फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल

स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल

Tue, 03 Oct 2017 11:32 PM IST
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल
स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल
विज्ञापन


बस्ती।
स्कूल भवन के नाम पर दिए गए नौ लाख रुपये की बंदरबांट करने का मामला प्रकाश में आया है। शिक्षा विभाग के सामने यह मामला 15 साल बाद आया है। इतना ही नहीं जांच टीम को जिस स्थान पर स्कूल भवन का निर्माण होना था, वहां पर छप्पर मिला। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सदर को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। मामला सदर ब्लॉक के लोहिया समग्र ग्राम जोगिया का है। यह ग्राम न्याय पंचायत गौरा में आता है।

अभिलेखों के मुताबिक ग्राम पंचायत गौरा में वर्ष 2002-03 में नये प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिए लगभग नौ लाख रुपये जारी हुए। जांच रिपोर्ट के अनुसार उस समय प्रधान राम आसरे और भवन निर्माण प्रभारी और हेडमास्टर दयाराम यादव रहे। वर्तमान में ये दोनों कहां हैं। इसकी जानकारी बीएसए कार्यालय को भी नहीं है। मामला सामने आने के बाद ढूंढने की कार्रवाई तेज हो गई। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने जिला अर्थ संख्याधिकारी और डीआरडीएम के एई को जांच अधिकारी नियुक्ति किया। जांच टीम ने जो रिपोर्ट दी वह काफी चौंकाने वाली रही। जिस स्थान पर स्कूल भवन का निर्माण होना था, उस स्थान पर वर्तमान में राम सुरेश नाम व्यक्ति का कब्जा बताया गया। जमीन पर छप्पर बना मिला। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने इसे सरकारी धन का गबन मानते हुए बीएसए से आख्या मांगी। आख्या देने से पहले बीएसए ने बीईओ सदर को स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद डीएम और विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed