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शहर के रैन बसारे और अलावा की व्यवस्था ठंड
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:51 PM IST
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शहर के रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था ठंडी
दोनों रैन बसेरों की हालत देखकर खुले में रहना पसंद
लुढ़क रहा पारा, अलाव को अभी टेंडर का है इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी क्षेत्रों में कंपकंपी शुरू हो गई है। शाम को हवा चलने से इसमें और इजाफा हो जाता है। लेकिन गरीबों और राहगीरों को ठंड से राहत दिलाने की सरकारी व्यवस्था अभी ठंडे बस्ते में है। अलाव के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया की कवायद भी नहीं हो सकी है।
बर्फबारी के चलते जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे गोते लगा रहा है, वहीं, न्यूूनतम तापमान भी नौ से 10 डिग्री तक चल रहा है। शहर में नगर पालिका की ओर से दो स्थायी रैन बसेरे बने हैं। जरूरतमंद इन बसेरों को खोजते रह जाएंगे। यदि मिल भी गए तो इतने बदहाल हैं कि भीतर घुसने से लोग परहेज करते हैं। अलाव की भी व्यवस्था अभी नहीं हुई है। इसका मामला अभी टेंडर प्रक्रिया में ही उलझा है। नगर पालिका के जिम्मेदार अभी कोहरा व कड़ाके की ठंड पड़ने का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्थायी रैन बसेरा बनाकर ठंड में जरूरतमंदों को बचाने का प्रयास किया जाता है। इस बार यह प्रक्रिया अभी लंबित है।
गरीबों को मिलनी चाहिए सुविधाएं
शासनादेश के अनुसार गरीबों व मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत सोने के लिए गद्दा रजाई, चौकी, पेयजल, अलाव, देखरेख में कर्मचारी व आने-जाने वालों के नाम व पता के लिए रजिस्टर होना अनिवार्य है। बावजूद इसके अभी तक कोई कवायद नहीं की गई।
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बनाए जाएंगे अस्थायी रैन बसेरे: ईओ
ईओ नगर पालिका डॉ. मणि भूषण तिवारी ने कहा कि शहर के कंपनीबाग तिराहा, रेलवे स्टेशन परिसर, नगर पालिका सभागार, रोडवेज परिसर में अस्थायी रैन बसेरे बनाएं जाएंगे, इसी के साथ ही पुराने डाकखाना स्थित रैन बसेरे को दुरुस्त किया जाएगा। कहा, जल्द ही सारे इंतजाम कर लिए जाएंगे।
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शहर के रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था ठंडी
दोनों रैन बसेरों की हालत देखकर खुले में रहना पसंद
लुढ़क रहा पारा, अलाव को अभी टेंडर का है इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी क्षेत्रों में कंपकंपी शुरू हो गई है। शाम को हवा चलने से इसमें और इजाफा हो जाता है। लेकिन गरीबों और राहगीरों को ठंड से राहत दिलाने की सरकारी व्यवस्था अभी ठंडे बस्ते में है। अलाव के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया की कवायद भी नहीं हो सकी है।
बर्फबारी के चलते जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे गोते लगा रहा है, वहीं, न्यूूनतम तापमान भी नौ से 10 डिग्री तक चल रहा है। शहर में नगर पालिका की ओर से दो स्थायी रैन बसेरे बने हैं। जरूरतमंद इन बसेरों को खोजते रह जाएंगे। यदि मिल भी गए तो इतने बदहाल हैं कि भीतर घुसने से लोग परहेज करते हैं। अलाव की भी व्यवस्था अभी नहीं हुई है। इसका मामला अभी टेंडर प्रक्रिया में ही उलझा है। नगर पालिका के जिम्मेदार अभी कोहरा व कड़ाके की ठंड पड़ने का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्थायी रैन बसेरा बनाकर ठंड में जरूरतमंदों को बचाने का प्रयास किया जाता है। इस बार यह प्रक्रिया अभी लंबित है।
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गरीबों को मिलनी चाहिए सुविधाएं
शासनादेश के अनुसार गरीबों व मुसाफिरों को ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत सोने के लिए गद्दा रजाई, चौकी, पेयजल, अलाव, देखरेख में कर्मचारी व आने-जाने वालों के नाम व पता के लिए रजिस्टर होना अनिवार्य है। बावजूद इसके अभी तक कोई कवायद नहीं की गई।
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बनाए जाएंगे अस्थायी रैन बसेरे: ईओ
ईओ नगर पालिका डॉ. मणि भूषण तिवारी ने कहा कि शहर के कंपनीबाग तिराहा, रेलवे स्टेशन परिसर, नगर पालिका सभागार, रोडवेज परिसर में अस्थायी रैन बसेरे बनाएं जाएंगे, इसी के साथ ही पुराने डाकखाना स्थित रैन बसेरे को दुरुस्त किया जाएगा। कहा, जल्द ही सारे इंतजाम कर लिए जाएंगे।