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दूषित जल पीने को मजबूर हैं अंत:वासी
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:06 AM IST
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दूषित जल पीने को मजबूर हैं छात्राएं
राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावास में सुविधाएं नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। अनुसूचित जाति के स्नातक की छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मुहैया कराई गई है। दो मंजिला छात्रावास के 17 कमरों में तीन जर्जर हैं। इस राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास में रहने वाली 39 छात्राओं को पढ़ाई के लिए तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। जिम्मेदार मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कस्बे में आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। यहां पढ़ने वाली गरीब अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए हॉस्टल तो उपलब्ध कराया गया लेकिन पीने योग्य पानी तक का इंतजाम नहीं है। छात्राओं को निजी हैंडपंप का दूषित पानी पीने की मजबूरी है। समाज कल्याण विभाग से संचालित छात्रावास में तैनात अधीक्षका श्रद्धा पांडे ने बताया कि यह हॉस्टल 51 छात्राओं के लिए है। 39 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। तीन कमरे जर्जर हो चुके हैं। साफ-सफाई की तस्वीर यह कि परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। बारिश के मौसम में देखने से ही भय लगता है। छात्रावास में एक सफाई कर्मी और दो रसोइया की तैनाती है। जबकि सुरक्षा के लिए पीआरडी के तीन जवान हैं जो आठ-आठ घंटे की ड्यूटी देते हैं। हॉस्टल में रहने वाली बीएससी की छात्राओं का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी पानी और बिजली की है। शाम होते ही परिसर में अंधेरा छा जाता है। शौचालय भी ठीक से नहीं है। विभाग छात्रावास के मेंटेनेंस के लिए भारी भरकम राशि खर्च करता है। जबकि पीआरडी के जवानों ने बताया कि कई माह से वेतन तक नहीं मिला है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरसी दुबे ने कहा कि जल्द ही छात्रावास में विद्युत, पेयजल और सफाई की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर दी जाएगी। पीआरडी के जवानों को वेतन भुगतान के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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दूषित जल पीने को मजबूर हैं छात्राएं
राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावास में सुविधाएं नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। अनुसूचित जाति के स्नातक की छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मुहैया कराई गई है। दो मंजिला छात्रावास के 17 कमरों में तीन जर्जर हैं। इस राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास में रहने वाली 39 छात्राओं को पढ़ाई के लिए तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। जिम्मेदार मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कस्बे में आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। यहां पढ़ने वाली गरीब अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए हॉस्टल तो उपलब्ध कराया गया लेकिन पीने योग्य पानी तक का इंतजाम नहीं है। छात्राओं को निजी हैंडपंप का दूषित पानी पीने की मजबूरी है। समाज कल्याण विभाग से संचालित छात्रावास में तैनात अधीक्षका श्रद्धा पांडे ने बताया कि यह हॉस्टल 51 छात्राओं के लिए है। 39 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। तीन कमरे जर्जर हो चुके हैं। साफ-सफाई की तस्वीर यह कि परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। बारिश के मौसम में देखने से ही भय लगता है। छात्रावास में एक सफाई कर्मी और दो रसोइया की तैनाती है। जबकि सुरक्षा के लिए पीआरडी के तीन जवान हैं जो आठ-आठ घंटे की ड्यूटी देते हैं। हॉस्टल में रहने वाली बीएससी की छात्राओं का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी पानी और बिजली की है। शाम होते ही परिसर में अंधेरा छा जाता है। शौचालय भी ठीक से नहीं है। विभाग छात्रावास के मेंटेनेंस के लिए भारी भरकम राशि खर्च करता है। जबकि पीआरडी के जवानों ने बताया कि कई माह से वेतन तक नहीं मिला है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरसी दुबे ने कहा कि जल्द ही छात्रावास में विद्युत, पेयजल और सफाई की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर दी जाएगी। पीआरडी के जवानों को वेतन भुगतान के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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