाव में इसके तल में जंगली घास उग गए हैं, जिससे पानी ओवरफ्लो हो रहा है। माइनरों के कटने का सबसे बड़ा कारण पानी का ओवरफ्लो होना ही है। अधिशाषी अभियन्ता सरयू प्रखंड फैजाबाद जय सिंह का कहना है कि विगत वर्ष नहरों की सफाई के लिये शासन से कोई धन नहीं मिला था, जिसके कारण नहरों व माइनरों की सफाई व मरम्मत का काम नहीं हो पाया है। रही इसके कटने की बात तो सूचना मिलते ही नहरों को बंधवाने की व्यवस्था करायी जा रही है।
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