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निरीक्षण में खुली विकास कार्यों की पोल
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:36 PM IST
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निरीक्षण में खुली विकास कार्यों की पोल
दुबौलिया ब्लाक ने किया दो गांवों का स्थलीय सत्यापन
सेक्रेट्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण मंगलवार को बीडीओ महेंद्र पांडेय ने किया। निरीक्षण में विकास कार्यों की पोल खुल गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेक्रेट्री गांव में आते नहीं है। इन स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ ने सेक्रेट्री अरुण कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
सुबह 11 बजे बीडीओ महेंद्र पांडेय मय दलबल ग्राम पंचायत सर्रैया बक्सी पहुंच गए। यहां जांच के दौरान प्रधानमंत्री आवास निर्माण में मानक में खामियां व अपात्र को आवास दिए जाने का मामला उठा, जिस पर बीडीओ ने सेक्रेट्री को हिदायत दी। यहां वर्ष 2016-17 व वर्ष 2017-18 में कुल 14 आवास दिये गये थे, जिसमें तेरह आवास छत स्तर तक पूर्ण मिले, जबकि गांव के ही शिव प्रसाद की जमीन विवादित होने के कारण प्रथम किस्त की धनराशि वापस कराई जा चुकी है। 13 आवासों में प्लास्टर, वालराईटिग न कराया जाना पाया गया, जिस पर सेक्रेट्री व लाभार्थी को एक सप्ताह में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, वर्ष 2018-19 इसी ग्राम पंचायत के सात अन्य जाति के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में चयनित किया गया था, लेकिन सेक्रेट्री ने तीन अपात्रों का चयन कर लिया, जिनके पास पहले से ही पक्का मकान है। इन स्थितियों पर गंभीर बीडीओ ने सेक्रेट्री से स्पष्टीकरण मांगा। ग्राम पंचायत देवारा गंगबरार के सत्यापन में वर्ष 2016-17 व 2017-18 में कुल 17 आवास दिये गये थे, जिसमें सोलह आवास छत स्तर तक ही तैयार पाये गये व एक आवास अधूरा है। यहां सभी लाभार्थियों के शौचालय अपूर्ण मिले। ग्रामीणों ने बीडीओ से शिकायत की कि आवास के पात्रों का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी ने बिना खुली बैठक के ही कर लिया। बीडीओ ने सेक्रेट्री को सप्ताह भर में खुली बैठक कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर आशीष श्रीवास्तव, मुकेश सिंह, बलराम चौधरी, वीरेंद्र यादव मौजूद रहे।
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दुबौलिया ब्लाक ने किया दो गांवों का स्थलीय सत्यापन
सेक्रेट्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण मंगलवार को बीडीओ महेंद्र पांडेय ने किया। निरीक्षण में विकास कार्यों की पोल खुल गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेक्रेट्री गांव में आते नहीं है। इन स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ ने सेक्रेट्री अरुण कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
सुबह 11 बजे बीडीओ महेंद्र पांडेय मय दलबल ग्राम पंचायत सर्रैया बक्सी पहुंच गए। यहां जांच के दौरान प्रधानमंत्री आवास निर्माण में मानक में खामियां व अपात्र को आवास दिए जाने का मामला उठा, जिस पर बीडीओ ने सेक्रेट्री को हिदायत दी। यहां वर्ष 2016-17 व वर्ष 2017-18 में कुल 14 आवास दिये गये थे, जिसमें तेरह आवास छत स्तर तक पूर्ण मिले, जबकि गांव के ही शिव प्रसाद की जमीन विवादित होने के कारण प्रथम किस्त की धनराशि वापस कराई जा चुकी है। 13 आवासों में प्लास्टर, वालराईटिग न कराया जाना पाया गया, जिस पर सेक्रेट्री व लाभार्थी को एक सप्ताह में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, वर्ष 2018-19 इसी ग्राम पंचायत के सात अन्य जाति के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में चयनित किया गया था, लेकिन सेक्रेट्री ने तीन अपात्रों का चयन कर लिया, जिनके पास पहले से ही पक्का मकान है। इन स्थितियों पर गंभीर बीडीओ ने सेक्रेट्री से स्पष्टीकरण मांगा। ग्राम पंचायत देवारा गंगबरार के सत्यापन में वर्ष 2016-17 व 2017-18 में कुल 17 आवास दिये गये थे, जिसमें सोलह आवास छत स्तर तक ही तैयार पाये गये व एक आवास अधूरा है। यहां सभी लाभार्थियों के शौचालय अपूर्ण मिले। ग्रामीणों ने बीडीओ से शिकायत की कि आवास के पात्रों का चयन ग्राम पंचायत अधिकारी ने बिना खुली बैठक के ही कर लिया। बीडीओ ने सेक्रेट्री को सप्ताह भर में खुली बैठक कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर आशीष श्रीवास्तव, मुकेश सिंह, बलराम चौधरी, वीरेंद्र यादव मौजूद रहे।
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