फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   गोलमाल में फंसे 66 एबीआरसी, आदेश के बाद भी नहीं छोड़ रहे पद

गोलमाल में फंसे 66 एबीआरसी, आदेश के बाद भी नहीं छोड़ रहे पद

Sat, 07 Oct 2017 11:39 PM IST
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
गोलमाल में फंसे 66 एबीआरसी, आदेश के बाद भी नहीं छोड़ रहे पद
गोलमाल में फंसे 70 एबीआरसी
विज्ञापन


बस्ती।
पिछले छह सालों से विवादों के घेरे में रहे 66 सह समन्वयक आज भी आदेश के बावजूद पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और न ही खंड शिक्षा अधिकारी उन्हें कार्य मुक्त कर रहे हैं। दोनों एक-दूसरे से जुदा नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते नये एबीआरसी की तैनाती अधर में है। आवेदन करने को एक माह हो गए मगर अभी तक विभाग परीक्षा की तिथि तक घोषित नहीं कर पाया। जिले में इसे लेकर खुले आम शासनादेश का उल्लंघन हो रहा है। शासन की मंशा को तार-तार करने में सह समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारी लगे हुए हैं।
नियम के तहत प्रत्येक ब्लॉक में पांच सह समन्वयकों की तैनाती होती है। इनका कार्यकाल तीन साल के लिए होता है। अगर डीएम चाहे तो तीन साल और बढ़ा सकते हैं। सह समन्वयक की तैनाती के पीछे सरकार की मंशा उन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की रही है, जिन स्कूलों में विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। हो यह रहा है कि सह समन्वयक न तो किसी स्कूल में पढ़ाने जाते हैं और न ही अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। पिछले कई साल से अधिकतर सह समन्वयक पर पढ़ाने के बजाए स्कूलों का निरीक्षण करने और इसी के आड़ में शिक्षकों का शोषण करने का आरोप लगता रहा है। एक तरह से इन्हें बीईओ के सही-गलत कामों में राजदार माना जा रहा है। पिछले छह सालों में इन्होंने अपने आप को शिक्षक कम और अधिकारी के रूप में अधिक स्थापित कर रखा है। अब जबकि इन सभी को उनके मूल पद यानि स्कूलों में भेजा जा रहा है तो तकलीफ हो रही है। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि सह समन्वयक एक तरह से बीईओ की धनउगाही का जरिया बनकर रह गए हैं। यही कारण है कि आदेश के बावजूद कोई बीईओ अभी तक एक भी सह समन्वयक को मुक्त नहीं कर सका है। पद न छोड़ने के पीछे बीआरसी में कंटीजेंसी और ट्रेनिंग के नाम पर आने वाले भारी-भरकम बजट को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। इतना ही नहीं ड्रेस सहित अन्य में मिलने वाले कमीशन को कलेक्ट करने का कार्य करने का आरोप भी सह समन्वयक पर लगता रहा। कई बार आरोप की पुष्टि भी हुई और कार्रवाई भी हुई। सह समन्वयक मूल पद पर न जाना पड़े इसके लिए राजनेताओं का सहारा ले रहे हैं। चाहते हैं कि किसी तरह तीन साल का और मौका मिल जाए।
विज्ञापन


हर हाल में मूल पद पर जाना होगा
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सह समन्वयकों को उनके मूल पद पर भेजने के निर्देश जा चुके हैं। बताया कि किसी भी दशा में कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। हर हाल में उन्हें मूल स्कूलों पर जाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed