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आईपीएल मैच के चार सट्टेबाज गिरफ्तार
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:05 AM IST
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बस्ती।इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल मैच के दौरान करोड़ों का वारा-न्यारा करने वाले सट्टेेबाजों का गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गोरखपुर को केंद्र बनाकर इसके गुर्गे राजधानी लखनऊ से लेकर बस्ती, सिद्घार्थनगर, देवरिया और बलिया तक सट्टा लगाते हैं। शहर की कोतवाली और पुरानी बस्ती थाने की टीम ने रोडवेज परिसर में स्थित यात्री विश्रामालय के पास लग्जरी कार में बैठे छह सट्टेबाजों को धर दबोचा। इनके पास से दो लाख सात सौ रुपये नकद के अलावा 17 मोबाइल फोन, लैपटाप, आधार कार्ड, एटीएम आदि बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सभी गोरखपुर के हैं। अदील अहमद बसंतपुर नरकटिया, ऋषभ श्रीवास्तव लाला टोली, बद्दू अहमद आरफी इलाही बाग तथा तौसीफ अहमद खान लाला टोली इलाही बाग थाना तिवारीपुर का रहने वाला है। एसपी दिलीप कुमार ने मंगलवार को दोपहर प्रेसवार्ता के दौरान पूर्वांचल में पहली बार सामने आए आईपीएल सट्टेबाजी के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बरामद की गई रकम बुधवार को होने वाले आईपीएल के लिए सट्टे पर लगी थी। एसपी ने बताया कि मुखबिरों की सटीक सूचना पर कोतवाल विजयेंद्र सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय, अस्पताल चौकी प्रभारी दिलीप कुमार सिंह, आनन्द प्रकाश यादव, सुरेश गुप्ता, ओमकार यादव, प्रदीप दुबे, कमलेश यादव और उमाशंकर ने मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे उन्हें रोडवेज परिसर से पकड़ा। इनके विरुद्घ कोतवाली थाने में आइपीसी की धोखाधड़ी और 13 जुआ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कामयाबी से गदगद एसपी ने 10 हजार रुपये पुरस्कार देने का ऐलान किया है।
वेटिंग एशियंस से फंसाते थे ग्राहक
एसपी के अनुसार सट्टेबाज लैपटाप में वेटिंग एशियंस नाम का साफ्टवेयर इंस्टाल किए हुए थे। जिसके जरिए मैच के दौरान सट्टों की कीमत में उतार-चढ़ाव का आंकलन करते थे। पुलिस से छिप कर मैच के दौरान 10 दिन जनपद लखनऊ एवं शेष दिनों में जनपद गोरखपुर में रहकर पुलिस को चकमा देने के लिए अलग-अलग स्थान पर जाकर मोबाइल फोन के जरिए बुकिंग करते रहे। ताकि एसटीएफ और जिला पुलिस सर्विलांस को गुमराह कर सकें। स्थान बदलने के उद्देश्य से ही वे सोमवार शाम को ही शहर में आ गए थे। मगर इनकी पोल खुल गई।
वेटिंग एशियंस से फंसाते थे ग्राहक
एसपी के अनुसार सट्टेबाज लैपटाप में वेटिंग एशियंस नाम का साफ्टवेयर इंस्टाल किए हुए थे। जिसके जरिए मैच के दौरान सट्टों की कीमत में उतार-चढ़ाव का आंकलन करते थे। पुलिस से छिप कर मैच के दौरान 10 दिन जनपद लखनऊ एवं शेष दिनों में जनपद गोरखपुर में रहकर पुलिस को चकमा देने के लिए अलग-अलग स्थान पर जाकर मोबाइल फोन के जरिए बुकिंग करते रहे। ताकि एसटीएफ और जिला पुलिस सर्विलांस को गुमराह कर सकें। स्थान बदलने के उद्देश्य से ही वे सोमवार शाम को ही शहर में आ गए थे। मगर इनकी पोल खुल गई।
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