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मनोरमा की सफाई को बढ़े हाथ
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मनोरमा की सफाई को आगे आए डॉ. वाईडी सिंह
बाल रोग विशेषज्ञ ने नदी की सफाई का उठाया बीड़ा, छपिया में की नदी की सफाई
कहा, मनोरमा का अस्तित्व संकट में है, खुद के धन से करूंगा नदी की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही पौराणिक मनोरमा की सफाई का बीड़ा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वाईडी सिंह ने उठाया है। रविवार को जब वे अपने गांव छपिया के किनारे से बहने वाली मनोरमा में उतरे तो उनके साथ गांव के अन्य लोग भी सफाई में जुट गए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों मखौडा में मनोरमा नदी के सफाई अभियान का शुभारंभ किया था। सीएम के इस प्रयास को जिला प्रशासन भी सहयोग में उतरा तो तमाम योजनाओं से नदी सफाई को मुकाम देने में जुट गए। यह सब चल ही रहा था कि अचानक चुनाव की घोषणा हुई और तंत्र का ध्यान नदी के सफाई से हट गया। नतीजतन मनोरमा के सफाई का अभियान ठहर गया।
रविवार को एक बार फिर पूर्व एमएलसी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.वाईडी सिंह ने अपने गांव छपिया के किनारे बहने वाली मनोरमा नदी की सफाई के लिए नदी में उतरे। इनके इस प्रयास को सहयोग देने के लिए ग्राम प्रधान उमाशंकर सिंह व कई ग्रामीण भी जुटे। डा. वाईडी सिंह ने कहा कि जीवनदायिनी मनोरमा का अस्तित्व संकट में है। इसकी दुर्दशा देखी नहीं जा सकती। नदी की सफाई खुद के धन से करूंगा।
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बाल रोग विशेषज्ञ ने नदी की सफाई का उठाया बीड़ा, छपिया में की नदी की सफाई
कहा, मनोरमा का अस्तित्व संकट में है, खुद के धन से करूंगा नदी की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही पौराणिक मनोरमा की सफाई का बीड़ा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वाईडी सिंह ने उठाया है। रविवार को जब वे अपने गांव छपिया के किनारे से बहने वाली मनोरमा में उतरे तो उनके साथ गांव के अन्य लोग भी सफाई में जुट गए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों मखौडा में मनोरमा नदी के सफाई अभियान का शुभारंभ किया था। सीएम के इस प्रयास को जिला प्रशासन भी सहयोग में उतरा तो तमाम योजनाओं से नदी सफाई को मुकाम देने में जुट गए। यह सब चल ही रहा था कि अचानक चुनाव की घोषणा हुई और तंत्र का ध्यान नदी के सफाई से हट गया। नतीजतन मनोरमा के सफाई का अभियान ठहर गया।
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रविवार को एक बार फिर पूर्व एमएलसी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.वाईडी सिंह ने अपने गांव छपिया के किनारे बहने वाली मनोरमा नदी की सफाई के लिए नदी में उतरे। इनके इस प्रयास को सहयोग देने के लिए ग्राम प्रधान उमाशंकर सिंह व कई ग्रामीण भी जुटे। डा. वाईडी सिंह ने कहा कि जीवनदायिनी मनोरमा का अस्तित्व संकट में है। इसकी दुर्दशा देखी नहीं जा सकती। नदी की सफाई खुद के धन से करूंगा।
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